UP: भगवान भरोसे मैनपुरी में जिला अस्पताल की इमरजेंसी, घंटों गायब रहे ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर; भटकते रहे मरीज
जिला अस्पताल स्थिति बदहाल मिली। दोपहर 12:15 बजे से 1:45 बजे तक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर गायब थे। करीब डेढ़ घंटे तक इमरजेंसी सेवाएं बिना डॉक्टर के ही चलती रहीं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल की स्थिति रामभरोसे है। यहां डॉक्टरों की मनमानी के कारण मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। मरीज उपचार के लिए भटकते रहते हैं। शुक्रवार की दोपहर जिला अस्पताल की इमरजेंसी डेढ़ घंटे तक बिना डॉक्टर के ही चलती रही। यहां तैनात ईएमओ बिना किसी जानकारी के गायब रहे।
वर्तमान समय में बुखार का कहर चल रहा है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में 100 से 150 मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। लेकिन यहां तैनात डाॅक्टर की मनमानी के कारण मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात ईएमओ अधिकतर गायब ही रहते हैं।
यह भी पढ़ेंः- UP: डॉक्टर-एजेंटो ने मिलकर रची शर्मनाक साजिश, प्रसव के बाद बिकवा दिया नवजात; जागी मां की ममता तो हुआ ये अंजाम
शुक्रवार की दोपहर अमर उजाला की टीम को जिला अस्पताल स्थिति बदहाल मिली। दोपहर 12:15 बजे से 1:45 बजे तक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर गायब थे। करीब डेढ़ घंटे तक इमरजेंसी सेवाएं बिना डॉक्टर के ही चलती रहीं। इस दौरान यहां आने वाले मरीजों को स्टाफ नर्स और प्रशिक्षु उपचार देते हुए देखे गए।
इमरजेंसी में तैनात फार्मासिस्ट से जब इस बात की जानकारी ली गई कि डॉक्टर कहां हैं तो वो भी झूठ बोलते हुए नजर आए। उन्होंने बताया कि मरीज देख रहे हैं। लेकिन जब इमरजेंसी के वार्ड को देखा गया था कहीं भी डॉक्टर साहब मरीज देखते हुए नजर नहीं आए। इसके बाद फिर से स्टाफ से पूछा गया कि डॉक्टर कहां हैं तो बताया गया कि वो इंडोर में गए हुए हैं। अमर उजाला की टीम इंडोर में भी पहुंची लेकिन यहां भी टीम को डॉक्टर नहीं मिले। डेढ़ घंटे तक अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं रामभरोसे चलती रहीं।
यह भी पढ़ेंः- Agra: भरी तहसील में बहू ने पति व ससुर पर बरसाए लात-घूंसे और चप्पल, वीडियो आया सामने
बेंच और कुर्सी पर भर्ती थे बुखार के मरीज
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में शुक्रवार को ईएमओ गायब थे इस दौरान मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल सका। शहर के भांवत चौराहा निवासी अतुल कुमार की दो साल की पुत्री नायरा बुखार से पीड़ित होकर जिला अस्पताल पहुंची थी। यहां डॉक्टर नहीं मिलने के कारण काफी देर तक नायरा की मां सुषमा उसे गोद में लेकर इमरजेंसी के बाहर होमगार्ड की कुर्सी पर बैठी रही।
होमगार्ड ने बच्ची के सर पर कपड़ा भिगोकर रखवाया। एलाऊ निवासी मनोज कुमार के पुत्र लोकेश को भी परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे उसे 12 बजे से डेढ़ बजे तक उपचार नहीं मिल सका। परिजन उसे इमरजेंसी में बेंच पर लिटाए हुए देखे गए।
ड्यूटी के दौरान प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं डॉक्टर
अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि इमरजेंसी में तैनात ईएमओ जिनकी शुक्रवार को दोपहर ड्यूटी थी। पूर्व में मैनपुरी में हड्डी रोग विशेषज्ञ के रूप में तैनात रहे हैं। वे ड्यूटी के दौरान प्राइवेट प्रैक्टिस के लिए निकल जाते हैं और घंटे इमरजेंसी ड्यूटी से गायब रहते हैं। ऐसा एक दिन नहीं प्रतिदिन होता है। जब कोई हंगामा होता है तो स्टाफ उन्हें फोन कर देता है और वे अस्पताल पहुंच जाते हैं।
शुक्रवार को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉ. आदर्श सेंगर की ड्यूटी थी। वो ड्यूटी से गायब रहे हैं, इसकी जानकारी नहीं है। वीडियो मिला है उसकी जांच कराई जा रही है। यदि डॉक्टर गायब रहे हैं तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. मदनलाल, सीएमएस