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बिना बैनामा के कैसे होगा निर्माण पूरा
भ्ाास्कर युगल
Updated Wed, 21 Dec 2016 11:49 PM IST
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बिना बैनामा के कैसे होगा निर्माण पूरा
- फोटो : अमर उजाला
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जिले की करहल तहसील से होकर गुजर रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए करीब 70 किसानों ने अभी तक बैनामा नहीं किया है। यही कारण है कि अभी तक करहल में इंटरचेंज का भी निर्माण नहीं हो सका है।
मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ग्रीन फील्ड एक्सप्रे वे का 15 किमी हिस्सा जिले की करहल तहसील से होकर गुजर रहा है। इसके लिए अभी तक तहसील के 70 किसानों ने अपनी जमीनों का बैनामा नहीं किया है। यही कारण है कि अभी तक न तो मैनपुरी इटावा रोड पर एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज ही बन सका है न ही कई स्थानों पर सर्विस रोड। उक्त किसान वे प्रभावित लोग हैं जो सरकार के दिए गए मुआवजे को लेकर संतुष्ट नहीं है। इनमें से कई को आबादी के हिसाब से मुआवजा चाहिए तो कई को सड़क किनारे के रेट से मुआवजा चाहिए। जबकि सरकार के अभिलेखों के अनुसार उक्त लोगों को उनकी मांगों के अनुसार मुआवजा नहीं दिया जा सकता है। यही कारण है कि लोगों ने न तो अभी तक मुआवजा लिया है और न ही एक्सप्रेस वे अथारिटी के पक्ष में अपनी जमीनों कै बैनामा किया है। ऐसे किसानों की कुल संख्या करीब 70 है। साथ ही इन किसानों को लगभग दो हेक्टेयर जमीन का बैनामा किया जाना शेष है।
जिन किसानों ने अभी अपनी जमीनों का बैनामा नहीं किया है। उनसे बातचीत चल रही है। शीघ्र ही उनकी जमीनों के भी बैनामा कराकर उन्हें मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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सीपी सिंह, डीएम, मैनपुरी
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मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ग्रीन फील्ड एक्सप्रे वे का 15 किमी हिस्सा जिले की करहल तहसील से होकर गुजर रहा है। इसके लिए अभी तक तहसील के 70 किसानों ने अपनी जमीनों का बैनामा नहीं किया है। यही कारण है कि अभी तक न तो मैनपुरी इटावा रोड पर एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज ही बन सका है न ही कई स्थानों पर सर्विस रोड। उक्त किसान वे प्रभावित लोग हैं जो सरकार के दिए गए मुआवजे को लेकर संतुष्ट नहीं है। इनमें से कई को आबादी के हिसाब से मुआवजा चाहिए तो कई को सड़क किनारे के रेट से मुआवजा चाहिए। जबकि सरकार के अभिलेखों के अनुसार उक्त लोगों को उनकी मांगों के अनुसार मुआवजा नहीं दिया जा सकता है। यही कारण है कि लोगों ने न तो अभी तक मुआवजा लिया है और न ही एक्सप्रेस वे अथारिटी के पक्ष में अपनी जमीनों कै बैनामा किया है। ऐसे किसानों की कुल संख्या करीब 70 है। साथ ही इन किसानों को लगभग दो हेक्टेयर जमीन का बैनामा किया जाना शेष है।
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जिन किसानों ने अभी अपनी जमीनों का बैनामा नहीं किया है। उनसे बातचीत चल रही है। शीघ्र ही उनकी जमीनों के भी बैनामा कराकर उन्हें मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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सीपी सिंह, डीएम, मैनपुरी