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मजदूरी का भुगतान न करने से नाराज श्रमिकों ने किया प्रदर्शन
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महोबा। वन विभाग द्वारा जिले में पौधरोपण के लिए गड्ढा खुदाई के कार्य में लगाए गए मजदूरों का भुगतान न किए जाने से नाराज एक सैकड़ा श्रमिकों ने डीएफओ कार्यालय का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि वन विभाग के अधिकारियों ने मामला निपटाने के बहाने कार्यालय में बुलाकर धमकी दी और बंधक बनाने का प्रयास किया। डीएम ने वन विभाग के अधिकारियों से वार्ताकर श्रमिकों के शीघ्र भुगतान के निर्देश दिए हैं।
वन विभाग द्वारा पौधरोपण के लिए जनवरी व फरवरी माह में गड्ढों की खुदाई कराई गई। जिसमें जिले के श्रमिकों को न लगाकर मध्यप्रदेश के सतना, रीवा आदि जिलों से श्रमिकों को बुलाया गया। एमपी से परिवार समेत आए श्रमिकों ने करीब दो माह तक गड्ढा खुदाई का कार्य किया। काम समाप्त होने पर जब श्रमिकों ने मजदूरी मांगी तो वन विभाग के अधिकारियों ने टहला दिया। आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रमिक मजदूरी के भुगतान के लिए मंगलवार की शाम कलेक्ट्रेट पहुंच गए और डीएम कार्यालय के बाहर डेरा जमा लिया। श्रमिक गजेंद्र, बब्लू, कल्लू, ममता, बबली, पूजा, रामबाई आदि का आरोप है कि रात में वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी कलेक्ट्रेट आए और भुगतान करने की बात कहते हुए वन विभाग कार्यालय ले गए। जहां उन्हें धमकाया गया और निर्धारित मजदूरी से कम पैसे लेने का दबाव बनाया गया, श्रमिकों के न मानने पर अधिकारी चले गए।
बुधवार की सुबह आक्रोशित श्रमिकों ने डीएफओ कार्यालय का घेराव करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान श्रमिकों ने प्रदर्शन करते हुए मजदूरी का भुगतान किए जाने की मांग की। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि आधा दर्जन लोगों को कार्यालय बुलाया गया, जहां उनके मोबाइल छीन लिए गए और बंधक बनाने का प्रयास किया। सूचना पर सपा लोहिया वाहिनी के योगेश योगी समेत तमाम कार्यकर्ता कार्यालय पहुंच गए और श्रमिकों को लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे। जहां श्रमिकों ने जिलाधिकारी अवधेश कुमार तिवारी को पूरा मामला बताया। जिलाधिकारी का कहना है कि मामला वन विभाग का है। पौधरोपण के लिए गड्ढे खुदवाए गए थे, डीएफओ से बात की गई है। जिस पर उन्होंने बताया कि मानक के अनुसार गड्ढे नहीं खोदे गए हैं। डीएफओ सुधीर कुमार श्रमिकों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हैं।
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वन विभाग द्वारा पौधरोपण के लिए जनवरी व फरवरी माह में गड्ढों की खुदाई कराई गई। जिसमें जिले के श्रमिकों को न लगाकर मध्यप्रदेश के सतना, रीवा आदि जिलों से श्रमिकों को बुलाया गया। एमपी से परिवार समेत आए श्रमिकों ने करीब दो माह तक गड्ढा खुदाई का कार्य किया। काम समाप्त होने पर जब श्रमिकों ने मजदूरी मांगी तो वन विभाग के अधिकारियों ने टहला दिया। आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रमिक मजदूरी के भुगतान के लिए मंगलवार की शाम कलेक्ट्रेट पहुंच गए और डीएम कार्यालय के बाहर डेरा जमा लिया। श्रमिक गजेंद्र, बब्लू, कल्लू, ममता, बबली, पूजा, रामबाई आदि का आरोप है कि रात में वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी कलेक्ट्रेट आए और भुगतान करने की बात कहते हुए वन विभाग कार्यालय ले गए। जहां उन्हें धमकाया गया और निर्धारित मजदूरी से कम पैसे लेने का दबाव बनाया गया, श्रमिकों के न मानने पर अधिकारी चले गए।
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बुधवार की सुबह आक्रोशित श्रमिकों ने डीएफओ कार्यालय का घेराव करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान श्रमिकों ने प्रदर्शन करते हुए मजदूरी का भुगतान किए जाने की मांग की। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि आधा दर्जन लोगों को कार्यालय बुलाया गया, जहां उनके मोबाइल छीन लिए गए और बंधक बनाने का प्रयास किया। सूचना पर सपा लोहिया वाहिनी के योगेश योगी समेत तमाम कार्यकर्ता कार्यालय पहुंच गए और श्रमिकों को लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे। जहां श्रमिकों ने जिलाधिकारी अवधेश कुमार तिवारी को पूरा मामला बताया। जिलाधिकारी का कहना है कि मामला वन विभाग का है। पौधरोपण के लिए गड्ढे खुदवाए गए थे, डीएफओ से बात की गई है। जिस पर उन्होंने बताया कि मानक के अनुसार गड्ढे नहीं खोदे गए हैं। डीएफओ सुधीर कुमार श्रमिकों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हैं।
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