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बूंदाबांदी से गिरा पारा, गर्मी से मिली राहत

Mon, 09 May 2016 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी Updated Mon, 09 May 2016 11:08 PM IST
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Drizzle dropped mercury, heat relief
बारिश - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सोमवार को मौसम एकदम बदला। सुबह जहां देहात में बूंदाबांदी हुई तो दोपहर बाद शहर में कुछ देर बारिश हुई। इसके बाद चली ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रविवार तक जहां तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पर था, वहीं आज 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान में छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, इस बारिश से जायद की फसल करने वाले किसानों ने राहत की सांस ली। हालांकि कुछ एक किसानों का खलियान खेतों में पड़ा है उसके भीगने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई दीं। 
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पिछले एक पखवाड़े से गरमी चरम पर थी। अधिकतम तापमान 43 से 46 डिग्री सेल्सियस तक रहने के कारण लोग परेशान थे। रविवार को जहां अधिकतम तापमान लगभग 42 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। वहीं सोमवार को मौसम के बदले रुख ने लोगों को राहत की सांस दी। सुबह जहां औंछा और घिरोर क्षेत्र में बूंदाबांदी हुई। वहीं दोपहर बाद जिलेभर में बारिश का दौर शुरू हो गया। दोपहर में लगभग दो घंटे तक कभी तेज तो कभी हल्की बूंदाबांदी होती रही। इसके चलते सुबह जहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस था, वहीं बारिश व हवाएं चलने के बाद पारा गिरकर 36 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इससे लोगों को चिलचिलाती गर्मी से काफी राहत मिली।
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मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश जायद की फसलों के लिए लाभकारी है। किसान हेतराम ने कहा कि उसने जायद की फसल की है। हल्की बूंदाबांदी से उसकी फसल को लाभ होगा। यदि मौसम ऐसा ही रहता है तो उसे फसल में जल्दी, जल्दी पानी नहीं लगाना पड़ेगा। वहीं खाली पड़े खेतों में भी जुताई की जा सकेगी। जो खरीफ की फसलों के लिए लाभकारी होगी। हालांकि जिन किसानों की फसल अभी कटने के बाद खलिहान में पड़ी है। इस बूंदाबांदी के बाद उनके चेहरों पर शिकन देखने को मिली। उन्हें डर था कि यदि बारिश तेज हुई तो उनकी फसल भीगने से खराब हो जाएगी। वहीं भूसा भी खराब हो जाएगा। हालांकि वर्तमान में मात्र पांच से 10 फीसदी फसल ही खलिहानों में पड़ी है।
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