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मांगें पूरी न हुई तो डटे रहेंगे धरने पर
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Thu, 14 Jul 2016 11:18 PM IST
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धरना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का कलक्ट्रेट पर धरना जारी है। कार्यकत्रियों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी वह धरना जारी रखेंगी।
चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का धरना चार दिन से चल रहा है। चार दिन से यह कार्यकत्री धरनास्थल पर ही दिन और रात बैठी हैं। इनका कहना है कि जबतक शासन और प्रशासन इनकी मांगें नहीं मानेगा। तब तक यह ऐसे ही धरने पर बैठी रहेंगी। धरनास्थल को ही अपना घर बना लेंगी। वहीं धरना समाप्त न होने के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं और बच्चों को मिलने वाली सुविधा नहीं मिल रही है।
जिलाध्यक्ष सरिता शाक्य ने कहा कि ग्राम प्रधानों के साथ संयुक्त खाता खुलवाने का निर्णय वापस लिया जाए। कारण, प्रधानों का व्यवहार उन लोगों के साथ सही नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बीएलओ के पद से हटाया जाए। 25 मई को सरकार के साथ हुए लिखित समझौते के तहत मुख्यमंत्री से वार्ता कराकर 15 हजार मानदेय दिय जाए। साथ ही कार्यकत्रियों के साथ अभद्रता करने वाले ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मौके पर सभी कार्यकत्री मौजूद रहीं।
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चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का धरना चार दिन से चल रहा है। चार दिन से यह कार्यकत्री धरनास्थल पर ही दिन और रात बैठी हैं। इनका कहना है कि जबतक शासन और प्रशासन इनकी मांगें नहीं मानेगा। तब तक यह ऐसे ही धरने पर बैठी रहेंगी। धरनास्थल को ही अपना घर बना लेंगी। वहीं धरना समाप्त न होने के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं और बच्चों को मिलने वाली सुविधा नहीं मिल रही है।
जिलाध्यक्ष सरिता शाक्य ने कहा कि ग्राम प्रधानों के साथ संयुक्त खाता खुलवाने का निर्णय वापस लिया जाए। कारण, प्रधानों का व्यवहार उन लोगों के साथ सही नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बीएलओ के पद से हटाया जाए। 25 मई को सरकार के साथ हुए लिखित समझौते के तहत मुख्यमंत्री से वार्ता कराकर 15 हजार मानदेय दिय जाए। साथ ही कार्यकत्रियों के साथ अभद्रता करने वाले ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मौके पर सभी कार्यकत्री मौजूद रहीं।
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