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कोचिंग सेंटरों पर उड़ रही नियमों की धज्जियां
Mainpuri
Updated Fri, 30 Aug 2013 05:34 AM IST
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मैनपुरी। नगर में ट्यूशन और कोचिंग सेंटरों पर छात्र-छात्राओं की भीड़ बढ़नी शुरू हो गई है। स्कूल-कालेजों में अपेक्षित पढ़ाई न होने के कारण छात्र-छात्राएं ट्यूशन एवं कोचिंग सेंटरों का सहारा ले रहे हैं। नियम-कानूनों को धता बताकर नियमित वेतनभोगी शिक्षक भी कोचिंग सेंटरों पर पढ़ा रहे हैं। विद्यालय समय में भले ही ट्यूशन कोचिंग पर रोक हो लेकिन जब कोई देखने सुनने वाला ही नहीं है तो इस नियम की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
नगर के हरिदर्शन नगर, पंजाबी कालोनी, बाईपास रोड, पुरानी मैनपुरी, नटराज होटल वाली गली, आगरा रोड, देवी रोड, करहल रोड पर कई कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। इन सेंटरों पर सुबह से देर रात तक कई बैचों में छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जा रहा है। नियमानुसार विद्यालय समय में कोचिंग सेंटर नहीं चलना चाहिए और न ही इनमें किसी नियमित वेतन भोगी शिक्षक को पढ़ाने की छूट है। बावजूद इसके न सिर्फ कोचिंग सेंटर विद्यालय समय में धड़ल्ले से चल रहे हैं बल्कि कई वेतनभोगी शिक्षक इनमें मोटी रकम लेकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। कोचिंग सेंटरों पर एक बैच में 50 से 60 छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जा रहा है।
इंटर के छात्र अंकित ने बताया कि कोचिंग में पढ़ना उसकी मजबूरी है। कालेज में अब तक विधिवत पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। हाईस्कूल की छात्रा सुरभि का कहना था कि कोर्स पूरा करने और परीक्षा पास करने के लिए ट्यूशन ही एक मात्र सहारा है।
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अभी तक विद्यालय समय में कोचिंग सेंटर चलने या वेतनभोगी शिक्षकों द्वारा पढ़ाने की शिकायत नहीं मिली है। बावजूद इसके जल्द ही एक अभियान चलाकर छापामार कार्रवाई की जाएगी। अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- जीपी सिंह यादव, डीआईओएस
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नगर के हरिदर्शन नगर, पंजाबी कालोनी, बाईपास रोड, पुरानी मैनपुरी, नटराज होटल वाली गली, आगरा रोड, देवी रोड, करहल रोड पर कई कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। इन सेंटरों पर सुबह से देर रात तक कई बैचों में छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जा रहा है। नियमानुसार विद्यालय समय में कोचिंग सेंटर नहीं चलना चाहिए और न ही इनमें किसी नियमित वेतन भोगी शिक्षक को पढ़ाने की छूट है। बावजूद इसके न सिर्फ कोचिंग सेंटर विद्यालय समय में धड़ल्ले से चल रहे हैं बल्कि कई वेतनभोगी शिक्षक इनमें मोटी रकम लेकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। कोचिंग सेंटरों पर एक बैच में 50 से 60 छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जा रहा है।
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इंटर के छात्र अंकित ने बताया कि कोचिंग में पढ़ना उसकी मजबूरी है। कालेज में अब तक विधिवत पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। हाईस्कूल की छात्रा सुरभि का कहना था कि कोर्स पूरा करने और परीक्षा पास करने के लिए ट्यूशन ही एक मात्र सहारा है।
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अभी तक विद्यालय समय में कोचिंग सेंटर चलने या वेतनभोगी शिक्षकों द्वारा पढ़ाने की शिकायत नहीं मिली है। बावजूद इसके जल्द ही एक अभियान चलाकर छापामार कार्रवाई की जाएगी। अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- जीपी सिंह यादव, डीआईओएस