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‘मुझे न्याय चाहिए साहब, सीओ को बचाने में लगा है विभाग ’

Sat, 08 Apr 2017 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी।
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी। Updated Sat, 08 Apr 2017 11:33 PM IST
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'I must have justice, sir, save the CO department'
‘मुझे न्याय चाहिए साहब, सीओ को बचाने में लगा है विभाग ’ - फोटो : अमर उजाला
‘मुझे पैसा, नौकरी कुछ नहीं चाहिए बल्कि न्याय चाहिए। हत्या में शामिल सीओ और हत्यारों पर कार्रवाई चाहिए। निलंबित सिपाहियों पर हुई कार्रवाई वापस करवाकर उन्हें जांच में लगाइए ताकि घटना का जल्द खुलासा किया जा सके।’  यह बात आगरा में बदमाशों की गोली का शिकार बने सिपाही अजय की पत्नी शकुन और उसके बड़े भाई दिनेश ने आगरा के एसपी पूर्वी रमेश प्रसाद गुप्ता से कही। वे किशनी के गांव चांदा में अजय के परिजनों से मिलने आए थे। उन्होंने ही सरकार से सिपाही के परिवार को 20 लाख रुपये की राहत राशि दिए जाने की सूचना दी।
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परिजनों से बातचीत के दौरान मृतक की पत्नी व बड़े भाई दिनेश यादव ने खुलकर फतेहाबाद सीओ पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि विभाग उन्हें बचाने में लगा है। उन्होंने  बताया कि सीओ हत्या वाले दिन 12 बजे दोपहर से छुट्टी लेकर सरकारी आवास पर रहे। इसकी जांच होनी चाहिए। मृतक की पत्नी शकुन के साथ मृतक के भाई दिनेश ने भी अन्न त्याग दिया है। दोनों का कहना है कि हत्या के पीछे सीओ का पूरा हाथ है। टीम के दो सिपाहियों रियाजुद्दीन व मदन को सस्पेंड कर दिया गया। उनका कहना है कि अब दोनों के ऊपर अधिकारी दबाव बना रहे हैं कि मुंह मत खोल देना नहीं तो तुम्हारी नौकरी चली जाएगी। अजय की पत्नी ने बताया कि सीओ अशोक कुमार का इतिहास पता करना है तो कासगंज से पता कर लीजिए। वहां भी दो सिपाहियों की हत्या में उनका नाम शामिल था। उस जांच को रुपये देकर समाप्त करा दिया। आगरा जिले के उच्चाधिकारी सीओ को बचाने में लगे हैं।
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इस संबंध में अजय की पत्नी शकुन व दिनेश ने कहा कि सीओ ने अजय के विरुद्ध जो उच्चाधिकारियों को लिखा है वह निंदनीय है। एक ओर बहादुरी के लिए आईजी व एसएसपी से प्रशस्ति पत्र और दूसरी तरफ ये कहानी गढ़ी जा रही है।  
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मृतक अजय के भाई दिनेश ने एसपी को यह भी बताया कि मथुरा के हथिया गांव में एसओजी का सिपाही सतेंद्र बदमाशों की गोली का शिकार हुआ था और अधिकारी भी भाग गए थे। तब यही अजय था जो एक हाथ से फायरिंग कर मृत साथी को कंधे पर रखकर लाया था। हत्या वाली शाम सीओ सरकारी आवास में पड़े रहे अस्पताल तक क्यों नहीं गए आरोप तो बाद में लगे थे। पत्नी ने कहा मेरे पति को सुपारी देकर मरवाया गया है। छोटा-मोटा बदमाश मेरे पति को नहीं मार सकता। वे कुश्ती चैंपियन थे। एसपी ने उन्हें मामले के जल्द खुलासे का आश्वासन दिया।

मृतक की पत्नी की जांच करने पहुंची डॉक्टर टीम
अन्न जल त्यागने की खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद सीएचसी से प्रभारी डॉक्टर शंभू सिंह ने मृतक की पत्नी की जांच कर ड्रिप से ग्लूकोस दिया ओर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।


20 लाख की मदद मिलेगी
एसपी रमेश प्रसाद गुप्ता ने जाते समय दिनेश को बताया कि आर्थिक मदद के रूप में सरकार से 20 लाख रुपये देने का ऐलान किया गया है। दिनेश ने एसपी से 20 जनवरी से हत्या वाले दिन तक कि काल डिटेल मांगी है।
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