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अर्जुन बांध के नहरों की टेल तक पहुंचेगा सिंचाई को पानी
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खरेला (महोबा)। चरखारी के अर्जुन बांध से जुड़ी नहरों से सिंचाई के लिए पानी की उम्मीद लगाए बैठे किसानों के लिए खुशखबरी है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दिग्विजय सिंह ने बताया कि इस दफा अर्जुन बांध से जुड़ी नहरों के टेल तक पानी पहुंचेगा। किसानों को सिंचाई के लिए दो बार पर्याप्त पानी मुहैया कराया जाएगा। स्केप और खांदी की मरम्मत का कार्य चल रहा है। 15 दिनों तक चलने वाली नहरों में पानी 20 नवंबर से पानी छोड़ा जाएगा।
चरखारी तहसील के करीब 40 गांव के साथ सीमावर्ती जिला हमीरपुर के भी लगभग 45 गांव के किसानों के खेतों को पांच वर्ष बाद सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलने की उम्मीद जागी है। पर्याप्त बारिश और मौदहा बांध परियोजना का छोड़ा गया पानी अर्जुन बांध में समय पर भर जाने से किसानों को पलेवा के बाद भी फसल को सिंचाई के लिए दोबारा भी पानी मिलेगा।
सिंचाई विभाग के अभियंता ने बताया कि बांध में क्षमता के अनुसार इस वर्ष पानी का भराव है। 20 नवंबर को नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। पंद्रह दिन तक करीब नहर चलेगी। जरूरत पर किसानों की मांग के अनुसार दोबारा पानी दिया जाएगा। बताया कि नहरों की सफाई लगभग पूरी हो रही है। नहरों की खांदी और क्षतिग्रस्त स्केप भी दुरुस्त करवा रहे है ताकि टेल तक के किसानों का पानी मिल सके। नहरों की साफ-सफाई और मरम्मत की देखरेख को विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों को अलग-अलग लगाया गया हैं।
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चरखारी तहसील के करीब 40 गांव के साथ सीमावर्ती जिला हमीरपुर के भी लगभग 45 गांव के किसानों के खेतों को पांच वर्ष बाद सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलने की उम्मीद जागी है। पर्याप्त बारिश और मौदहा बांध परियोजना का छोड़ा गया पानी अर्जुन बांध में समय पर भर जाने से किसानों को पलेवा के बाद भी फसल को सिंचाई के लिए दोबारा भी पानी मिलेगा।
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सिंचाई विभाग के अभियंता ने बताया कि बांध में क्षमता के अनुसार इस वर्ष पानी का भराव है। 20 नवंबर को नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। पंद्रह दिन तक करीब नहर चलेगी। जरूरत पर किसानों की मांग के अनुसार दोबारा पानी दिया जाएगा। बताया कि नहरों की सफाई लगभग पूरी हो रही है। नहरों की खांदी और क्षतिग्रस्त स्केप भी दुरुस्त करवा रहे है ताकि टेल तक के किसानों का पानी मिल सके। नहरों की साफ-सफाई और मरम्मत की देखरेख को विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों को अलग-अलग लगाया गया हैं।
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