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आग के ‘खेल’ में जिंदा जला बालक
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Sun, 10 Apr 2016 11:40 PM IST
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आग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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थाना भोगांव क्षेत्र में बच्चाें की शरारत उन्हीं पर भारी पड़ गई। रविवार शाम खेलते समय उन्होंने पतेल में आग लगा दी, जिससे मकान के एक कच्चे कमरे में आग लग गई। इससे तीन बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। परिवारीजनों ने तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान अभिषेक की मौत हो गई। ग्रामीणों ने दमकल और पुलिस को सूचना दिए बगैर ही आग पर काबू पाया।
ग्राम अहिरवा निवासी प्रदीप के पुत्र अभिषेक (11), देव (3) और कुंवरजीत (5) शाम करीब साढ़े चार बजे घर के बाहर खेल रहे थे। खेलते हुए सभी बच्चे घर के बाहर एक कच्चे कमरे के पास पहुंच गए। कमरे के चारों ओर पतेल रखी हुई थी। इसी बीच एक बच्चे ने शरारत में पतेल में आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग देखकर बच्चों के होश उड़ गए और तीनों बच्चे दौड़कर कच्चे कमरे में दुबक गए। पतेल में लगी आग ने कुछ देर बाद कच्चे कमरे के छप्पर को और उसके बाद अंदर रखी पतेल को भी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली की बच्चों को कमरे से निकलने तक का मौका नहीं मिला। कमरे से धुआं निकलता देख परिवारीजन और ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें फैलती जा रही थीं। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद कमरे से बच्चों को निकाला और आग पर काबू पाया गया। किसी ने भी दमकल और थाना पुलिस को सूचना नहीं दी। इसके बाद आनन-फानन में तीनों बच्चों को जिला अस्पताल लाया गया। वहां अभिषेक की उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं देव और कुंवरजीत की हालत गंभीर बनी हुई है। बच्चे की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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ग्राम अहिरवा निवासी प्रदीप के पुत्र अभिषेक (11), देव (3) और कुंवरजीत (5) शाम करीब साढ़े चार बजे घर के बाहर खेल रहे थे। खेलते हुए सभी बच्चे घर के बाहर एक कच्चे कमरे के पास पहुंच गए। कमरे के चारों ओर पतेल रखी हुई थी। इसी बीच एक बच्चे ने शरारत में पतेल में आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग देखकर बच्चों के होश उड़ गए और तीनों बच्चे दौड़कर कच्चे कमरे में दुबक गए। पतेल में लगी आग ने कुछ देर बाद कच्चे कमरे के छप्पर को और उसके बाद अंदर रखी पतेल को भी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली की बच्चों को कमरे से निकलने तक का मौका नहीं मिला। कमरे से धुआं निकलता देख परिवारीजन और ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें फैलती जा रही थीं। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद कमरे से बच्चों को निकाला और आग पर काबू पाया गया। किसी ने भी दमकल और थाना पुलिस को सूचना नहीं दी। इसके बाद आनन-फानन में तीनों बच्चों को जिला अस्पताल लाया गया। वहां अभिषेक की उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं देव और कुंवरजीत की हालत गंभीर बनी हुई है। बच्चे की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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