{"_id":"65a7c5c82c5f87b07303e58d","slug":"yogi-of-bundelkhand-left-for-ayodhya-barefoot-welcomed-at-every-place-mahoba-news-c-12-1-knp1080-549157-2024-01-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: नंगे पैर अयोध्या रवाना हुए बुंदेलखंड के योगी, जगह-जगह स्वागत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: नंगे पैर अयोध्या रवाना हुए बुंदेलखंड के योगी, जगह-जगह स्वागत
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। बुंदेलखंड के योगी के नाम से मशहूर जनपद झांसी के ओरछा के पास स्थित टहरका आश्रम के महंत योगी सत्यनाथ महाराज रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए नंगे पैर अयोध्या जा रहे हैं। महोबा से निकलने के दौरान उनका जगह-जगह फूलमालाओं से स्वागत किया गया। महंत ने बताया कि वह रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में देश में सुख, समृद्धि व शांति के लिए कामना करेंगे।
टहरका आश्रम के महंत योगी सत्यनाथ बाल्यावस्था से ही ब्रह्मचारी हैं। उन्होंने एमबीए किया है। बताया कि उनकी सनातन पर विशेष आस्था है इसलिए सन्यासी जीवन अपना लिया। करीब 400 साल पहले ओरछा की रानी कुंवर गनेशीबाई रामलला को अयोध्या से ओरछा धाम पैदल चलकर लाई थीं, जो राजा के रूप में ओरछा में पूजे जाते हैं। वह 12 जनवरी से नंगे पैर पैदल चल रहे हैं। लगभग 500 किमी लक्ष्य के मुकाबले 208 किमी का सफर तय कर चुके हैं।
इस दौरान प्रतिदिन 40 से 50 किमी दूरी तय कर रहे हैं। यात्रा निवाड़ी, मऊरानीपुर, हरपालपुर, कुलपहाड़, महोबा, बांदा होते हुए 22 जनवरी को रामलला प्राण प्रतिष्ठा में अयोध्या पहुंचेगी। बताया कि वह गोरक्ष पीठ के शिष्य है, तो निमंत्रण भी है। इस मौके पर समाजसेवी शिवकुमार गोस्वामी, अवधेश तिवारी, हर्ष शुक्ला, ऋषभ उपाध्याय, मानवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। योगी सत्यनाथ अपने साथ 1,100 नारियल, 1,100 ध्वज, पीतल का कलश और सवा क्विंटल पेढ़ा का प्रसाद लेकर जा रहे हैं। इसमें प्राण प्रतिष्ठा के बाद सवा क्विंटल प्रसाद लेकर वह आएंगे और राम भक्तों को वितरित करेंगे।
विज्ञापन
इंसेट
इसलिए चल रहे नंगे पैर
महोबा। योगी सत्यनाथ ने बताया कि वर्ष 2016 में जब योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री नहीं थे। तब उन्होंने योगी जी के मुख्यमंत्री बनने के लिए चप्पल छोड़कर नंगे पैर चलना शुरू कर दिया था। इसके बाद दो चार-माह चप्पल पहनने के बाद उन्होंने चप्पल त्याग दी। वर्ष 2022 के चुनाव के समय एक बार फिर उन्होंने चप्पल-जूत त्याग दिए हैं कि उनका प्रण है कि जब तक योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नहीं बनते, वह नंगे पैर चलेंगे।
विज्ञापन
महोबा। बुंदेलखंड के योगी के नाम से मशहूर जनपद झांसी के ओरछा के पास स्थित टहरका आश्रम के महंत योगी सत्यनाथ महाराज रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए नंगे पैर अयोध्या जा रहे हैं। महोबा से निकलने के दौरान उनका जगह-जगह फूलमालाओं से स्वागत किया गया। महंत ने बताया कि वह रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में देश में सुख, समृद्धि व शांति के लिए कामना करेंगे।
टहरका आश्रम के महंत योगी सत्यनाथ बाल्यावस्था से ही ब्रह्मचारी हैं। उन्होंने एमबीए किया है। बताया कि उनकी सनातन पर विशेष आस्था है इसलिए सन्यासी जीवन अपना लिया। करीब 400 साल पहले ओरछा की रानी कुंवर गनेशीबाई रामलला को अयोध्या से ओरछा धाम पैदल चलकर लाई थीं, जो राजा के रूप में ओरछा में पूजे जाते हैं। वह 12 जनवरी से नंगे पैर पैदल चल रहे हैं। लगभग 500 किमी लक्ष्य के मुकाबले 208 किमी का सफर तय कर चुके हैं।
विज्ञापन
इस दौरान प्रतिदिन 40 से 50 किमी दूरी तय कर रहे हैं। यात्रा निवाड़ी, मऊरानीपुर, हरपालपुर, कुलपहाड़, महोबा, बांदा होते हुए 22 जनवरी को रामलला प्राण प्रतिष्ठा में अयोध्या पहुंचेगी। बताया कि वह गोरक्ष पीठ के शिष्य है, तो निमंत्रण भी है। इस मौके पर समाजसेवी शिवकुमार गोस्वामी, अवधेश तिवारी, हर्ष शुक्ला, ऋषभ उपाध्याय, मानवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। योगी सत्यनाथ अपने साथ 1,100 नारियल, 1,100 ध्वज, पीतल का कलश और सवा क्विंटल पेढ़ा का प्रसाद लेकर जा रहे हैं। इसमें प्राण प्रतिष्ठा के बाद सवा क्विंटल प्रसाद लेकर वह आएंगे और राम भक्तों को वितरित करेंगे।
विज्ञापन
इंसेट
इसलिए चल रहे नंगे पैर
महोबा। योगी सत्यनाथ ने बताया कि वर्ष 2016 में जब योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री नहीं थे। तब उन्होंने योगी जी के मुख्यमंत्री बनने के लिए चप्पल छोड़कर नंगे पैर चलना शुरू कर दिया था। इसके बाद दो चार-माह चप्पल पहनने के बाद उन्होंने चप्पल त्याग दी। वर्ष 2022 के चुनाव के समय एक बार फिर उन्होंने चप्पल-जूत त्याग दिए हैं कि उनका प्रण है कि जब तक योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नहीं बनते, वह नंगे पैर चलेंगे।