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Mainpuri News: हत्या के मामले में साक्ष्यों के अभाव में चार आरोपी बरी
Thu, 08 Oct 2026 11:40 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Updated Thu, 08 Oct 2026 11:40 PM IST
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मैनपुरी। थाना घिरोर क्षेत्र के गांव शाहजहांपुर में वर्ष 2020 में अमरपाल की संदिग्ध मौत के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने फैसला सुनाया है। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में चार आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त (बरी) कर दिया है।
घटना 15 जून 2020 की है। सत्यप्रकाश ने थाना घिरोर में शिकायत दर्ज कराई थी कि जमीन के विवाद प्रवीन, धर्मेंद्र, भूपेंद्र और सुखवीर ने उनके भाई अमरपाल को फुलेल बाबा आश्रम के पास ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला। पुलिस ने हत्या सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर चार्जशीट न्यायालय में पेश की थी। न्यायालय में सुनवाई के दौरान प्राथमिकी में जिन सगे भाइयों अशोक व शेरसिंह के आधार पर घटना देखने का दावा किया गया था, उनमें से अशोक ने अदालत में बयान देकर किसी भी प्रकार की घटना देखने से साफ मना कर दिया। वहीं बाद में सामने आए कथित चश्मदीद गवाहों के बयानों और पुलिस की लिखापढ़ी में विरोधाभास पाया गया। अदालत ने माना कि मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्य नहीं है और परिस्थितियों का ताना-बाना भी आरोपों की पुष्टि नहीं करता। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपेश रंजन ने चारों आरोपियों को बरी करने का आदेश जारी किया।
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घटना 15 जून 2020 की है। सत्यप्रकाश ने थाना घिरोर में शिकायत दर्ज कराई थी कि जमीन के विवाद प्रवीन, धर्मेंद्र, भूपेंद्र और सुखवीर ने उनके भाई अमरपाल को फुलेल बाबा आश्रम के पास ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला। पुलिस ने हत्या सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर चार्जशीट न्यायालय में पेश की थी। न्यायालय में सुनवाई के दौरान प्राथमिकी में जिन सगे भाइयों अशोक व शेरसिंह के आधार पर घटना देखने का दावा किया गया था, उनमें से अशोक ने अदालत में बयान देकर किसी भी प्रकार की घटना देखने से साफ मना कर दिया। वहीं बाद में सामने आए कथित चश्मदीद गवाहों के बयानों और पुलिस की लिखापढ़ी में विरोधाभास पाया गया। अदालत ने माना कि मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्य नहीं है और परिस्थितियों का ताना-बाना भी आरोपों की पुष्टि नहीं करता। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपेश रंजन ने चारों आरोपियों को बरी करने का आदेश जारी किया।
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