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खेतों में झोपड़ी बनाकर रहने को मजबूर प्रवासी मजदूर,

Sun, 24 May 2020 09:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 24 May 2020 09:57 PM IST
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workers are forced to live in fields
खेत में झोपड़ी बनाकर रहता प्रवासी श्रमिक - फोटो : MAHOBA
दूसरे राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूरों से गांव वाले दूरियां बना रहे हैं। श्रमिक अपने ही गांव में आबादी से दूर खेतों में झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। ग्रामीणों में कोरोना वायरस को लेकर खासा भय बना हुआ है।
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बाहर से आने वालों से ग्रामीण दूरी बनाकर रखे हैं। क्वांरीटन अवधि पूरा कर चुके प्रवासियों से भी ग्रामीण मिलने में कतराते हैं। तमाम प्रवासी तो खेतों में डेरा जमाए हुए हैं।
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रोजी रोटी पर बन आया संकट
बेलाताल निवासी कपूरी के पति रामचरन की मौत हो जाने पर वह मजदूरी करने लगी। एक माह पहले दिल्ली से गांव लौट आई। 14 दिन तक क्वारंटीन रहने के बाद होम क्वारंटीन की गई। होम क्वारंटीन की भी अवधि पूरी हो गई लेकिन महिला को कोई भी मजदूरी में नहीं लगाता है। जिससे परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट गहराने लगा है। राशन कार्ड से जो मिल जाता है। उसी से काम चला रही है।
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