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आग से सैकड़ों बीघा फसल जलकर राख
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी।
Updated Tue, 11 Apr 2017 11:25 PM IST
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आग से सैकड़ों बीघा फसल जलकर राख
- फोटो : अमर उजाला
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मंगलवार को भी देहात क्षेत्र में आग ने कई बीघा फसलों को चपेट में लिया। करहल में जहां 250 बीघा फसल जल गई। वहीं कुसमरा में बिजली के तार से निकली चिंगारी से 72 बीघा फसल राख हो गई। इसके अलावा कुरावली में भी एक घर में आग लगने से सारा सामान जल गया।
करहल में ममसीरपुर और कमलपुर ग्रामसभाओं में आग से 250 बीघा फसल जल गई। ग्रामीणों के अनुसार दोनों गांवों की सीमा एक दूसरे से लगी हुई हैं। दोपहर दो बजे के करीब अचानक ग्राम ममसीरपुर में जयकिशन के खेत में खड़ी गेहूं की फसल से आग लग गई। हवा के झोंकों के साथ ये तेजी से भड़की। ग्रामीण बाल्टियंा आदि लेकर आग बुझाने को खेतों की ओर दौड़ पड़े। फायर ब्रिगेड को भी सूचना दे दी गई। हवा के झोंकों के साथ आग ने तेजी से एक के बाद एक करके विमल दुबे, परीक्षित, घनश्याम, लखपत सिंह, भिखारी, उत्तम चंद आदि के खेतों को चपेट में ले लिया। किसानों के उसे बुझाने के प्रयास सफल नहीं हो पाए और आग बेकाबू तरीके से बढ़ती चली गई। हालांकि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां जल्द ही मौके पर पहुंच गईं लेकिन तब तक आग गांव कमलपुर तक के खेतों की फसल को भी चपेट में ले चुकी थी।
दमकलकर्मियों ने दो घंटे तक भी आग नहीं बुझा सकी। एक दर्जन से अधिक किसानों की ढाई सौ बीघा पकी पकाई गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ गई। कुछ किसान तो आंखों के सामने ही आग की लपटों में फसल जलते देखकर गश खाकर गिर पड़े। सूचना मिलने पर उप जिलाधिकारी व सीओ पुलिस दल बल के साथ गांव में पहुंचे और अग्निकांड से हुई क्षति को देखा।
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कुसमरा में सुबह दस बजे नगर निवासी मनोरमा मिश्रा के गेहूं के एक खेत में आग लग गई। इसमे उनकी 11 बीघा गेहूं की फसल तबाह हो गई। इस कारण हवा से साथ उड़ी चिंगारियों ने आसपास के सभी खेतों में आग फैला दी। इसमें प्रह्लाद सिंह की 25 बीघा फसल तबाह हो गई। पास के खेतों में गेहूं की फसल कटाई करा रहे किसानों को जब आग का पता चला, तो अफरातफरी मच गई। किसानों ने पुलिस को जानकारी दी। आग इतनी भीषण थी की किसी की भी पास जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी। उसी समय वहां आरएसएस के जिला प्रचारक रोहित स्वयं सेवकों के साथ पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। वहीं कुशलपुर नगरिया में जगदीश के खेत में देर शाम सात बजे हाईटेंशन लाइन का ताल टूट कर गिरने से एक बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इस दौरान नेजा चढ़ाकर लौट रहे लगभग 50 लोगों ने खेत में लगी आग को मशक्कत के बाद बुझाया। किसानों ने शासन- प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
खेतों में आग लगने पर जब किसान परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे, तो उनका कलेजा कांप गया।
कुरावली के ग्राम फतेहजंगपुर निवासी किसान के घर में अचानक आग लग गई। इससे किसान का हजारों रुपये का नुकसान हो गया। विशुनदयाल के मकान में मंगलवार सुबह आठ बजे अचानक धुआं उठने लगा। जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक मकान से आग की लपटें आसमान छूने लगीं। मौके पर दर्जनों की संख्या में ग्रामीण पहुंच गये। आग से तीन हजार रुपये नकद, एक रंगीन टीवी, चार चारपाई सहित घरेलू सामान जलकर राख हो गया।
पीड़ितों के घर पहुंचे विधायक
मंगलवार को किशनी विधायक ब्रजेश कठेरिया हिम्मतपुर पहुंचे। सोमवार को हिम्मतपुर में चूल्हे से निकली चिंगारी से गांव के कई घरों में नुकसान हो गया था। आग से गांव में 10 बकरियों के अलावा गृहस्थी का काफी सामान भी नष्ट हो गया था। विधायक ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक नुकसान के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सोमवार शाम को फरेंजी गांव के कोटा डीलर ने पीड़ित परिवारों के लिए राशन की व्यवस्था की। इस दौरान उनके साथ प्रवेश यादव गुड्डू,संजीव यादव,रामबाबू सविता,सतीश सविता मौजूद रहे।
