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Mainpuri News: कागजों में बन गईं दर्जी, सेंटीमीटर और सुई का ज्ञान नहीं
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फोटो 28 जिला उद्योग केंद्र पर साक्षात्कार के लिए लाइन में खड़ी महिलाएं। संवाद
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मैनपुरी। कागजों में दर्जी का दर्जा हासिल कर लिया लेकिन साक्षात्कार में पोल खुल गई। सीएम विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत जिला उद्योग केंद्र पर साक्षात्कार का आयोजन सोमवार को किया गया। कई महिलाएं साक्षात्कार में पूछे सवालों का जवाब नहीं दे सकीं। उनको नहीं मालूम था कि एक इंच में कितने सेंटीमीटर होते हैं। इस वजह से मात्र 27 प्रतिशत महिलाएं पास हो सकीं।
सीएम विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत कई ट्रेड में साक्षात्कार किए जाते हैं। इसमें हलवाई, लोहार, राज मिस्त्री, मोची और नाई के साथ ही सिलाई का काम भी शामिल है। इसके लिए सरकार की ओर से कार्य के अनुसार उपकरण, अनुदान और ट्रेनिंग दी जाती है। जिले को 1025 का टारगेट मिला है, जिसमें 500 महिलाओं का सिलाई के लिए चयन होना है।
जिला उद्योग केंद्र कार्यालय पर आयोजित साक्षात्कार में सहायक आयुक्त उत्कर्ष चंद्र, आईटीआई मैनपुरी के अनुदेशक रमेश चंद्र, रामशरण और एलडीएम रामचंद्र साहा ने महिलाओं से सिलाई संबंधी सवाल पूछे। कई महिलाएं ये भी नहीं बता पाईं कि एक इंच में कितने सेंटीमीटर होते हैं। महिलाओं को सिलाई के प्रयोग की जाने वाली सुइयों के बारे में भी सही जानकारी नहीं थी। 260 महिलाओं में से सिर्फ 72 महिलाएं ही सही जवाब दे पाईं।
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स्नातक की डिग्री हाथ में, विषय की नहीं जानकारी
साक्षात्कार में कई स्नातक पास युवतियां भी शामिल हुई। पैनल ने युवतियों से सवाल किया कि उनके पास कौन-कौन से विषय थे। उक्त विषयों पर आधारित सवाल किए गए। युवतियां इन सवालों के जवाब नहीं दे पाईं। कुछ आवेदक तो ऐसे थे जो आवेदन करने वाली योजना का नाम तक नहीं बता सकें।
दर्जी का बनवाया प्रमाणपत्र
साक्षात्कार के समय कई महिलाओं के पास दर्जी होने का प्रमाणपत्र था लेकिन ज्ञान नहीं था। इसी कारण कई महिलाएं जरूरी सवालों का जवाब भी नहीं दे पाईं। इस प्रमाणपत्र को ग्राम प्रधान और सचिव मान्य किया था।
सरकार का उद्देश्य पात्र और इच्छुक व्यक्तियों को सशक्त बनाना है। वास्तविक कारीगरों और योग्य व्यक्तियों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा। 260 में से सिर्फ 72 महिलाएं पास हो सकी हैं। डॉ. बनवारी लाल, उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र
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सीएम विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत कई ट्रेड में साक्षात्कार किए जाते हैं। इसमें हलवाई, लोहार, राज मिस्त्री, मोची और नाई के साथ ही सिलाई का काम भी शामिल है। इसके लिए सरकार की ओर से कार्य के अनुसार उपकरण, अनुदान और ट्रेनिंग दी जाती है। जिले को 1025 का टारगेट मिला है, जिसमें 500 महिलाओं का सिलाई के लिए चयन होना है।
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जिला उद्योग केंद्र कार्यालय पर आयोजित साक्षात्कार में सहायक आयुक्त उत्कर्ष चंद्र, आईटीआई मैनपुरी के अनुदेशक रमेश चंद्र, रामशरण और एलडीएम रामचंद्र साहा ने महिलाओं से सिलाई संबंधी सवाल पूछे। कई महिलाएं ये भी नहीं बता पाईं कि एक इंच में कितने सेंटीमीटर होते हैं। महिलाओं को सिलाई के प्रयोग की जाने वाली सुइयों के बारे में भी सही जानकारी नहीं थी। 260 महिलाओं में से सिर्फ 72 महिलाएं ही सही जवाब दे पाईं।
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स्नातक की डिग्री हाथ में, विषय की नहीं जानकारी
साक्षात्कार में कई स्नातक पास युवतियां भी शामिल हुई। पैनल ने युवतियों से सवाल किया कि उनके पास कौन-कौन से विषय थे। उक्त विषयों पर आधारित सवाल किए गए। युवतियां इन सवालों के जवाब नहीं दे पाईं। कुछ आवेदक तो ऐसे थे जो आवेदन करने वाली योजना का नाम तक नहीं बता सकें।
दर्जी का बनवाया प्रमाणपत्र
साक्षात्कार के समय कई महिलाओं के पास दर्जी होने का प्रमाणपत्र था लेकिन ज्ञान नहीं था। इसी कारण कई महिलाएं जरूरी सवालों का जवाब भी नहीं दे पाईं। इस प्रमाणपत्र को ग्राम प्रधान और सचिव मान्य किया था।
सरकार का उद्देश्य पात्र और इच्छुक व्यक्तियों को सशक्त बनाना है। वास्तविक कारीगरों और योग्य व्यक्तियों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा। 260 में से सिर्फ 72 महिलाएं पास हो सकी हैं। डॉ. बनवारी लाल, उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र

फोटो 28 जिला उद्योग केंद्र पर साक्षात्कार के लिए लाइन में खड़ी महिलाएं। संवाद