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उपभोक्ता के बैंक खाते से जनसेवा केंद्र संचालक ने चार लाख रुपये निकाले
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श्रीनगर (महोबा)। कस्बा में संचालित जनसेवा केंद्र के संचालक ने एक महिला उपभोक्ता के खाते से चार लाख रुपये की धनराशि निकाल ली। तीन माह के अंतराल में अलग-अलग जनसेवा केंद्रों से 40 बार में रकम निकाली गई। केंद्र संचालक मकान व केंद्र में ताला डालकर फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
थाना श्रीनगर के सिजरिया गांव निवासी गुमान राजपूत की पत्नी जमुनिया का खाता इंडियन बैंक शाखा श्रीनगर में हैं। जमुनिया ने 12 मार्च को श्रीनगर में संचालित जनसेवा केंद्र से दस हजार रुपये निकाले। इसकेे बाद मंगलवार को वह जनसेवा केंद्र पहुंची तो ताला लटका मिला। बैंक जाकर जानकारी करने पर पता चला कि उसके खाते में जमा चार लाख रुपये की धनराशि निकाली जा चुकी है। पीड़िता ने थाने पहुंच तहरीर दी। आरोप है कि केंद्र संचालक ने फर्जी फिंगरप्रिंट बनाकर आधार कार्ड में अपनी पत्नी फोटो चस्पा कर ली और खाते से रुपये निकाल लिया। बैंक डिटेल चेक करने पर 40 बार में पनवाड़ी, कुलपहाड़, कबरई आदि स्थानों पर संचालित जनसेवा केंद्रों से धनराशि निकाली गई। उधर केंद्र संचालक केंद्र में ताला डालकर फरार है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इंडियन बैंक श्रीनगर के प्रबंधक राजेश वर्मा का कहना है कि बुंदेलखंड में तीन कंपनियों का इंडियन बैंक से करार है। इन्हीं के द्वारा अभ्यर्थियों को जनसेवा केंद्र संचालित करने के निर्देश है। मुख्य ऑफिस के फाइनेंस विभाग से इनको स्वीकृति मिलती है। बैंक का इसमें कोई रोल नहीं होता है। जानकारी मिलते ही पीड़ित उपभोक्ता के खाते से निकासी पर रोक लगा दी गई है। फिंगरप्रिंट की जांच कराई जाएगी। उधर थाना प्रभारी संजय शर्मा का कहना है कि मामले की तहरीर मिली है। जांच कराई जा रही है।
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थाना श्रीनगर के सिजरिया गांव निवासी गुमान राजपूत की पत्नी जमुनिया का खाता इंडियन बैंक शाखा श्रीनगर में हैं। जमुनिया ने 12 मार्च को श्रीनगर में संचालित जनसेवा केंद्र से दस हजार रुपये निकाले। इसकेे बाद मंगलवार को वह जनसेवा केंद्र पहुंची तो ताला लटका मिला। बैंक जाकर जानकारी करने पर पता चला कि उसके खाते में जमा चार लाख रुपये की धनराशि निकाली जा चुकी है। पीड़िता ने थाने पहुंच तहरीर दी। आरोप है कि केंद्र संचालक ने फर्जी फिंगरप्रिंट बनाकर आधार कार्ड में अपनी पत्नी फोटो चस्पा कर ली और खाते से रुपये निकाल लिया। बैंक डिटेल चेक करने पर 40 बार में पनवाड़ी, कुलपहाड़, कबरई आदि स्थानों पर संचालित जनसेवा केंद्रों से धनराशि निकाली गई। उधर केंद्र संचालक केंद्र में ताला डालकर फरार है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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इंडियन बैंक श्रीनगर के प्रबंधक राजेश वर्मा का कहना है कि बुंदेलखंड में तीन कंपनियों का इंडियन बैंक से करार है। इन्हीं के द्वारा अभ्यर्थियों को जनसेवा केंद्र संचालित करने के निर्देश है। मुख्य ऑफिस के फाइनेंस विभाग से इनको स्वीकृति मिलती है। बैंक का इसमें कोई रोल नहीं होता है। जानकारी मिलते ही पीड़ित उपभोक्ता के खाते से निकासी पर रोक लगा दी गई है। फिंगरप्रिंट की जांच कराई जाएगी। उधर थाना प्रभारी संजय शर्मा का कहना है कि मामले की तहरीर मिली है। जांच कराई जा रही है।
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