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आतिशबाजी के धूम-धड़ाके से गूंजा आकाश
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Mon, 31 Oct 2016 10:12 PM IST
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दीपावली
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दीपावली का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया। मकानों, दुकानों पर बिजली की आकर्षक सजावट की गई। दीपों और विद्युत की रंग-बिरंगी रोशनी से शहर जहां चमक उठा, वहीं आतिशबाजी के धूम-धड़ाकों से आकाश गूंजता रहा। घर-घर व प्रतिष्ठानों पर लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा-अर्चना हुई।
दीपावली पर शहर की रात रोशनी में जगमगाती रही। देर रात तक पटाखे दागते रहे और लोग एक-दूसरे को समृद्धि और खुशहाली की शुभकामनाएं देते रहे। बाजारों में पूरे दिन रौनक रही और उल्लास से भरे लोग खरीदारी करते रहे। आतिशबाजी और मिठाइयों की दुकानों से भीड़ छटने का नाम ही नहीं ले रही थी। पटाखे चलाने के लिए लगाई गई पाबंदी का असर भी कहीं दिखाई नहीं दिया। रात 12 बजे तक तेज धमाकों से आकाश गूंजता रहा।
गणेश जी एवं महालक्ष्मी का घर-घर में विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद झिलमिलाते दीपकों को घर के अंदर मुख्य स्थानों पर और बाहर चबूतरों एवं छतों पर कतारबद्ध ढंग से रखकर सजाया गया। रंग-बिरंगी मोमबत्तियां भी लगाई गई। आंगन और प्रवेश द्वारों पर रंगोली सजाई गई। अनेक घरों में रंग-बिरंगे झिलमिलाते हुए आकर्षक कंडील लटक रहे थे।
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धूम-धड़ाकों के पर्व दीपावली पर सबसे अधिक बच्चे आनंदित देखे गए। पटाखों के धमाकों की आवाजों और फुलझड़ियों की सतरंगी रोशनी पर वे ताली बजा-बजाकर खुशी का इजहार करते हुए झूम उठते थे।
वहीं जागरूकता अभियानों और अपील के बाद भी दीपावली पर इस बार भी चाइनीज झालरें और रोशनी के अन्य आइटम बिके। दुकानदारों ने बताया कि कम कीमत होने और आकर्षक होने के चलते इनकी बिक्री जमकर हुई।
लाखों के दांव लगे दीपावली की रात
दीपावली पर देर रात्रि तक विभिन्न स्थानों पर लगे जुए के फड़ों पर लाखों रुपये की हार-जीत हुई। किसी के लिए दीवाली शुभ रही तो किसी ने हजारों रुपये गंवा कर दीपावली फीकी कर ली। ग्रामीण अंचलों में भी जगह-जगह जुए के फड़ लगे।
4.50 करोड़ की फुंकी आतिशबाजी
दीपावली पर इस बार जमकर आतिशबाजी चली। जिले में करीब 4.50 करोड़ रुपये की आतिशबाजी फूंक दी गई। दीपावली के दिन ही करीब दो करोड़ रुपये की आतिशबाजी शहर के चार स्थानों पर लगे आतिशबाजी बाजार से खरीदी गई। आतिशबाजी में इस बार महंगे होने के बावजूद स्काई शॉट अधिक खरीदे गए। आतिशबाजी के चलते प्रदूषण भी खूब हुआ।
1.75 करोड़ की खरीद गई मिठाई
दीपावली मिष्ठान विक्रेताओं के लिए खूब फली। इस बार मिठाई पिछले सालों की अपेक्षा अधिक खरीदी गई। मिष्ठान विक्रेताआें की दुकानों पर मिठाई लेने के लिए लगी लोगों की लाइनें देख विक्रेताओं के चेहरे खिले नजर आ रहे थे। जिले में करीब 1.75 करोड़ रुपये की मिठाई की बिक्री हुई। कई मिठाइयां तो दीपावली के दिन दोपहर होने से पूर्व ही खत्म हो गईं थीं।
75 हजार के खरीदे गए फूल
