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हत्या के मामले में पूर्व प्रधान को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Tue, 04 Oct 2016 11:40 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : डेमो फोटो
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थाना बेवर के गांव मद्दापुर खास के पूर्व प्रधान नानकचंद्र शाक्य को फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के जज तैयब अहमद ने मंगलवार को उम्रकैद सुनाई है। इसके अलावा 2.10 लाख रुपया जुर्माना भी अदा करना पड़ेगा। वहीं जुर्माने की धनराशि में से आधी धनराशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी।
गांव मद्दापुर खास निवासी ब्रजेश कुमार की 21 मार्च 2005 को रंजिश के चलते गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की रिपोर्ट ब्रजेश के चाचा भगवानदास ने गांव के पूर्व प्रधान नानकचंद्र शाक्य तथा उनके पुत्र दीपचंद्र के खिलाफ दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना के दौरान दोनों को दोषी पाकर चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के जज तैयब अहमद की कोर्ट में की गई।
पत्रावली पर आई साक्ष्य तथा प्रमाणों के आधार पर सुनवाई के बाद एफटीसी जज तैयब अहमद ने पूर्व प्रधान को हत्या करने का दोषी पाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करतेे हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता रघुनाथ सिंह वर्मा ने आरोपी के अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। न्यायाधीश ने पूर्व प्रधान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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नाबालिग पुत्र की फाइल की अलग
मैनपुरी। पूर्व प्रधान नानकचंद्र के पुत्र दीपचंद्र को भी पुलिस ने हत्या का दोषी पाकर चार्जशीट कोर्ट में भेज दी थी। दीपचंद्र के नाबालिग होने के कारण सुनवाई के दौरान उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। उसका मुकदमा जुबैनाइल कोर्ट में चल रहा है। इस मुकदमे में भी अभियोजन पक्ष की गवाही चल रही है।
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गांव मद्दापुर खास निवासी ब्रजेश कुमार की 21 मार्च 2005 को रंजिश के चलते गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की रिपोर्ट ब्रजेश के चाचा भगवानदास ने गांव के पूर्व प्रधान नानकचंद्र शाक्य तथा उनके पुत्र दीपचंद्र के खिलाफ दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना के दौरान दोनों को दोषी पाकर चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के जज तैयब अहमद की कोर्ट में की गई।
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पत्रावली पर आई साक्ष्य तथा प्रमाणों के आधार पर सुनवाई के बाद एफटीसी जज तैयब अहमद ने पूर्व प्रधान को हत्या करने का दोषी पाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करतेे हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता रघुनाथ सिंह वर्मा ने आरोपी के अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। न्यायाधीश ने पूर्व प्रधान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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नाबालिग पुत्र की फाइल की अलग
मैनपुरी। पूर्व प्रधान नानकचंद्र के पुत्र दीपचंद्र को भी पुलिस ने हत्या का दोषी पाकर चार्जशीट कोर्ट में भेज दी थी। दीपचंद्र के नाबालिग होने के कारण सुनवाई के दौरान उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। उसका मुकदमा जुबैनाइल कोर्ट में चल रहा है। इस मुकदमे में भी अभियोजन पक्ष की गवाही चल रही है।