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खाद की कालाबाजारी पर फूटा किसानों का गुस्सा

Fri, 19 Dec 2014 11:38 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी Updated Fri, 19 Dec 2014 11:38 AM IST
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farmer protests against the black marketing of fertilizers
सहकारी समितियों के गोदामों पर यूरिया और डीएपी उपलब्ध नहीं हैं तो खुले बाजार में  यूरिया और डीएपी दोनों पर खाद विक्रेता 50 से 75 रुपये तक की अतिरिक्त वसूली कर रहे हैं। गुरुवार को शहर के मदार दरवाजे स्थित एक खाद की दुकान पर अधिक कीमत लेने के विरोध में किसानों ने हंगामा कर दिया।
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किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और देवी रोड पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस और किसानों के बीच जाम खुलवाने के मुद्दे पर तीखी नोंकझोंक भी हुई।
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खरीफ की फसल में सूखे की मार के झेलने के बाद अब किसान खाद की कमी से जूझ रहे हैं। गुरुवार को करीब पचास से अधिक किसान बाजार में खाद खरीदने के लिए मदार पहुंचे थे। किसान राहुल लोधी ने बताया कि यूरिया की बोरी के दाम 334 रुपये हैं लेकिन दुकानदार 380 रुपये की मांग कर रहे है।
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इसी पर हंगामा हुआ और किसानों ने नारेबाजी करते हुए देवी रोड पर जाम लगा दिया। किसान मौके पर किसी सक्षम अधिकारी को बुलाने की मांग कर रहे थे। जैसे-तैसे पुलिस ने किसानों को समझाकर जाम खुलवाया। करीब एक घंटे तक जाम के चलते देवी रोड और आश्रम रोड पर आवागमन पूरी तरह ठप रहा। जिससे लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। प्रदर्शन करने वालों में धर्मेंद्र राजपूत, रवि कुमार, राजू यादव, प्रवीन पाल, मदन चौहान, संजीव वर्मा, नितिन राजपूत, रजनीश कुमार आदि शामिल थे।

पहले भी हो चुके हैं प्रदर्शन
निर्धारित दर पर बाजार में खाद न मिलने के विरोध में पहले भी किसान प्रदर्शन कर चुके हैं। नवंबर के अंतिम सप्ताह में किशनी में किसानों ने सहकारी समिति पर खाद न मिलने के विरोध में प्रदर्शन किया था। दिसंबर के पहले सप्ताह में करहल में किसानों और भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओें ने खाद लेकर सहकारी समिति पर जा रहे ट्रक को रोक लिया था। किसानों के आक्रोश को देखते हुए अधिकारियों को मौके पर ही किसानों को खाद का वितरण कराना पड़ा था।


जिले में यूरिया और डीएपी की कोई कमी नहीं है। सभी सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। यदि किसी किसान को समिति से खाद नहीं मिल रही है या बाजार में कोई अधिक दाम मांगता है तो किसान इसकी शिकायत करें। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
                                                     पीसी विश्वकर्मा

                                                    जिला कृषि अधिकारी
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