फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   Water crisis due to dams and rivers drying up

बांध और नदियों के सूख जाने से जल संकट

Wed, 10 Jun 2020 10:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jun 2020 10:48 PM IST
विज्ञापन
Water crisis due to dams and rivers drying up
खन्ना में चंद्रावल नदी में गड्ढा खोदकर पानी निकालते ग्रामीण - फोटो : MAHOBA
महोबा। भीषण गर्मी में तालाबों के सूख जाने, बांधों के जवाब देने और हैंडपंपों का जलस्तर नीचे खिसक जाने से जिले में पानी को लेकर हाहाकार मच गया है। चंद्रावल नदी के सूख जाने से ग्रामीण नदी में गड्ढे खोदकर पानी निकाल रहे हैं। वहीं, अजनर गांव में भी ऊंचाई के इलाकों में पानी की आपूर्ति न हो पाने से ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। अजनर पेयजल योजना का भी ग्रामीणों को भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। पनवाड़ी में पानी की किल्लत है। जिले के 50 हजार से अधिक लोग पेयजल के लिए परेशान हैं।
विज्ञापन

बुंदेलखंड पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां पर गर्मी के दिनों में हर साल पानी की समस्या पैदा हो जाती है। कबरई बांध से पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन गर्मी में बांध का पानी डेडलेवल के नीचे पहुंच जाने के कारण कबरई के 50 फीसदी इलाके में पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे पानी की समस्या बढ़ गई है। लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जल संस्थान टैंकरों से पानी की आपूर्ति करा रहा है। इसी तरह महोबा शहर में ऊंचाई के इलाकों में पानी न पहुंचने से लोगों को पानी की समस्या की जूझना पड़ रहा है। गर्मी के चलते जलस्तर नीचे खिसकने से मकानियापुरा, बड़ीहाट, समदनगर, नैकानापुरा, नयापुरा नैकाना सहित तमाम इलाकों के हैंडपंपों ने काम करना बंद कर दिया है।
विज्ञापन

खन्ना प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे में ट्यूबवेल से पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन जलस्तर नीचे खिसक जाने से हरिजन बस्ती सहित कई इलाकों में पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे महिलाएं तीन किमी दूर चंद्रावल नदी से पानी लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने सूखे स्थानों पर कई जगहों पर गड्ढे खोदकर पानी निकालना शुरू कर दिया है। यहां सुबह-शाम पानी के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

समूह पेयजल योजना फ्लाप
अजनर। ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए 13 साल पहले 1.44 करोड़ रुपए की लागत से बनाई गई अजनर ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत गांव में पानी की टंकी बनाकर पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन पानी की कमी के चलते प्रेशर न बन पाने के कारण श्रीराम, घटेरा, कुरियाना, फकुरियाना, सक्सेनापुरा, घटरुआ सहित आधे गांव में पानी की आपूर्ति न हो पाने से ग्रामीणों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ा रहा है।

अजनर पेयजल योजना के तहत वर्ष 2007 में बनाई गई पानी की टंकी की पर्याप्त क्षमता न होने के कारण ऊंचाई के इलाकों में पानी न पहुंच पाने के कारण अब अजनर गांव में एक 50 केएल पानी की नई टंकी का पहाड़ पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। सीडब्ल्यूआर टैंक का कार्य पूरा होने के बाद ऊंचाई के इलाकों में भरपूर पानी मिलेगा।
संदेश सिंह तोमर, अधिशासी अभियंता, जल निगम महोबा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed