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2000 के लिए घंटों लाइन में लगी रही बुखार पीड़ित महिला, मौत
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sat, 19 Nov 2016 11:22 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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दो हजार रुपये के लिए घंटों तक बुखार से पीड़ित एक महिला बैंक के बाहर लाइन में लगी रही। इस दौरान उसकी हालत और बिगड़ती गई। नोट लेकर घर पहुंची तो हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि घर जाते ही चारपाई पर लेट गई। कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई।
मरने वाली महिला कुसमा (56) पत्नी रामलखन निवासी गांव वीरपुर कला की रहने वाली थी। बताया जा रहा है कि उसे पिछले आठ दिन से बुखार आ रहा था और शनिवार को वह लेखराजपुर की ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त शाखा में रुपये निकालने गई थीं। लाइन में घंटों खड़े रहने से उनकी तबीयत और बिगड़ गई। शाम को वह बैंक से 2000 रुपये निकालकर घर पहुंचीं। इसके बाद वह घर के बाहर चारपाई पर लेट गईं। वहीं परिवारीजन अपने काम में व्यस्त थे। उन्होंने भी ध्यान नहीं दिया। शाम करीब छह बजे घरवाले उन्हें जगाने पहुंचे तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी थी।
बता दें, शनिवार का दिन बैंकों ने वरिष्ठ नागरिकों क ी पुरानी करेंसी चेंज करने और पैसा निकालने के लिए तय किया गया था। इसी के चलते महिला भी तबीयत खराब होने के बावजूद खुद ही आईडी लेकर बैंक पहुंची थी। पैसे उसने बदल भी लिए, लेकिन उसकी जान चली गई।
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मरने वाली महिला कुसमा (56) पत्नी रामलखन निवासी गांव वीरपुर कला की रहने वाली थी। बताया जा रहा है कि उसे पिछले आठ दिन से बुखार आ रहा था और शनिवार को वह लेखराजपुर की ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त शाखा में रुपये निकालने गई थीं। लाइन में घंटों खड़े रहने से उनकी तबीयत और बिगड़ गई। शाम को वह बैंक से 2000 रुपये निकालकर घर पहुंचीं। इसके बाद वह घर के बाहर चारपाई पर लेट गईं। वहीं परिवारीजन अपने काम में व्यस्त थे। उन्होंने भी ध्यान नहीं दिया। शाम करीब छह बजे घरवाले उन्हें जगाने पहुंचे तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी थी।
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बता दें, शनिवार का दिन बैंकों ने वरिष्ठ नागरिकों क ी पुरानी करेंसी चेंज करने और पैसा निकालने के लिए तय किया गया था। इसी के चलते महिला भी तबीयत खराब होने के बावजूद खुद ही आईडी लेकर बैंक पहुंची थी। पैसे उसने बदल भी लिए, लेकिन उसकी जान चली गई।
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