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गठबंधन तो जीता पर कांग्रेस में नहीं दिखी खुशी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sun, 12 Mar 2017 11:24 PM IST
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गठबंधन तो जीता पर कांग्रेस में नहीं दिखी खुशी
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में सपा कांग्रेस गठबंन के तीन प्रत्याशी तो जीते मगर जीत का उत्साह कांग्रेस नेताओं के चेहरों पर नजर नहीं आ रहा है। कांग्रेस कार्यालय पर ताला लटका रहा।
चुनाव से पूर्व कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जिले में रोड शो किया था। 27 साल यूपी बेहाल के नारे के साथ किसानों की दुर्दशा को लेकर आंदोलन करने वाली कांग्रेस ने मतदान से कुछ दिन पहले ही सपा के साथ गठबंधन कर लिया था। गठबंधन के बाद शुरू हुए चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रचार से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। प्रचार के नाम पर कांग्रेस नेताओं ने केवल रस्म अदायगी ही की। कांग्रेस नेताओं की उदासीनता प्रचार दौरान सपा नेताओं के बीच भी चर्चा का विषय बनी रही। मतदान के दिन भी कांग्रेस नेता पूरी तरह उदासीन बने रहे। सपा प्रत्याशियों के पक्ष में कांग्रेस नेताओं की उदासीनता की वजह चुनाव से पूर्व कांग्रेस नेताओं में सपा शासन के विरोध में की गई जागरूकता रही। मतगणना के बाद गठबंधन के तीन प्रत्याशियों की जीत से सपा खेमे में तो उत्साह है मगर कांग्रेस खेमे में कोई उत्साह नजर नहीं आ रहा है। मतगणना के दूसरे दिन जहां सपा कार्यालय पर चहल कदमी नजर आई वहीं कांग्रेस कार्यालय पर सन्नाटा पसरा रहा। पूरे दिन कार्यालय पर ताला ही झूलता रहा। कांग्रेस नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने गठबंधन प्रत्याशियों की जीत पर कोई जश्न भी नहीं मनाया। गठबंधन प्रत्याशियों की जीत की खुशी से कांग्रेस की दूरी राजनीतिक दलों तथा जनता के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
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चुनाव से पूर्व कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जिले में रोड शो किया था। 27 साल यूपी बेहाल के नारे के साथ किसानों की दुर्दशा को लेकर आंदोलन करने वाली कांग्रेस ने मतदान से कुछ दिन पहले ही सपा के साथ गठबंधन कर लिया था। गठबंधन के बाद शुरू हुए चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रचार से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। प्रचार के नाम पर कांग्रेस नेताओं ने केवल रस्म अदायगी ही की। कांग्रेस नेताओं की उदासीनता प्रचार दौरान सपा नेताओं के बीच भी चर्चा का विषय बनी रही। मतदान के दिन भी कांग्रेस नेता पूरी तरह उदासीन बने रहे। सपा प्रत्याशियों के पक्ष में कांग्रेस नेताओं की उदासीनता की वजह चुनाव से पूर्व कांग्रेस नेताओं में सपा शासन के विरोध में की गई जागरूकता रही। मतगणना के बाद गठबंधन के तीन प्रत्याशियों की जीत से सपा खेमे में तो उत्साह है मगर कांग्रेस खेमे में कोई उत्साह नजर नहीं आ रहा है। मतगणना के दूसरे दिन जहां सपा कार्यालय पर चहल कदमी नजर आई वहीं कांग्रेस कार्यालय पर सन्नाटा पसरा रहा। पूरे दिन कार्यालय पर ताला ही झूलता रहा। कांग्रेस नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने गठबंधन प्रत्याशियों की जीत पर कोई जश्न भी नहीं मनाया। गठबंधन प्रत्याशियों की जीत की खुशी से कांग्रेस की दूरी राजनीतिक दलों तथा जनता के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
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