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धड़ल्ले से दुकानों पर बिक रहा चाइना का माल
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Thu, 13 Oct 2016 12:11 AM IST
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चाइनीज उत्पाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शहर में चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार की मुहिम का कोई असर नहीं है। बाजार में चाइनीज झालर, पटाखे, दीपक आदि उत्पादों की भरमार है। सस्ते होने के चलते लोग इसे अधिक पसंद कर रहे हैं।
भारत पाक सीमा पर चल रहे तनाव के बीच चीन पाकिस्तान का साथ दे रहा है। इसको लेकर देश भर में गुस्सा है। दिल्ली में पिछले दिनों करीब पांच करोड़ से अधिक के चाइनीज पटाखे पकडे़ जा चुके हैं। जिससे व्यापारियों को खासा नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं शहर में चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार की इस मुहिम का कुछ खासा असर नहीं है। दुकानों पर चाइनीज झालरें, पटाखे, दीपक आदि आइटम बेचे जा रहे हैं। व्यापारियों की मानें तो ये सस्ते आइटम आम आदमी के बजट के अनुरूप है जबकि स्वदेशी माल के दाम कई गुना अधिक हैं।
कचहरी रोड निवासी एक व्यापारी शंभू का कहना है कि चाइना की झालर जहां 50-60 रुपये में मिलती है वहीं स्वदेशी झालर के दाम इससे तीन गुना अधिक हैं।
चाइनीज पटाखों के दाम भी देशी आतिशबाजी से करीब आधे हैं। यही वजह है कि लोग चाइना में बने सस्ते आइटम की खरीदारी अधिक कर रहे हैं। इस बार बहिष्कार की इस मुहिम के चलते पूर्व में चाइना माल का आर्डर दे चुके कुछ बडे़ व्यापारियों के होश उडे़ हुए हैं। वहीं कुछ व्यापारी समय रहते पुराना स्टाक निकालने में जुटे हैं। कुल मिलाकर शहर में चाइना माल के बहिष्कार का मिला जुला असर देखने को मिल रहा है।
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भारत पाक सीमा पर चल रहे तनाव के बीच चीन पाकिस्तान का साथ दे रहा है। इसको लेकर देश भर में गुस्सा है। दिल्ली में पिछले दिनों करीब पांच करोड़ से अधिक के चाइनीज पटाखे पकडे़ जा चुके हैं। जिससे व्यापारियों को खासा नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं शहर में चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार की इस मुहिम का कुछ खासा असर नहीं है। दुकानों पर चाइनीज झालरें, पटाखे, दीपक आदि आइटम बेचे जा रहे हैं। व्यापारियों की मानें तो ये सस्ते आइटम आम आदमी के बजट के अनुरूप है जबकि स्वदेशी माल के दाम कई गुना अधिक हैं।
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कचहरी रोड निवासी एक व्यापारी शंभू का कहना है कि चाइना की झालर जहां 50-60 रुपये में मिलती है वहीं स्वदेशी झालर के दाम इससे तीन गुना अधिक हैं।
चाइनीज पटाखों के दाम भी देशी आतिशबाजी से करीब आधे हैं। यही वजह है कि लोग चाइना में बने सस्ते आइटम की खरीदारी अधिक कर रहे हैं। इस बार बहिष्कार की इस मुहिम के चलते पूर्व में चाइना माल का आर्डर दे चुके कुछ बडे़ व्यापारियों के होश उडे़ हुए हैं। वहीं कुछ व्यापारी समय रहते पुराना स्टाक निकालने में जुटे हैं। कुल मिलाकर शहर में चाइना माल के बहिष्कार का मिला जुला असर देखने को मिल रहा है।
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