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वोट न देने से नाराज प्रधान ने मचाया उत्पात
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Tue, 10 May 2016 11:09 PM IST
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तोड़फोड़ करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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थाना किशनी क्षेत्र के एक गांव में सोमवार को किशनी पुलिस ने प्रधान के साथ मिलकर एक घर में उत्पात मचाया। महिलाओं और युवती से अभद्रता की। विरोध करने पर पीड़ित के घर आए एक रिश्तेदार के साथ मारपीट की गई। इसके बाद पुलिस उसे बदमाश बताकर थाने ले गई। मंगलवार को एएसपी दिगंबर कुशवाह से शिकायत कर पीड़ित परिवार ने प्रधान और किशनी पुलिस पर कार्रवाई की मांग की है।
थाना किशनी क्षेत्र के एक गांव में कुसमा देवी 1988 में दिए गए पट्टे की भूमि पर परिवार के साथ झोपड़ी डालकर रहती है। पूरा परिवार 15 सालों से प्रधान को वोट देता आ रहा है लेकिन उनके हालात नहीं सुधरे। इस बार प्रधानी के चुनाव में उन्होंने प्रधान को वोट नहीं दिया। जिससे नाराज प्रधान अब गरीब परिवार को पट्टे की जमीन से हटाना चाहता है। सोमवार को प्रधान सूरज सिंह साथी शिशुपाल, महिपाल, छविराम, अंशुल समेत एक दर्जन से अधिक असलाह से लैस लोगों के साथ कुसुमा के घर पहुंचा। पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान थाना किशनी का दरोगा रामबाबू और दो सिपाही भी उनके साथ थे। घर में घुसते इन लोगों ने झोपड़ी में तोड़फोड़ शुरू कर दी। घर में बना चूल्हा तोड़ दिया बर्तन को फेंक दिया।
आरोपियों ने उन्हें जमीन छोड़ने के लिए धमकी दी कहा कि अगर ऐसा नहीं किया तो पुत्री को उठाकर ले जाएंगे। इस दौरान विरोध करने पहुंचे रिश्तेदार रामजी को मारपीट कर घायल कर दिया। पुलिस उन्हें बदमाश बताकर थाने ले गई। इस दौरान प्रधान सहयोगियों की मद्द से घर में रखा अनाज भी उठा ले गया। एएसपी दिगंबर कुशवाह से शिकायत करने पहुंचे इस परिवार ने बताया कि उनके पास रहने और खाने के लिए अब कुछ भी नहीं बचा है। प्रधान पुलिस के सहयोग से उनका उत्पीड़न कर रहा है।
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थाना किशनी क्षेत्र के एक गांव में कुसमा देवी 1988 में दिए गए पट्टे की भूमि पर परिवार के साथ झोपड़ी डालकर रहती है। पूरा परिवार 15 सालों से प्रधान को वोट देता आ रहा है लेकिन उनके हालात नहीं सुधरे। इस बार प्रधानी के चुनाव में उन्होंने प्रधान को वोट नहीं दिया। जिससे नाराज प्रधान अब गरीब परिवार को पट्टे की जमीन से हटाना चाहता है। सोमवार को प्रधान सूरज सिंह साथी शिशुपाल, महिपाल, छविराम, अंशुल समेत एक दर्जन से अधिक असलाह से लैस लोगों के साथ कुसुमा के घर पहुंचा। पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान थाना किशनी का दरोगा रामबाबू और दो सिपाही भी उनके साथ थे। घर में घुसते इन लोगों ने झोपड़ी में तोड़फोड़ शुरू कर दी। घर में बना चूल्हा तोड़ दिया बर्तन को फेंक दिया।
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आरोपियों ने उन्हें जमीन छोड़ने के लिए धमकी दी कहा कि अगर ऐसा नहीं किया तो पुत्री को उठाकर ले जाएंगे। इस दौरान विरोध करने पहुंचे रिश्तेदार रामजी को मारपीट कर घायल कर दिया। पुलिस उन्हें बदमाश बताकर थाने ले गई। इस दौरान प्रधान सहयोगियों की मद्द से घर में रखा अनाज भी उठा ले गया। एएसपी दिगंबर कुशवाह से शिकायत करने पहुंचे इस परिवार ने बताया कि उनके पास रहने और खाने के लिए अब कुछ भी नहीं बचा है। प्रधान पुलिस के सहयोग से उनका उत्पीड़न कर रहा है।
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