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घर छोड़ झोपड़ी में रहने को मजबूर दलित परिवार
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Mon, 02 May 2016 11:25 PM IST
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शिकायत
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कोतवाली क्षेत्र के मदार दरवाजा निवासी दलित मुन्नी देवी अपने परिवार के साथ कई सालों से कलक्ट्रेट परिसर के बाहर झोपड़ी में रह रही है। इनको चार वर्ष पूर्व कीरतपुर कालोनी में एक आवास भी मिला था। लेकिन यहां आए दिन अराजक तत्वों के कारण उन्होंने परिवार सहित घर छोड़ दिया। चार वर्ष से दो पुत्र-दो पुत्रियों के साथ झोपड़ी में गुजर बसर कर रही है।
कोतवाली क्षेत्र के मदार दरवाजा निवासी मुन्नी देवी वाल्मीकि परिवार के पांच सदस्यों के साथ एक छोटी सी झोपड़ी में रहने को मजबूर है। करीब तीस वर्ष पूर्व मदार दरवाजा निवासी राजू के साथ शादी कर मैनपुरी आई थी। परिवार में विवाद के बाद वो पति के साथ अलग रहने लगी। पति राजू मजदूरी का काम करते हैं ऐसे में परिवार चलाने की जिम्मेदारी उन्हें भी उठानी थी। उन्होंने दूसरों के घरों में झाडू पोंछा करना शुरू कर दिया। इसी बीच पति की तबियत खराब होने से परिवार के हालात बदतर होने लगे। किराया देने के लिए पैसा नहीं था इसलिए वो पति के साथ कलक्ट्रेट परिसर के बाहर झोपड़ी डालकर रहने लगी। इसी दौरान उन्होंने शंकर (20), सोनू (17), सोनम (16) और डॉली (12) को जन्म दिया। चार वर्ष पूर्व कीरतपुर में बनी कांशीराम कालोनी में उन्हें एक आवास मिला। जब वो परिवार के साथ यहां रहने के लिए पहुंची तो यहां अराजकतत्वों से परेशान होकर पुलिस से भी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मुन्नीदेवी परिवार के साथ कालोनी से पलायन कर झोपड़ी में वापस आ गईं। चार महीनों से इस परिवार को राशन भी नहीं मिल रहा है।
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कोतवाली क्षेत्र के मदार दरवाजा निवासी मुन्नी देवी वाल्मीकि परिवार के पांच सदस्यों के साथ एक छोटी सी झोपड़ी में रहने को मजबूर है। करीब तीस वर्ष पूर्व मदार दरवाजा निवासी राजू के साथ शादी कर मैनपुरी आई थी। परिवार में विवाद के बाद वो पति के साथ अलग रहने लगी। पति राजू मजदूरी का काम करते हैं ऐसे में परिवार चलाने की जिम्मेदारी उन्हें भी उठानी थी। उन्होंने दूसरों के घरों में झाडू पोंछा करना शुरू कर दिया। इसी बीच पति की तबियत खराब होने से परिवार के हालात बदतर होने लगे। किराया देने के लिए पैसा नहीं था इसलिए वो पति के साथ कलक्ट्रेट परिसर के बाहर झोपड़ी डालकर रहने लगी। इसी दौरान उन्होंने शंकर (20), सोनू (17), सोनम (16) और डॉली (12) को जन्म दिया। चार वर्ष पूर्व कीरतपुर में बनी कांशीराम कालोनी में उन्हें एक आवास मिला। जब वो परिवार के साथ यहां रहने के लिए पहुंची तो यहां अराजकतत्वों से परेशान होकर पुलिस से भी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मुन्नीदेवी परिवार के साथ कालोनी से पलायन कर झोपड़ी में वापस आ गईं। चार महीनों से इस परिवार को राशन भी नहीं मिल रहा है।
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