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शासन से पैसा तो आया पर बंटा नहीं
भास्कर युगल
Updated Thu, 02 Mar 2017 11:39 PM IST
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शासन से पैसा तो आया पर बंटा नहीं
- फोटो : अमर उजाला
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समान पक्षी विहार के विस्थापितों को मुआवजा वितरण के लिए सोमवार को 12 करोड़ रुपये की किस्त और शासन ने जारी कर दी। इस प्रकार विभिन्न किस्तों में सरकार ने जिला प्रशासन को अब तक कुल 204 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह और बात है कि पिछले 27 सालों से इंतजार कर रहे किसानों को अभी मुआवजा मिलता नहीं दिख रहा है। पर्याप्त राशि होने के बाद भी अभी तक एक भी किसान को मुआवजा नहीं मिला है। कारण किसान जहां वर्तमान सर्किल रेट से मुआवजा लेने की बात कह रहे हैं वहीं सरकार 27 साल पुराने रेट से मुआवजा देना चाह रही है।
सामान पक्षी विहार में 26 वर्ष पूर्व 1118 किसानों की 841.66 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गई थी। कृषि योग्य भूमि के मुआवजे की मांग किसान लगातार करते आ रहे हैं। शासन ने किसानों को मुआवजा देने के लिए अब तक जिला प्रशासन को 204 करोड़ रुपये दे दिए हैं। इनमें सोमवार को जारी की गई 12 करोड़ रुपये की किस्त भी शामिल है। गौरतलब है की पिछले वर्ष पक्षी विहार का निरीक्षण करने व लोगों की समस्याएं सुनने स्वयं सीएम अखिलेश यादव आए थे। मुआवजे के लिए मांग करते आ रहे किसानों की बात सुनकर सीएम ने हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था। सीएम ने मौके पर ही कहा था कि किसानों को जल्द ही मुआवजा मिलेगा। अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके बाद शासन ने पहले तो पक्षी विहार व जिले के अधिकारियों के साथ लखनऊ में बैठक कर जानकारी जुटाई। इसके बाद शासन ने विभिन्न किस्तों में अब तक कुल लगभग 204 करोड़ रुपये जिला प्रशासन को मुआवजा के लिए आवंटित कर दिए हैं। इसमें सोमवार को मिली 12 करोड़ रुपये की किस्त भी शामिल है।
चुनाव बहिष्कार का भी असर नहीं
समान पक्षी विहार के विस्थापितों ने विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी थी। यह नहीं पक्षी विहार के गेट पर तालाबंदी की और कई दिनों तक प्रदर्शन भी किया लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। मौके पर पहुंचे अधिकारियों के आश्वासन के बाद लोगों ने चुनाव बहिष्कार और प्रदर्शन वापस ले लिया था।
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मुआवजा निर्धारण को लेकर फंसा है पेंच
समान के किसान वर्तमान सर्किल रेट से मुआवजा मांग रहे हैं। वहीं जानकारों का कहना है कि यह संभव नहीं है। नियमानुसार भूमि अधिग्रहण के समय जो सर्किल रेट होता है उसी के अनुसार मुआवजा दिया जाता है। नियमानुसार किसान वर्ष 1990 के सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा लेने को तैयार नहीं है। वह वर्तमान सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा चाहते हैं। यही कारण है कि पर्याप्त राशि होने के बाद भी मुआवजा का वितरण नहीं किया जा रहा है।
किसानों की मांगों पर शासन स्तर से कोई निर्णय नहीं हुआ है। इसके चलते मुआवजा का वितरण नहीं हो पा रहा है। निर्णय होते ही मुआवजा राशि का वितरण कर दिया जाएगा।
-एके श्रीवास्तव, एडीएम मैनपुरी
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सामान पक्षी विहार में 26 वर्ष पूर्व 1118 किसानों की 841.66 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गई थी। कृषि योग्य भूमि के मुआवजे की मांग किसान लगातार करते आ रहे हैं। शासन ने किसानों को मुआवजा देने के लिए अब तक जिला प्रशासन को 204 करोड़ रुपये दे दिए हैं। इनमें सोमवार को जारी की गई 12 करोड़ रुपये की किस्त भी शामिल है। गौरतलब है की पिछले वर्ष पक्षी विहार का निरीक्षण करने व लोगों की समस्याएं सुनने स्वयं सीएम अखिलेश यादव आए थे। मुआवजे के लिए मांग करते आ रहे किसानों की बात सुनकर सीएम ने हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था। सीएम ने मौके पर ही कहा था कि किसानों को जल्द ही मुआवजा मिलेगा। अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके बाद शासन ने पहले तो पक्षी विहार व जिले के अधिकारियों के साथ लखनऊ में बैठक कर जानकारी जुटाई। इसके बाद शासन ने विभिन्न किस्तों में अब तक कुल लगभग 204 करोड़ रुपये जिला प्रशासन को मुआवजा के लिए आवंटित कर दिए हैं। इसमें सोमवार को मिली 12 करोड़ रुपये की किस्त भी शामिल है।
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चुनाव बहिष्कार का भी असर नहीं
समान पक्षी विहार के विस्थापितों ने विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी थी। यह नहीं पक्षी विहार के गेट पर तालाबंदी की और कई दिनों तक प्रदर्शन भी किया लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। मौके पर पहुंचे अधिकारियों के आश्वासन के बाद लोगों ने चुनाव बहिष्कार और प्रदर्शन वापस ले लिया था।
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मुआवजा निर्धारण को लेकर फंसा है पेंच
समान के किसान वर्तमान सर्किल रेट से मुआवजा मांग रहे हैं। वहीं जानकारों का कहना है कि यह संभव नहीं है। नियमानुसार भूमि अधिग्रहण के समय जो सर्किल रेट होता है उसी के अनुसार मुआवजा दिया जाता है। नियमानुसार किसान वर्ष 1990 के सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा लेने को तैयार नहीं है। वह वर्तमान सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा चाहते हैं। यही कारण है कि पर्याप्त राशि होने के बाद भी मुआवजा का वितरण नहीं किया जा रहा है।
किसानों की मांगों पर शासन स्तर से कोई निर्णय नहीं हुआ है। इसके चलते मुआवजा का वितरण नहीं हो पा रहा है। निर्णय होते ही मुआवजा राशि का वितरण कर दिया जाएगा।
-एके श्रीवास्तव, एडीएम मैनपुरी