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महोबाः दिल्ली में फंसे बीबी-बच्चों के न आ पाने से आहत ग्रामीण ने दी जान
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कुलपहाड़(महोबा) में लॉकडाउन के चलते दिल्ली में फंसे बीबी-बच्चों को घर न ला पाने से परेशान ग्रामीण ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना से घर में कोहराम मच गया।
कोतवाली कुलपहाड़ के ग्राम सुगिरा निवासी कल्लू यादव(35) पुत्र तुलसीदास यादव बच्चों के साथ दिल्ली में रहकर मेहनत-मजदूरी करता था। होली पर वह गांव अकेले आया था। 25 मार्च को वापस दिल्ली जाने की तैयारी थी लेकिन तब तक लॉकडाउन लग गया।
इससे वह गांव में ही रह गया और उसका परिवार दिल्ली में फंस गया। तब से वह लगातार परिवार तक जाने के लिए काफी प्रयास कर चुका था। इससे युवक तनाव में रहने लगा। पिता तुलसीदास ने बताया कि उसका बेटा कई बार पत्नी रचना को फोन करके किसी तरह से आने कहता था।
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साथ ही वह भी पत्नी को घर लाने के लिए दौड़-धूप कर रहा था। रविवार सुबह उसने गांव के बाहर नाले के पास बरगद के पेड़ में रस्सी से फांसी लगाकर जान दे दी। घटना से के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कल्लू के तीन बच्चे थे।
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कोतवाली कुलपहाड़ के ग्राम सुगिरा निवासी कल्लू यादव(35) पुत्र तुलसीदास यादव बच्चों के साथ दिल्ली में रहकर मेहनत-मजदूरी करता था। होली पर वह गांव अकेले आया था। 25 मार्च को वापस दिल्ली जाने की तैयारी थी लेकिन तब तक लॉकडाउन लग गया।
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इससे वह गांव में ही रह गया और उसका परिवार दिल्ली में फंस गया। तब से वह लगातार परिवार तक जाने के लिए काफी प्रयास कर चुका था। इससे युवक तनाव में रहने लगा। पिता तुलसीदास ने बताया कि उसका बेटा कई बार पत्नी रचना को फोन करके किसी तरह से आने कहता था।
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साथ ही वह भी पत्नी को घर लाने के लिए दौड़-धूप कर रहा था। रविवार सुबह उसने गांव के बाहर नाले के पास बरगद के पेड़ में रस्सी से फांसी लगाकर जान दे दी। घटना से के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कल्लू के तीन बच्चे थे।