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Mainpuri News: जंक फूड के सेवन से फैटी लिवर और पीलिया के मरीज बढ़े
Mon, 20 Jul 2026 11:33 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Updated Mon, 20 Jul 2026 11:33 PM IST
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फोटो 7 डॉ. जेजे राम
मैनपुरी। राष्ट्रीय जंक फूड दिवस 21 जुलाई को मनाया जाता है। पिज्जा, बर्गर और चाऊमीन जैसे फास्ट फूड का बढ़ता चलन उन्हें कम उम्र में ही गंभीर बीमारियों का शिकार बना रहा है। जिला अस्पताल में दर्ज आंकड़ों के अनुसार ओपीडी में प्रतिदिन 100 से 150 मरीज जंक फूड के सेवन से होने वाली बीमारियों से ग्रसित पहुंच रहे हैं। 30 साल की उम्र से पहले ही युवा रक्तचाप और मधुमेह जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक जीवनशैली और खानपान की गलत आदतें इसका मुख्य कारण हैं। युवाओं में शारीरिक गतिविधि की कमी भी इस समस्या को बढ़ा रही है। वे घंटों स्क्रीन के सामने बिताते हैं और पौष्टिक आहार से दूर रहते हैं। चिकित्सकों ने युवाओं को जीवनशैली में बदलाव की सलाह दी है।
बिगड़ती जीवनशैली का प्रभाव
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. जेजे राम का कहना है कि युवा जंकफूड तो सेवन कर रहे हैं साथ ही जीवनशैली के प्रति लापरवाह हो गए हैं। वे व्यायाम और शारीरिक गतिविधियों से दूर भागते हैं। घंटों मोबाइल और कंप्यूटर पर समय बिताना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। मोटापा और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के साथ ही नींद की कमी और तनाव भी स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल रहा है।
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कम उम्र में गंभीर बीमारियां
सौ शैया अस्पताल की डॉ. निशिता यादव का कहना है कि पहले रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियां बढ़ती उम्र के साथ जुड़ी थीं। अब ये बीमारियां 30 से 45 साल के युवाओं में आम हो गई हैं। जंक फूड में उच्च नमक, चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा की मात्रा अधिक होती है। यह सीधे तौर पर इन बीमारियों को बढ़ावा देती है। हृदय रोग और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं भी कम उम्र में सामने आ रही हैं। महिलाओं में भी कम उम्र में इस प्रकार की बीमारियां देखी जा रही हैं।
कोलेस्ट्रॉल है मुख्य कारण
वरिष्ठ सर्जन डॉ. गौरव पारिक बताते हैं कि जंकफूड में खराब कोलेस्ट्रॉल अधिक होता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, मधुमेह का खतरा बढ़ता है। बच्चों और युवाओं के लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से फैटी लिवर, पीलिया और आगे चलकर लिवर सिरोसिस तक की स्थिति बन सकती।
बचाव के उपाय
- पौष्टिक आहार का सेवन करें।
- अंकुरित अनाज और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें।
- जंक फूड और फास्ट फूड के सेवन बंद करें।
- पानी अधिक से अधिक पीएं।
- योग और व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
- बिना जांच और सलाह के किसी भी तरह का उपचार न करें।
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विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक जीवनशैली और खानपान की गलत आदतें इसका मुख्य कारण हैं। युवाओं में शारीरिक गतिविधि की कमी भी इस समस्या को बढ़ा रही है। वे घंटों स्क्रीन के सामने बिताते हैं और पौष्टिक आहार से दूर रहते हैं। चिकित्सकों ने युवाओं को जीवनशैली में बदलाव की सलाह दी है।
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बिगड़ती जीवनशैली का प्रभाव
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. जेजे राम का कहना है कि युवा जंकफूड तो सेवन कर रहे हैं साथ ही जीवनशैली के प्रति लापरवाह हो गए हैं। वे व्यायाम और शारीरिक गतिविधियों से दूर भागते हैं। घंटों मोबाइल और कंप्यूटर पर समय बिताना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। मोटापा और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के साथ ही नींद की कमी और तनाव भी स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल रहा है।
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कम उम्र में गंभीर बीमारियां
सौ शैया अस्पताल की डॉ. निशिता यादव का कहना है कि पहले रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियां बढ़ती उम्र के साथ जुड़ी थीं। अब ये बीमारियां 30 से 45 साल के युवाओं में आम हो गई हैं। जंक फूड में उच्च नमक, चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा की मात्रा अधिक होती है। यह सीधे तौर पर इन बीमारियों को बढ़ावा देती है। हृदय रोग और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं भी कम उम्र में सामने आ रही हैं। महिलाओं में भी कम उम्र में इस प्रकार की बीमारियां देखी जा रही हैं।
कोलेस्ट्रॉल है मुख्य कारण
वरिष्ठ सर्जन डॉ. गौरव पारिक बताते हैं कि जंकफूड में खराब कोलेस्ट्रॉल अधिक होता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, मधुमेह का खतरा बढ़ता है। बच्चों और युवाओं के लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से फैटी लिवर, पीलिया और आगे चलकर लिवर सिरोसिस तक की स्थिति बन सकती।
बचाव के उपाय
- पौष्टिक आहार का सेवन करें।
- अंकुरित अनाज और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें।
- जंक फूड और फास्ट फूड के सेवन बंद करें।
- पानी अधिक से अधिक पीएं।
- योग और व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
- बिना जांच और सलाह के किसी भी तरह का उपचार न करें।

फोटो 7 डॉ. जेजे राम

फोटो 7 डॉ. जेजे राम