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कैशियर ही निकला खलनायक: सहकारी बैंक में ग्राहकों के खाते से किया 16 लाख रुपये का गबन, जांच में मिला दोषी
Mon, 21 Aug 2023 08:46 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Mon, 21 Aug 2023 08:46 AM IST
सार
मैनपुरी में सहकारी बैंक में ग्राहकों के खाते से 16 लाख रुपये के गबन के मामले में कैशियर ही जांच में दोषी पाया गया। आरोपी पहले से ही एक मामले निलंबित चल रहा है।
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लाखों का गबन
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में जिला सहकारी बैंक की करहल शाखा में कैशियर ने ही लाखों रुपये का गबन कर लिया। मामले की जांच रिपोर्ट में कैशियर को दोषी पाया गया। कैशियर पहले से ही एक मामले में निलंबित चल रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस बीच ग्राहकों को बड़ा झटका लगा है। हालांकि जिला सहकारी बैंक प्रशासन इस पूरे मामले को शुरुआत से ही दबाने में जुटा हुआ था।
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वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिला सहकारी बैंक की करहल शाखा में ग्राहकों के खाते से धनराशि निकालकर गबन कर लिया गया था। एक साल तक किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामला सामने आने के बाद जिला सहकारी बैंक के उप महाप्रबंधक ओपी सिंह को जांच सौंपी गई थी।
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14 अगस्त को उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी। जांच रिपोर्ट में साबित हो गया कि सहकारी बैंक की करहल शाखा में 16 लाख रुपये का गबन किया गया था। ये धनराशि ग्राहकों के खाते से निकालकर एक खाते में डाली गई और फिर उसका आहरण कर लिया गया। जांच अधिकारी इसके लिए बैंक में कैशियर के पद पर तैनात मोहम्मद आमिर को दोषी पाया। जांच रिपोर्ट आने के बाद बैंक में खलबली मच गई है।
दरअसल मई में घोटाले की बात सामने आने के बाद से ही बैंक प्रशासन मामले को दबाने में जुटा हुआ था। अधिकारी कुछ भी बताने के लिए तैयार नहीं थे। मामले की विस्तृत जांच के लिए अपर जिला सहकारी अधिकारी करहल को नामित किया गया है। वे इसकी विस्तृत जांच करेंगे।
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दरअसल मई में घोटाले की बात सामने आने के बाद से ही बैंक प्रशासन मामले को दबाने में जुटा हुआ था। अधिकारी कुछ भी बताने के लिए तैयार नहीं थे। मामले की विस्तृत जांच के लिए अपर जिला सहकारी अधिकारी करहल को नामित किया गया है। वे इसकी विस्तृत जांच करेंगे।
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बैंक में प्रतिनियुक्ति पर तैनात था घोटालेबाज आमिर
घोटाले को अंजाम देने वाला कैशियर आमिर जिला सहकारी बैंक का कर्मचारी नहीं है। वह प्रादेशिक कॉपरेटिव यूनियन (पीसीयू) का सुपरवाइजर है। जिला सहकारी बैंक में वह प्रतिनियुक्ति पर तैनात था। इसी के चलते उसने बड़ी सफाई से पूरे घोटाले को अंजाम दिया। जिला सहकारी बैंक के वरिष्ठ अधिकारी भी बजाए मामले को सामने लाने के उसे दबाने में जुटे हुए थे।पहले से ही निलंबित चल रहा है दोषी कर्मचारी
सहकारी बैंक की करहल शाखा में घोटाले को अंजाम देने वाला कैशियर मोहम्मद आमिर नियमों के उल्लंघन और गड़बड़ियां करने का आदी है। यही कारण है कि वह बीते लगभग नौ माह से निलंबित चल रहा है। बरनाहल में तैनाती के दौरान दायित्वों के पालन में बरती गई लापरवाही के लिए निलंबित किया गया था। इसके बाद से ही वह निलंबित है। जल्द ही उस पर एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।यह भी पढ़ेंः- हरियाली तीज महोत्सव: बरसाना में लाडली जी ने बरसाई कृपा, वृषभानु नंदनी को स्वर्ण हिंडोले में झुलाया गया झूला
संयुक्त निबंधक ने लगाई थी फटकार
शुक्रवार को सहकारिता विभाग के मंडलीय अधिकारी संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक (डीआर) अरविंद कुमार दुबे मैनपुरी आए थे। उन्होंने जिला सहकारी बैंक में अधिकारियों के साथ बैठक की थी। लगातार सामने आ रहे घोटालों पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी। इसके बाद ही बैंक प्रशासन हरकत में आया है।जांच में सहकारी बैंक की करहल शाखा में 16 लाख रुपये के करीब गबन साबित हुआ है। ये गबन कैशियर मोहम्मद आमिर ने किया है। आमिर पहले से ही निलंबित चल रहा है। विभागीय जांच की जिम्मेदारी अपर जिला सहकारी अधिकारी करहल को दी गई है। -राजकुमार, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता