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उर्मिल बांध से खोली गई नहर, लबालब भरेंगे तालाब
अमर उजाला महोबा
Updated Thu, 28 Jul 2016 11:31 PM IST
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उर्मिल बांध से खोली गई नहर
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी और एमपी की सीमा पर बने उर्मिल बांध में तेजी से बढ़ रहे जल स्तर को देखते हुए नहर खोल दी गई है। जिससे शहर के ऐतिहासिक तालाब पानी से लबालब नजर आएंगे।
उर्मिल बांध से निकली नहर शहर के ऐतिहासिक मदन सागर, कीरत सागर व कल्याण सागर को जोड़ती है। मानसून सत्र में हुई झमाझम बारिश से उर्मिल बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। जिससे सिंचाई विभाग ने उर्मिल बांध से नहर खोल दी है। नहर का पानी तालाबों में आने से अब ऐतिहासिक तालाब भी अपनी पूरी भंडारण क्षमता के साथ भर सकेंगे।
प्रदेश सरकार ने इस वर्ष ऐतिहासिक तालाबाें की खुदाई कराई थी। बीते तीन वर्षों से सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड में अबकी मानसून सत्र के दौरान बेहतर बारिश हुई। जिससे तालाबों में पानी नजर आने लगा लेकिन तालाबों की खुदाई के दौरान तालाब में पानी आने के श्रोत मिट्टी डाल दिए जाने से बंद हो गए। ऐसे में तालाब पूरी भंडारण क्षमता के साथ नहीं भर सके। अब उर्मिल बांध से नहर खोल दिए जाने से ऐतिहासिक तालाबाें में सीधे पानी आएगा।
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उर्मिल बांध से निकली नहर शहर के ऐतिहासिक मदन सागर, कीरत सागर व कल्याण सागर को जोड़ती है। मानसून सत्र में हुई झमाझम बारिश से उर्मिल बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। जिससे सिंचाई विभाग ने उर्मिल बांध से नहर खोल दी है। नहर का पानी तालाबों में आने से अब ऐतिहासिक तालाब भी अपनी पूरी भंडारण क्षमता के साथ भर सकेंगे।
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प्रदेश सरकार ने इस वर्ष ऐतिहासिक तालाबाें की खुदाई कराई थी। बीते तीन वर्षों से सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड में अबकी मानसून सत्र के दौरान बेहतर बारिश हुई। जिससे तालाबों में पानी नजर आने लगा लेकिन तालाबों की खुदाई के दौरान तालाब में पानी आने के श्रोत मिट्टी डाल दिए जाने से बंद हो गए। ऐसे में तालाब पूरी भंडारण क्षमता के साथ नहीं भर सके। अब उर्मिल बांध से नहर खोल दिए जाने से ऐतिहासिक तालाबाें में सीधे पानी आएगा।
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