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ताबड़तोड़ फायरिंग कर की एक की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sun, 27 Nov 2016 11:14 PM IST
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मौके पर पड़ी क्षतिग्रस्त बाइक
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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थाना क्षेत्र के बझेरा पुल पर रविवार शाम बदमाशों ने बाइक सवार दो लोगों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने घायलों को सैफई भेजा। उपचार के दौरान एक की मौत हो गई, जबकि दूसरे की हालत गंभीर है। इस दौरान करीब आधा घंटे तक मार्ग पर जाम के हालात बने रहे।
गांव मनौना निवासी थानेदार सिंह साथी मलखान शाम करीब साढ़े पांच बजे बाइक से करहल से गांव लौट रहे थे। बाइक जब बझेरा पुल के समीप पहुंची तभी दो बाइक पर सवार अज्ञात हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद बाइक असंतुलित होकर सड़क पर गिर र्गई। गोलियों की आवाज सुनकर वहां मौजूद ग्रामीण घटना स्थल की ओर दौड़ पडे़। ग्रामीणों को आता देख हमलावर वहां से भाग गए। कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने दोनों घायलों को गंभीर हालत में सैफई भेजा। उसके साथ एक एसआई को भी रवाना किया। सैफई में थानेदार सिंह की मौत हो गई।
मृतक है चौहरे हत्याकांड का गवाह
रविवार शाम को थाना क्षेत्र के बझेरा पुल पर फायरिंग में मृतक और घायल दो वर्ष पूर्व असरोही में चौहरे हत्याकांड के गवाह हैं। गवाहों पर हमले से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। देर रात पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में दबिश देने के लिए रवाना कर दी गई थीं। वहीं मौके पर फोर्स तैनात कर दी है।
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उल्लेखनीय है कि थाना करहल क्षेत्र के गांव मनौना निवासी थानेदार सिंह और मलखान सिंह वर्ष 2014 में गांव असरोही में हुए चौहरे हत्याकांड के गवाह हैं। उल्लेखनीय है कि 20 सितंबर 2014 को प्रधानी की रंजिश में दिनदहाड़े सुबह 10:30 बजे असरोही गांव में बाइक सवार सात बदमाशों ने दो सगे भाइयों समेत चार की गोलियां से भूनकर हत्या कर दी थी। इनमें बदमाशों ने जान बचाकर शराब के ठेके में घुसे नीरज यादव (25) की शराब ठेका के अंदर हत्या की गई थी। विरोध करने पर ठेके के सेल्समैन अखिलेश यादव (28) और उसके साथी सुशील यादव (25) को भी मौत के घाट उतार दिया गया था। ठेके की छत पर करीब पौन घंटे तक फायरिंग कर दहशत फैलाने के बाद हमलावर सिरसागंज की ओर गए तो वहां नीरज का छोटा भाई सोनू यादव (22) की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के पीछे मनौना के पूर्व प्रधान जगन्नाथ सिंह यादव और उनके चुनाव में प्रतिद्वंद्वी रहे अकबर सिंह यादव के बीच चल रही रंजिश वजह थी। इस घटना में गवाह भी पुलिस की कड़ी सुरक्षा में पेशी पर लाए जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार दोनों ही लोग उक्त सामूहिक हत्याकांड में प्रमुख गवाह हैं। यही कारण है कि इन पर जानलेवा हमला किया गया है।
इस संबंध में एसपी सुनील कुमार सक्सेना का कहना है कि सामूहिक हत्याकांड में दोनों लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। अभी देर रात तक तहरीर नहीं मिली है। पुलिस की टीमें फायरिंग करने वालों की तलाश में रवाना कर दी गई हैं। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों को मनौना और असरोही गांव में भेजा गया है ताकि लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
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गांव मनौना निवासी थानेदार सिंह साथी मलखान शाम करीब साढ़े पांच बजे बाइक से करहल से गांव लौट रहे थे। बाइक जब बझेरा पुल के समीप पहुंची तभी दो बाइक पर सवार अज्ञात हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद बाइक असंतुलित होकर सड़क पर गिर र्गई। गोलियों की आवाज सुनकर वहां मौजूद ग्रामीण घटना स्थल की ओर दौड़ पडे़। ग्रामीणों को आता देख हमलावर वहां से भाग गए। कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने दोनों घायलों को गंभीर हालत में सैफई भेजा। उसके साथ एक एसआई को भी रवाना किया। सैफई में थानेदार सिंह की मौत हो गई।
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मृतक है चौहरे हत्याकांड का गवाह
रविवार शाम को थाना क्षेत्र के बझेरा पुल पर फायरिंग में मृतक और घायल दो वर्ष पूर्व असरोही में चौहरे हत्याकांड के गवाह हैं। गवाहों पर हमले से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। देर रात पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में दबिश देने के लिए रवाना कर दी गई थीं। वहीं मौके पर फोर्स तैनात कर दी है।
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उल्लेखनीय है कि थाना करहल क्षेत्र के गांव मनौना निवासी थानेदार सिंह और मलखान सिंह वर्ष 2014 में गांव असरोही में हुए चौहरे हत्याकांड के गवाह हैं। उल्लेखनीय है कि 20 सितंबर 2014 को प्रधानी की रंजिश में दिनदहाड़े सुबह 10:30 बजे असरोही गांव में बाइक सवार सात बदमाशों ने दो सगे भाइयों समेत चार की गोलियां से भूनकर हत्या कर दी थी। इनमें बदमाशों ने जान बचाकर शराब के ठेके में घुसे नीरज यादव (25) की शराब ठेका के अंदर हत्या की गई थी। विरोध करने पर ठेके के सेल्समैन अखिलेश यादव (28) और उसके साथी सुशील यादव (25) को भी मौत के घाट उतार दिया गया था। ठेके की छत पर करीब पौन घंटे तक फायरिंग कर दहशत फैलाने के बाद हमलावर सिरसागंज की ओर गए तो वहां नीरज का छोटा भाई सोनू यादव (22) की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के पीछे मनौना के पूर्व प्रधान जगन्नाथ सिंह यादव और उनके चुनाव में प्रतिद्वंद्वी रहे अकबर सिंह यादव के बीच चल रही रंजिश वजह थी। इस घटना में गवाह भी पुलिस की कड़ी सुरक्षा में पेशी पर लाए जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार दोनों ही लोग उक्त सामूहिक हत्याकांड में प्रमुख गवाह हैं। यही कारण है कि इन पर जानलेवा हमला किया गया है।
इस संबंध में एसपी सुनील कुमार सक्सेना का कहना है कि सामूहिक हत्याकांड में दोनों लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। अभी देर रात तक तहरीर नहीं मिली है। पुलिस की टीमें फायरिंग करने वालों की तलाश में रवाना कर दी गई हैं। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों को मनौना और असरोही गांव में भेजा गया है ताकि लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।