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भगवंतपुर प्रकरण ने लिया राजनीतिक रंग
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Tue, 21 Feb 2017 11:26 PM IST
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भगवंतपुर प्रकरण ने लिया राजनीतिक रंग
- फोटो : अमर उजाला
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औंछा क्षेत्र के भगवंतपुर प्रकरण ने राजनीतिक रंग ले लिया है। सांसद, विधायकाें ने गांव पहुंचकर पीड़ितों से घटनाक्रम की जानकारी ली। महिलाओं और युवतियों ने अपनी चोटें दिखाते हुए पुलिस की बर्बरता सुनाई। झूठी रिपोर्ट लिखाकर फंसाए गए निर्दोष लोगों को न्याय दिलाने की मांग की।
करहल विधानसभा क्षेत्र के गांव भगवंतपुर में 19 फरवरी को वोटिंग के दौरान हुए बवाल में पुलिस ने वकील जगपाल यादव, लेखपाल उदयवीर यादव सहित 10 लोगों को पकड़ा था। दबिश के नाम पर रात में गांव पहुंचकर उत्पात मचाते हुए घरों में खड़े वाहनों तथा मंहगे सामानों की तोड़फोड़ की। 20 फरवरी को लेखपाल सहित नौ लोगों को जेल भेज दिया गया। वकील जगपाल की अंतरिम जमानत मंजूर हो गई।
देर शाम गांव पहुंचकर विधायक करहल सोबरन सिंह यादव ने पीड़ित ग्रामीणों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। महिलाओं ने पुलिस की बर्बरता बताई। मंगलवार की सुबह पीसीएफ निदेशक अनुजेश प्रताप सिंह गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की बात सुनकर उनको न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। दोपहर में सांसद तेजप्रताप सिंह यादव, विधायक सदर राजकुमार उर्फ राजू यादव, विधायक भोगांव आलोक शाक्य भी गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। बताया एसडीएम घिरोर ने ही मामले को बढ़ाया है। कुछ पुलिसवालों ने महिलाओं के साथ अभद्रता की है। शाम को सांसद और विधायक के साथ ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम एके श्रीवास्तव और एएसपी शिष्यपाल सिंह से मिलकर निर्दोषों को न्याय दिलाने की मांग की।
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वकील जगपाल ने पुलिस की बर्बरता से आई चोटें अधिकारियों को दिखाते हुए एसडीएम घिरोर सहित पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। एडीएम ने जांच कराने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सपा जिलाध्यक्ष खुमान सिंह वर्मा, महासचिव सुखवीर सिंह यादव, प्रधान भगवंतपुर फूलसिंह यादव सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।
अज्ञात लोगों को चिन्हित करने में जुटी पुलिस
भगवंतपुर मतदान केंद्र पर हुए बवाल के बाद पुलिस रिपोर्ट में शामिल किए गए अज्ञात लोगों को चिन्हित करने में जुट गई है। फोटोग्राफी के साथ ही चौकीदारों को लगाया गया है।
दुष्कर्म के प्रयास और लूटपाट का आरोप
वकील जगपाल की तहरीर में एसडीएम घिरोर मनोज कुमार सागर, थानाध्यक्ष औंछा सुशील कुमार, थानाध्यक्ष घिरोर जितेंद्र सिंह 25 अन्य पुलिस कर्मियाें पर मतदान से रोकने, जानलेवा करने, नकदी तथा जेवर लूटने, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ कर दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप लगाया है।
दहशत से स्कूल नहीं आए बच्चे
भगवंतपुर में तीसरे दिन भी दहशत रही। दहशत के चलते प्राथमिक विद्यालय भगवंतपुर में बच्चे ही नहीं पहुंचे। जो शिक्षक गए वह भी पुलिस की बर्बरता की कहानी सुनने और सुनाने में ही व्यस्त रहे। एक डिग्री तथा इंटर कालेज के संचालक जगपाल वकील से मिलने के लिए शिक्षक उनके घर भी पहुंचे।
एसडीएम सहित एसओ के निलंबन की मांग
