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31 मार्च तक घोषित कर सकते हैं अघोषित आय
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Tue, 27 Dec 2016 11:30 PM IST
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31 मार्च तक घोषित कर सकते हैं अघोषित आय
- फोटो : अमर उजाला
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खातों में जमा की गई अघोषित आय को 31 मार्च तक लोग घोषित कर सकते हैं। यह सुविधा केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना-2016 के तहत दी है। यह जानकारी आयकर अधिकारी अनिल कुमार पटेल ने कार्यालय में आयोजित गोष्ठी में वकीलों को दी।
आयकर कार्यालय में आयोजित गोष्ठी में आयकर अधिकारी ने बताया कि नोटबंदी के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपने खातों में पैसा जमा कराया है। इनमें से कई लोग खातों में जमा पैसे का सही हिसाब नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे लोगों को सहूलियत देते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना 2016 शुरू की है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति अपनी अघोषित आय को विभाग के सामने सरेंडर करता है तो उक्त रकम पर 50 प्रतिशत टैक्स और पेनल्टी संबंधित व्यक्ति को देनी होगी। इसके अलावा 25 प्रतिशत राशि को सरकार चार साल के लिए फिक्स कर देगी, जो उसे चार साल बाद मिलेगी। शेष 25 प्रतिशत राशि को संबंधित व्यक्ति निकाल सकेगा। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति योजना के तहत आय घोषित नहीं करता है और बाद में जांच में पकड़ा जाता है तो संबंधित व्यक्ति को पकड़ी गई रकम का 90 प्रतिशत टैक्स और जुर्माना देना होगा। साथ ही उसे जेल की भी सजा हो सकती है। गोष्ठी में आयकर अधिकारी अनिल कुमार पटेल के अलावा ब्रजेश कुमार केसरवानी, धर्मेंद्र सिंह, हर्षवर्धन व अधिवक्ता दीपक अग्रवाल, राजीव कुलश्रेष्ठ, संजय जैन, राकेश यादव, अनुपम चौहान, अशोक गुप्ता आदि मौजूद थे।
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आयकर कार्यालय में आयोजित गोष्ठी में आयकर अधिकारी ने बताया कि नोटबंदी के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपने खातों में पैसा जमा कराया है। इनमें से कई लोग खातों में जमा पैसे का सही हिसाब नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे लोगों को सहूलियत देते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना 2016 शुरू की है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति अपनी अघोषित आय को विभाग के सामने सरेंडर करता है तो उक्त रकम पर 50 प्रतिशत टैक्स और पेनल्टी संबंधित व्यक्ति को देनी होगी। इसके अलावा 25 प्रतिशत राशि को सरकार चार साल के लिए फिक्स कर देगी, जो उसे चार साल बाद मिलेगी। शेष 25 प्रतिशत राशि को संबंधित व्यक्ति निकाल सकेगा। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति योजना के तहत आय घोषित नहीं करता है और बाद में जांच में पकड़ा जाता है तो संबंधित व्यक्ति को पकड़ी गई रकम का 90 प्रतिशत टैक्स और जुर्माना देना होगा। साथ ही उसे जेल की भी सजा हो सकती है। गोष्ठी में आयकर अधिकारी अनिल कुमार पटेल के अलावा ब्रजेश कुमार केसरवानी, धर्मेंद्र सिंह, हर्षवर्धन व अधिवक्ता दीपक अग्रवाल, राजीव कुलश्रेष्ठ, संजय जैन, राकेश यादव, अनुपम चौहान, अशोक गुप्ता आदि मौजूद थे।
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