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फरार बंदी दिलीप का सुराग नहीं

Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी Published by: Anonymous User Updated Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
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Dilip clue of prisoners absconding
मैनपुरी। पेशी से लौटते समय साथियों के साथ फरार हुए बंदी दिलीप का पुलिस 24 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं लगा सकी है। दिलीप और उसके साथियों की तलाश के लिए पांच टीमें लगाई गई हैं। इनमें एसटीएफ आगरा भी शामिल है। वहीं पेशी पर लाने वाले दोनों सिपाहियों को निलंबित करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उन्हें जमानत दे दी गई है।
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 उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को बंदी दिलीप को उसके साथी मैनपुरी कोर्ट में पेशी से लौटते समय फायरिंग कर पुलिस की हिरासत से छुड़ा ले गए थे। इस मामले में पुलिस 24  घंटे बाद भी अभी तक अंधेरे में तीर चला रही है। स्थानीय पुलिस की दो टीमें क्रमश: सीओ करहल रामानंद कुशवाह और क्राइम ब्रांच प्रभारी के नेतृत्व में दिलीप की तलाश के लिए लगाई गई हैं। इसके अलावा इटावा पुलिस, कन्नौज पुलिस और एसटीएफ आगरा को भी दिलीप की तलाश में लगाया गया है। पांचों ही टीमें संभावित स्थानों पर उसकी तलाश कर रही हैं। इस कार्य में तकनीकी सेल को भी लगाया गया है। ताकि मोबाइल आदि की लोकेशन के आधार पर संदिग्धों की तलाश की जा सके। हालांकि शनिवार शाम तक पुलिस को कोई महत्वपूर्ण सुराग हाथ नहीं लगा था जिससे भागे हुए अपराधी और उसके साथियों की लोकेशन पता चल सके। हालांकि विभागीय सूत्रों के अनुसार बदमाश अभी भी इटावा क्षेत्र में ही कहीं हैं। वहीं बस चालक को देर शाम पुलिस ने थाने से पूछताछ के बाद छोड़ दिया। वहीं शुक्रवार को निलंबित किए जाने के बाद शनिवार को दोनों सिपाहियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। सीओ करहल रामानंद कुशवाह ने बताया कि वहां से उन्हें जमानत दे दी गई है। एएसपी स्वामीनाथ ने बताया कि पुलिस टीमें जांच कर रही हैं। शीघ्र ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
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सिपाही नहीं कर रहे सहयोग
मैनपुरी। दिलीप को पेशी पर लाने वाले दोनों ही सिपाही स्थानीय पुलिस का जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार हालांकि उनसे कड़ाई से पूछताछ नहीं की गई है लेकिन उनसे जो भी सवाल पूछे गए हैं उनका वह कोई सीधा जवाब नहीं दे रहे हैं। न ही पूछने के बाद भी बदमाशों का हुलिया आदि ही बता रहे हैं। इससे जांच आगे बढ़ाने और बदमाशों को तलाशने में काफी व्यवधान हो रहा है।
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शुरू से ही संदिग्ध रहे हैं सिपाही
मैनपुरी। बदमाश को पेशी पर लाने वाले सिपाहियों की कार्य प्रणाली वारदात के बाद से ही संदिग्ध रही है। विदित रहे है कि इनमें से एक सिपाही दागदार छवि का रहा है। बताया जाता है कि उसे चार पांच दिन पहले ही लाइन हाजिर किया गया था। वहीं अधिकारियों की मानें तो वारदात के बाद दो घंटे तक सिपाहियों ने किसी को भी कोई जानकारी नहीं दी। यही नहीं घटना की जानकारी होने के लगभग छह घंटे बाद दोनों सिपाही करहल थाने पहुंचे। ऐसे में पूरे मामले में दोनों सिपाहियों की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है।



डीजीपी और डीआईजी ने जताई नाराजगी
मैनपुरी। विभागीय सूत्रों के अनुसार डीजीपी एके जैन और डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने शनिवार को स्थानीय अधिकारियों को फोन कर पूरे मामले की जानकारी ली। साथ ही लापरवाही पर नाराजगी भी जताई। दोनों अधिकारियों ने बदमाशों को तलाश कर मामले का खुलासा शीघ्र करने के निर्देश दिए हैं।
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