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अधूरी रह गई बुंदेलखंड राज्य की आस
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महोबा। पृथक बुंदेलखंड राज्य बनाने को लेकर अरसे मांग चल रही है। इसको लेकर कई सालों तक आंदोलन हुए हैं। नेताओं ने चुनावी सालों में वादे भी किए, लेकिन फिर भूल गए।
शुक्रवार को बुंदेले आस लगाए थे कि इस बार पीएम बुंदेलखंड राज्य का सपना पूरा करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रधानमंत्री ने पूरे भाषण में कई बार बुंदेलखंड का नाम लिया, लेकिन बुंदेलखंड राज्य बनाने को लेकर कुछ नहीं कहा।
पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर 635 दिन तक ऐतिहासिक अनशन कर चुके एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक रिकार्ड 23 बार अपने खून से खत लिख चुके बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने बताया कि बुंदेलों को उम्मीद थी कि पीएम बुंदेलखंड राज्य का एलान करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। (संवाद)
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शुक्रवार को बुंदेले आस लगाए थे कि इस बार पीएम बुंदेलखंड राज्य का सपना पूरा करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रधानमंत्री ने पूरे भाषण में कई बार बुंदेलखंड का नाम लिया, लेकिन बुंदेलखंड राज्य बनाने को लेकर कुछ नहीं कहा।
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पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर 635 दिन तक ऐतिहासिक अनशन कर चुके एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक रिकार्ड 23 बार अपने खून से खत लिख चुके बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने बताया कि बुंदेलों को उम्मीद थी कि पीएम बुंदेलखंड राज्य का एलान करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। (संवाद)
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