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करहल में ममसीरपुर और कमलपुर ग्रामसभाओं में आग से 250 बीघा फसल जल गई। ग्रामीणों के अनुसार दोनों गांवों की सीमा एक दूसरे से लगी हुई हैं। दोपहर दो बजे के करीब अचानक ग्राम ममसीरपुर में जयकिशन के खेत में खड़ी गेहूं की फसल से आग लग गई। हवा के झोंकों के साथ ये तेजी से भड़की। ग्रामीण बाल्टियंा आदि लेकर आग बुझाने को खेतों की ओर दौड़ पड़े। फायर ब्रिगेड को भी सूचना दे दी गई। हवा के झोंकों के साथ आग ने तेजी से एक के बाद एक करके विमल दुबे, परीक्षित, घनश्याम, लखपत सिंह, भिखारी, उत्तम चंद आदि के खेतों को चपेट में ले लिया। किसानों के उसे बुझाने के प्रयास सफल नहीं हो पाए और आग बेकाबू तरीके से बढ़ती चली गई। हालांकि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां जल्द ही मौके पर पहुंच गईं लेकिन तब तक आग गांव कमलपुर तक के खेतों की फसल को भी चपेट में ले चुकी थी।
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दमकलकर्मियों ने दो घंटे तक भी आग नहीं बुझा सकी। एक दर्जन से अधिक किसानों की ढाई सौ बीघा पकी पकाई गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ गई। कुछ किसान तो आंखों के सामने ही आग की लपटों में फसल जलते देखकर गश खाकर गिर पड़े। सूचना मिलने पर उप जिलाधिकारी व सीओ पुलिस दल बल के साथ गांव में पहुंचे और अग्निकांड से हुई क्षति को देखा।
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कुसमरा में सुबह दस बजे नगर निवासी मनोरमा मिश्रा के गेहूं के एक खेत में आग लग गई। इसमे उनकी 11 बीघा गेहूं की फसल तबाह हो गई। इस कारण हवा से साथ उड़ी चिंगारियों ने आसपास के सभी खेतों में आग फैला दी। इसमें प्रह्लाद सिंह की 25 बीघा फसल तबाह हो गई। पास के खेतों में गेहूं की फसल कटाई करा रहे किसानों को जब आग का पता चला, तो अफरातफरी मच गई। किसानों ने पुलिस को जानकारी दी। आग इतनी भीषण थी की किसी की भी पास जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी। उसी समय वहां आरएसएस के जिला प्रचारक रोहित स्वयं सेवकों के साथ पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। वहीं कुशलपुर नगरिया में जगदीश के खेत में देर शाम सात बजे हाईटेंशन लाइन का ताल टूट कर गिरने से एक बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इस दौरान नेजा चढ़ाकर लौट रहे लगभग 50 लोगों ने खेत में लगी आग को मशक्कत के बाद बुझाया। किसानों ने शासन- प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
खेतों में आग लगने पर जब किसान परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे, तो उनका कलेजा कांप गया।
कुरावली के ग्राम फतेहजंगपुर निवासी किसान के घर में अचानक आग लग गई। इससे किसान का हजारों रुपये का नुकसान हो गया। विशुनदयाल के मकान में मंगलवार सुबह आठ बजे अचानक धुआं उठने लगा। जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक मकान से आग की लपटें आसमान छूने लगीं। मौके पर दर्जनों की संख्या में ग्रामीण पहुंच गये। आग से तीन हजार रुपये नकद, एक रंगीन टीवी, चार चारपाई सहित घरेलू सामान जलकर राख हो गया।
पीड़ितों के घर पहुंचे विधायक
मंगलवार को किशनी विधायक ब्रजेश कठेरिया हिम्मतपुर पहुंचे। सोमवार को हिम्मतपुर में चूल्हे से निकली चिंगारी से गांव के कई घरों में नुकसान हो गया था। आग से गांव में 10 बकरियों के अलावा गृहस्थी का काफी सामान भी नष्ट हो गया था। विधायक ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक नुकसान के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सोमवार शाम को फरेंजी गांव के कोटा डीलर ने पीड़ित परिवारों के लिए राशन की व्यवस्था की। इस दौरान उनके साथ प्रवेश यादव गुड्डू,संजीव यादव,रामबाबू सविता,सतीश सविता मौजूद रहे।