लेखपाल संघ तहसील शाखा घिरोर की बैठक में एसडीएम और एसओ घिरोर के निलंबन की मांग की गई है। संघ के मंत्री महेश सिंह तोमर ने बताया 24 घंटे में कार्रवाई नहीं होने पर 23 फरवरी से तहसील परिसर में धरना शुरू किया जाएगा। भगवंतपुर प्रकरण में पुलिस ने तहसील घिरोर के लेखपाल उदयवीर सिंह को जेल भेज दिया है।
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करहल विधानसभा क्षेत्र के गांव भगवंतपुर में 19 फरवरी को वोटिंग के दौरान हुए बवाल में पुलिस ने वकील जगपाल यादव, लेखपाल उदयवीर यादव सहित 10 लोगों को पकड़ा था। दबिश के नाम पर रात में गांव पहुंचकर उत्पात मचाते हुए घरों में खड़े वाहनों तथा मंहगे सामानों की तोड़फोड़ की। 20 फरवरी को लेखपाल सहित नौ लोगों को जेल भेज दिया गया। वकील जगपाल की अंतरिम जमानत मंजूर हो गई।
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देर शाम गांव पहुंचकर विधायक करहल सोबरन सिंह यादव ने पीड़ित ग्रामीणों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। महिलाओं ने पुलिस की बर्बरता बताई। मंगलवार की सुबह पीसीएफ निदेशक अनुजेश प्रताप सिंह गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की बात सुनकर उनको न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। दोपहर में सांसद तेजप्रताप सिंह यादव, विधायक सदर राजकुमार उर्फ राजू यादव, विधायक भोगांव आलोक शाक्य भी गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। बताया एसडीएम घिरोर ने ही मामले को बढ़ाया है। कुछ पुलिसवालों ने महिलाओं के साथ अभद्रता की है। शाम को सांसद और विधायक के साथ ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम एके श्रीवास्तव और एएसपी शिष्यपाल सिंह से मिलकर निर्दोषों को न्याय दिलाने की मांग की।
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वकील जगपाल ने पुलिस की बर्बरता से आई चोटें अधिकारियों को दिखाते हुए एसडीएम घिरोर सहित पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। एडीएम ने जांच कराने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सपा जिलाध्यक्ष खुमान सिंह वर्मा, महासचिव सुखवीर सिंह यादव, प्रधान भगवंतपुर फूलसिंह यादव सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।
अज्ञात लोगों को चिन्हित करने में जुटी पुलिस
भगवंतपुर मतदान केंद्र पर हुए बवाल के बाद पुलिस रिपोर्ट में शामिल किए गए अज्ञात लोगों को चिन्हित करने में जुट गई है। फोटोग्राफी के साथ ही चौकीदारों को लगाया गया है।
दुष्कर्म के प्रयास और लूटपाट का आरोप
वकील जगपाल की तहरीर में एसडीएम घिरोर मनोज कुमार सागर, थानाध्यक्ष औंछा सुशील कुमार, थानाध्यक्ष घिरोर जितेंद्र सिंह 25 अन्य पुलिस कर्मियाें पर मतदान से रोकने, जानलेवा करने, नकदी तथा जेवर लूटने, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ कर दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप लगाया है।
दहशत से स्कूल नहीं आए बच्चे
भगवंतपुर में तीसरे दिन भी दहशत रही। दहशत के चलते प्राथमिक विद्यालय भगवंतपुर में बच्चे ही नहीं पहुंचे। जो शिक्षक गए वह भी पुलिस की बर्बरता की कहानी सुनने और सुनाने में ही व्यस्त रहे। एक डिग्री तथा इंटर कालेज के संचालक जगपाल वकील से मिलने के लिए शिक्षक उनके घर भी पहुंचे।
एसडीएम सहित एसओ के निलंबन की मांग
लेखपाल संघ तहसील शाखा घिरोर की बैठक में एसडीएम और एसओ घिरोर के निलंबन की मांग की गई है। संघ के मंत्री महेश सिंह तोमर ने बताया 24 घंटे में कार्रवाई नहीं होने पर 23 फरवरी से तहसील परिसर में धरना शुरू किया जाएगा। भगवंतपुर प्रकरण में पुलिस ने तहसील घिरोर के लेखपाल उदयवीर सिंह को जेल भेज दिया है।