दीपावली पर पूजन और घरों को सजाने के लिए लोगों ने इस बार फूलों की भी जमकर खरीदारी की। संता बसंता चौराहा, घंटाघर चौराहा, करहल रोड और क्रिश्चियन तिराहे पर फूलों की दुकानों पर देर शाम तक भीड़भाड़ नजर आई। अनुमान के मुताबिक करीब 75 हजार रुपये के फूलों की लोगों ने खरीदारी की।
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दीपावली पर शहर की रात रोशनी में जगमगाती रही। देर रात तक पटाखे दागते रहे और लोग एक-दूसरे को समृद्धि और खुशहाली की शुभकामनाएं देते रहे। बाजारों में पूरे दिन रौनक रही और उल्लास से भरे लोग खरीदारी करते रहे। आतिशबाजी और मिठाइयों की दुकानों से भीड़ छटने का नाम ही नहीं ले रही थी। पटाखे चलाने के लिए लगाई गई पाबंदी का असर भी कहीं दिखाई नहीं दिया। रात 12 बजे तक तेज धमाकों से आकाश गूंजता रहा।
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गणेश जी एवं महालक्ष्मी का घर-घर में विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद झिलमिलाते दीपकों को घर के अंदर मुख्य स्थानों पर और बाहर चबूतरों एवं छतों पर कतारबद्ध ढंग से रखकर सजाया गया। रंग-बिरंगी मोमबत्तियां भी लगाई गई। आंगन और प्रवेश द्वारों पर रंगोली सजाई गई। अनेक घरों में रंग-बिरंगे झिलमिलाते हुए आकर्षक कंडील लटक रहे थे।
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धूम-धड़ाकों के पर्व दीपावली पर सबसे अधिक बच्चे आनंदित देखे गए। पटाखों के धमाकों की आवाजों और फुलझड़ियों की सतरंगी रोशनी पर वे ताली बजा-बजाकर खुशी का इजहार करते हुए झूम उठते थे।
वहीं जागरूकता अभियानों और अपील के बाद भी दीपावली पर इस बार भी चाइनीज झालरें और रोशनी के अन्य आइटम बिके। दुकानदारों ने बताया कि कम कीमत होने और आकर्षक होने के चलते इनकी बिक्री जमकर हुई।
लाखों के दांव लगे दीपावली की रात
दीपावली पर देर रात्रि तक विभिन्न स्थानों पर लगे जुए के फड़ों पर लाखों रुपये की हार-जीत हुई। किसी के लिए दीवाली शुभ रही तो किसी ने हजारों रुपये गंवा कर दीपावली फीकी कर ली। ग्रामीण अंचलों में भी जगह-जगह जुए के फड़ लगे।
4.50 करोड़ की फुंकी आतिशबाजी
दीपावली पर इस बार जमकर आतिशबाजी चली। जिले में करीब 4.50 करोड़ रुपये की आतिशबाजी फूंक दी गई। दीपावली के दिन ही करीब दो करोड़ रुपये की आतिशबाजी शहर के चार स्थानों पर लगे आतिशबाजी बाजार से खरीदी गई। आतिशबाजी में इस बार महंगे होने के बावजूद स्काई शॉट अधिक खरीदे गए। आतिशबाजी के चलते प्रदूषण भी खूब हुआ।
1.75 करोड़ की खरीद गई मिठाई
दीपावली मिष्ठान विक्रेताओं के लिए खूब फली। इस बार मिठाई पिछले सालों की अपेक्षा अधिक खरीदी गई। मिष्ठान विक्रेताआें की दुकानों पर मिठाई लेने के लिए लगी लोगों की लाइनें देख विक्रेताओं के चेहरे खिले नजर आ रहे थे। जिले में करीब 1.75 करोड़ रुपये की मिठाई की बिक्री हुई। कई मिठाइयां तो दीपावली के दिन दोपहर होने से पूर्व ही खत्म हो गईं थीं।
75 हजार के खरीदे गए फूल
दीपावली पर पूजन और घरों को सजाने के लिए लोगों ने इस बार फूलों की भी जमकर खरीदारी की। संता बसंता चौराहा, घंटाघर चौराहा, करहल रोड और क्रिश्चियन तिराहे पर फूलों की दुकानों पर देर शाम तक भीड़भाड़ नजर आई। अनुमान के मुताबिक करीब 75 हजार रुपये के फूलों की लोगों ने खरीदारी की।