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Heart Attack: सर्दी बढ़ा रही दिल की धड़कन...एक सप्ताह में सात मरीजों की मौत, चिकित्सक ने बताए बचाव के तरीके
Sat, 10 Jan 2026 08:41 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sat, 10 Jan 2026 08:41 PM IST
सार
सर्दी का प्रकोप जारी है। कड़ाके की ठंड हृदय रोगियों के लिए काल बन रही है। एक सप्ताह में सात मरीजों की माैत हो चुकी है। ऐसे में चिकित्सकों ने बचाव के लिए मरीजों को उपाय बताए हैं।
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ब्लड प्रेशर चेक कराते मरीज।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
कड़ाके की सर्दी दिल के मरीजों के लिए मुसीबत बन रही हैं। रक्तचाप बढ़ने से दिल के मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल के कक्ष संख्या छह में मरीजों की भीड़ ब्लड प्रेशर की जांच के लिए पहुंच रही है। पिछले एक सप्ताह में उच्च रक्तचाप के कारण सात मरीजों की मौत हो चुकी है।
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में प्रतिदिन 800 से 900 लोग ओपीडी में नए पर्चे बनवाते हैं। इसमें हृदय रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 100 से 150 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 80 से 90 मरीज रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) की समस्या लेकर आते हैं। पूर्व में हृदय रोग विभाग में 40 से 50 मरीज ही पहुंचते थे। प्रभारी सीएमएस डॉ. जेजे राम के अनुसार सर्दी में दिल को खून पहुंचाने वाली नसों में सिकुड़न बढ़ जाती है। रक्तचाप तेज हो सकता है। दिल पर दबाव बढ़ने से ऑक्सीजन की मांग में इजाफा होता है, जो दिल के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकता है। इससे हृदयाघात होने का खतरा बढ़ सकता है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुमित कुमार बताते हैं कि हृदय रोगी ही नहीं, बल्कि सामान्य लोगों को भी ठंड में सतर्क रहना चाहिए। सर्दी में सिर, सीना और कानों को ढककर रखें। ठंडे पानी से स्नान करने से बचें। हमेशा गुनगुने या गर्म पानी से नहाएं। सुबह और देर रात ठंड अधिक होने पर बाहर निकलने से बचें। सीने में दर्द, घबराहट, पसीना आने या सांस लेने में तकलीफ होने पर लापरवाही न बरतें। समय-समय पर रक्तचाप व शुगर की जांच कराते रहें। नमक, चीनी व तले-भुने खाने से परहेज करें, दवाएं नियमित रूप से लें।
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महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में प्रतिदिन 800 से 900 लोग ओपीडी में नए पर्चे बनवाते हैं। इसमें हृदय रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 100 से 150 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 80 से 90 मरीज रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) की समस्या लेकर आते हैं। पूर्व में हृदय रोग विभाग में 40 से 50 मरीज ही पहुंचते थे। प्रभारी सीएमएस डॉ. जेजे राम के अनुसार सर्दी में दिल को खून पहुंचाने वाली नसों में सिकुड़न बढ़ जाती है। रक्तचाप तेज हो सकता है। दिल पर दबाव बढ़ने से ऑक्सीजन की मांग में इजाफा होता है, जो दिल के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकता है। इससे हृदयाघात होने का खतरा बढ़ सकता है।
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इन बातों का रखें विशेष ध्यान
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुमित कुमार बताते हैं कि हृदय रोगी ही नहीं, बल्कि सामान्य लोगों को भी ठंड में सतर्क रहना चाहिए। सर्दी में सिर, सीना और कानों को ढककर रखें। ठंडे पानी से स्नान करने से बचें। हमेशा गुनगुने या गर्म पानी से नहाएं। सुबह और देर रात ठंड अधिक होने पर बाहर निकलने से बचें। सीने में दर्द, घबराहट, पसीना आने या सांस लेने में तकलीफ होने पर लापरवाही न बरतें। समय-समय पर रक्तचाप व शुगर की जांच कराते रहें। नमक, चीनी व तले-भुने खाने से परहेज करें, दवाएं नियमित रूप से लें।
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