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Jind News: ब्रेन सर्जरी के बाद अधिवक्ता की मौत, अस्पताल निदेशक समेत तीन पर एफआईआर
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जींद। ब्रेन सर्जरी के बाद अधिवक्ता पुष्पेंद्र की मौत के मामले में अदालत के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने वीरवार को तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों में डॉ. नमन तनेजा, डॉ. कनिका और चौ. कुलदीप मेमोरियल अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर के निदेशक दीपांकर देसवाल शामिल हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता देवेंद्र ने अदालत में दायर याचिका में बताया कि 17 फरवरी की रात पुष्पेंद्र खाना खा रहे थे। इसी दौरान उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया और उन्हें पैरालिटिक अटैक आया। परिजन उन्हें नागरिक अस्पताल जींद लेकर पहुंचे। प्राथमिक इलाज और सीटी स्कैन के बाद डॉक्टरों ने उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया।
आरोप है कि नागरिक अस्पताल के गेट पर ही एक एंबुलेंस चालक ने मरीज की गंभीर हालत बताते हुए परिजनों को चौ. कुलदीप मेमोरियल अस्पताल ले जाने की सलाह दी। वहां डॉक्टरों ने तत्काल इलाज का निर्णय लेने को कहा। परिजनों का आरोप है कि उनकी सहमति के बिना पुष्पेंद्र की ब्रेन सर्जरी कर दी गई और इलाज के नाम पर रुपये मांगे गए।
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याचिका में सर्जरी से पहले आवश्यक जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी, सीटी स्कैन व एमआरआई जैसी सुविधाओं और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी के आरोप भी लगाए गए हैं। सर्जरी के बाद हालत बिगड़ने पर 22 फरवरी को पुष्पेंद्र की मौत हो गई। अदालत के निर्देश पर थाना प्रभारी आशीष कुमार ने डॉ. नमन तनेजा, डॉ. कनिका और अस्पताल के निदेशक दीपांकर देसवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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शिकायतकर्ता देवेंद्र ने अदालत में दायर याचिका में बताया कि 17 फरवरी की रात पुष्पेंद्र खाना खा रहे थे। इसी दौरान उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया और उन्हें पैरालिटिक अटैक आया। परिजन उन्हें नागरिक अस्पताल जींद लेकर पहुंचे। प्राथमिक इलाज और सीटी स्कैन के बाद डॉक्टरों ने उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया।
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आरोप है कि नागरिक अस्पताल के गेट पर ही एक एंबुलेंस चालक ने मरीज की गंभीर हालत बताते हुए परिजनों को चौ. कुलदीप मेमोरियल अस्पताल ले जाने की सलाह दी। वहां डॉक्टरों ने तत्काल इलाज का निर्णय लेने को कहा। परिजनों का आरोप है कि उनकी सहमति के बिना पुष्पेंद्र की ब्रेन सर्जरी कर दी गई और इलाज के नाम पर रुपये मांगे गए।
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याचिका में सर्जरी से पहले आवश्यक जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी, सीटी स्कैन व एमआरआई जैसी सुविधाओं और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी के आरोप भी लगाए गए हैं। सर्जरी के बाद हालत बिगड़ने पर 22 फरवरी को पुष्पेंद्र की मौत हो गई। अदालत के निर्देश पर थाना प्रभारी आशीष कुमार ने डॉ. नमन तनेजा, डॉ. कनिका और अस्पताल के निदेशक दीपांकर देसवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।