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चार करोड़ रुपये का होगा धुआं
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sat, 29 Oct 2016 11:15 PM IST
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आतिशबाजी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दीपावली पर शनिवार को जिले भर में आतिशबाजी बाजार सज गए। सुबह से लेकर देर शाम तक लोग आतिशबाजी खरीदते नजर आए। जिले में करीब चार करोड़ रुपये की आतिशबाजी की बिक्री होने का अनुमान है।
प्रशासन ने आतिशबाजी बिक्री के लिए तीन दिन के लिए अस्थाई लाइसेंस जारी किए हैं। धनतेरस से दीपावली की शाम तक आतिशबाजी की बिक्री की अनुमति दी गई है। खरीदारों में सर्वाधिक संख्या युवाओं और बच्चों की रही। एक अनुमान के मुताबिक दीपावली पर करीब चार करोड़ की आतिशबाजी चलाई जाएगी। बाजार में आवाज से ज्यादा रोशनी करने वाली आतिशबाजी की मांग अधिक रही। हालांकि आवाज वाले पटाखे भी खूब बिके।
यहां-यहां लगी आतिशबाजी की दुकानें
शहर के क्रिश्चियन कालेज मैदान, राजकीय इंटर कालेज आगरा रोड, चंद्रशेखर स्कूल करहल रोड, सेंट मेरी स्कूल ईशन नदी के पीछे और गोला बाजार तिराहा पर लगी हैं आतिशबाजी की दुकानें।
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करीना, स्वीटी ने लुभाया
क्रिश्चियन मैदान में लगी आतिशबाजी की दुकानों पर मौजूद पटाखों, राकेटों और फुलझड़ी के नामों ने लोगों को खूब लुभाया। किसी का नाम करीना तो किसी का स्वीटी। इसके अलावा हम्पी-डम्पी आदि नाम की आतिशबाजी भी बिक रही थीं। साथ ही महंगी होने के बाद भी नई प्रकार की आतिशबाजी खरीदने में लोगों ने विशेष रुचि दिखाई। इनमें मल्टीकलर राकेट, 12 साउंड पटाखे मुख्य हैं। बच्चों में हल्का नामक पटाखा विशेष लोकप्रिय है। दुकानदार सुनील और बंटी ने बताया कि इस बार महंगाई के चलते पिछली बार की तुलना में बिक्री कम रहने का अनुमान है। वहीं पिछले वर्षों की तरह इस बार भी रोशनी की अपेक्षा आवाज वाले पटाखों की मांग अधिक है। खरीदारों में लगभग 80 प्रतिशत आवाज वाले पटाखों की मांग करते हैं।
सुरक्षा के नाम पर मखौल
आतिशबाजी की दुकानों पर कहीं भी सुरक्षा के इंतजाम देखने को नहीं मिले। प्रशासन ने भले ही किसी हादसे की आशंका को देखते हुए आबादी से दूर खुले स्थानों पर आतिशबाजी की दुकानें लगाने की व्यवस्था कराई हो लेकिन तमाम निर्देशों के बाद भी दुकानदारों ने सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए। उधर, प्रशासन की ओर से भी इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई। ऐसे में यदि कोई हादसा होता है तो जान माल के बड़े नुकसान की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
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प्रशासन ने आतिशबाजी बिक्री के लिए तीन दिन के लिए अस्थाई लाइसेंस जारी किए हैं। धनतेरस से दीपावली की शाम तक आतिशबाजी की बिक्री की अनुमति दी गई है। खरीदारों में सर्वाधिक संख्या युवाओं और बच्चों की रही। एक अनुमान के मुताबिक दीपावली पर करीब चार करोड़ की आतिशबाजी चलाई जाएगी। बाजार में आवाज से ज्यादा रोशनी करने वाली आतिशबाजी की मांग अधिक रही। हालांकि आवाज वाले पटाखे भी खूब बिके।
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यहां-यहां लगी आतिशबाजी की दुकानें
शहर के क्रिश्चियन कालेज मैदान, राजकीय इंटर कालेज आगरा रोड, चंद्रशेखर स्कूल करहल रोड, सेंट मेरी स्कूल ईशन नदी के पीछे और गोला बाजार तिराहा पर लगी हैं आतिशबाजी की दुकानें।
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करीना, स्वीटी ने लुभाया
क्रिश्चियन मैदान में लगी आतिशबाजी की दुकानों पर मौजूद पटाखों, राकेटों और फुलझड़ी के नामों ने लोगों को खूब लुभाया। किसी का नाम करीना तो किसी का स्वीटी। इसके अलावा हम्पी-डम्पी आदि नाम की आतिशबाजी भी बिक रही थीं। साथ ही महंगी होने के बाद भी नई प्रकार की आतिशबाजी खरीदने में लोगों ने विशेष रुचि दिखाई। इनमें मल्टीकलर राकेट, 12 साउंड पटाखे मुख्य हैं। बच्चों में हल्का नामक पटाखा विशेष लोकप्रिय है। दुकानदार सुनील और बंटी ने बताया कि इस बार महंगाई के चलते पिछली बार की तुलना में बिक्री कम रहने का अनुमान है। वहीं पिछले वर्षों की तरह इस बार भी रोशनी की अपेक्षा आवाज वाले पटाखों की मांग अधिक है। खरीदारों में लगभग 80 प्रतिशत आवाज वाले पटाखों की मांग करते हैं।
सुरक्षा के नाम पर मखौल
आतिशबाजी की दुकानों पर कहीं भी सुरक्षा के इंतजाम देखने को नहीं मिले। प्रशासन ने भले ही किसी हादसे की आशंका को देखते हुए आबादी से दूर खुले स्थानों पर आतिशबाजी की दुकानें लगाने की व्यवस्था कराई हो लेकिन तमाम निर्देशों के बाद भी दुकानदारों ने सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए। उधर, प्रशासन की ओर से भी इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई। ऐसे में यदि कोई हादसा होता है तो जान माल के बड़े नुकसान की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।