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मां चंद्रघंटा की आराधना कर भक्तों ने मांगी परिवार की खुशहाली
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आल्हा चौक में स्थित दुर्गा पंडाल में मां की आराधना करते भक्त।
- फोटो : MAHOBA
महोबा/चरखारी। नवरात्र के तीसरे दिन भक्तों ने मां के तृतीय स्वरूप चंद्रघंटा की आराधना कर परिवार की खुशहाली की कामना की। पर्व पर धार्मिक अनुष्ठान व कन्या भोज के आयोजन घर-घर कराए जा रहे हैं।
शहर के शक्तिपीठ मां बड़ी चंद्रिका मंदिर, मां छोटी चंद्रिका, शारदा देवी मंदिर, सिंहवाहिनी, कालीमाता आदि देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। परिवार सहित दरबार में पहुंचे भक्तों ने मां के तृतीय स्वरूप चंद्रघंटा की आराधना की। शहर में 160 स्थानों पर स्थापित दुर्गा पंडालों में पूरे दिन भक्ति गीतों की गूंज रही। चरखारी संवाद के अनुसार गुमान बिहारी नवदुर्गा समिति ने इस बार रायनपुर तालाब के टापू पर देवी पंडाल सजाया गया है। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में काम करने वाली युवाओं की टीम ने 100 मीटर पुल तालाब में तैयार किया है। जहां से जाकर भक्त मातारानी के दर्शन कर रहे हैैं। तीन फीट चौड़े और 100 मीटर लंबे पुल पर दस-दस लोगों का एक बार में प्रवेश दिया जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से पुल के आसपास गोताखोरों को नाव के साथ तैनात किया गया है।
गाजे-बाजे के साथ निकाली पालकी यात्रा
कुलपहाड़। कस्बे के गोविंद नगर स्थित सांई बाबा मंदिर का 13वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। हवन पूजन के बाद सांई बाबा की प्रतिमा को पालकी में रखकर गाजे-बाजे के साथ नगर भ्रमण कराया गया। भक्त भजन-कीर्तन के साथ सांई बाबा के जयकारे लगाते रहे। मंदिर के संस्थापक अधिवक्ता केदारनाथ सक्सेना ने बताया कि वर्ष 2008 में सांई बाबा की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा कराई गई थी। तब से हर वर्ष सांई बाबा का वार्षिक उत्सव मनाया जाता है।
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शहर के शक्तिपीठ मां बड़ी चंद्रिका मंदिर, मां छोटी चंद्रिका, शारदा देवी मंदिर, सिंहवाहिनी, कालीमाता आदि देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। परिवार सहित दरबार में पहुंचे भक्तों ने मां के तृतीय स्वरूप चंद्रघंटा की आराधना की। शहर में 160 स्थानों पर स्थापित दुर्गा पंडालों में पूरे दिन भक्ति गीतों की गूंज रही। चरखारी संवाद के अनुसार गुमान बिहारी नवदुर्गा समिति ने इस बार रायनपुर तालाब के टापू पर देवी पंडाल सजाया गया है। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में काम करने वाली युवाओं की टीम ने 100 मीटर पुल तालाब में तैयार किया है। जहां से जाकर भक्त मातारानी के दर्शन कर रहे हैैं। तीन फीट चौड़े और 100 मीटर लंबे पुल पर दस-दस लोगों का एक बार में प्रवेश दिया जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से पुल के आसपास गोताखोरों को नाव के साथ तैनात किया गया है।
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गाजे-बाजे के साथ निकाली पालकी यात्रा
कुलपहाड़। कस्बे के गोविंद नगर स्थित सांई बाबा मंदिर का 13वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। हवन पूजन के बाद सांई बाबा की प्रतिमा को पालकी में रखकर गाजे-बाजे के साथ नगर भ्रमण कराया गया। भक्त भजन-कीर्तन के साथ सांई बाबा के जयकारे लगाते रहे। मंदिर के संस्थापक अधिवक्ता केदारनाथ सक्सेना ने बताया कि वर्ष 2008 में सांई बाबा की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा कराई गई थी। तब से हर वर्ष सांई बाबा का वार्षिक उत्सव मनाया जाता है।
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