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Mahoba News: साहूकारों के कर्ज व फसल बर्बाद होने से परेशान किसान ने फंदा लगा दी जान
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फोटो 04 एमएएचपी 23 परिचय-किसान अनिल प्रजापति (फाइल फोटो)। स्रोत: परिजन
कबरई (महोबा)। थाना कबरई के खरका गांव में साहूकारों के कर्ज और फसल बर्बाद होने से परेशान किसान ने शनिवार की रात फंदा लगाकर जान दे दी। अतिवृष्टि में तिल की फसल बर्बाद होने से साहूकारों के कर्ज की अदायगी को लेकर वह परेशान रहता था। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है।
खरका निवासी किसान अनिल प्रजापति (35) मेहनत-मजदूरी के साथ कास्तकारों की करीब 30 बीघा भूमि बलकट पर लिए था। इस बार खरीफ सीजन में उसने तिल की फसल बोई थी। एक सप्ताह पहले तक हुई भारी बारिश से तिल की फसल बर्बाद हो गई थी। शनिवार की शाम पत्नी सुखदेवी, सात वर्षीय बेटे मातादीन, रोहित और बेटी शिवानी को दादा के घर छोड़कर खेत गई थी। तभी अनिल ने कच्चे मकान के बरामदे में लट्ठे से रस्सी का फंदा लगा लिया। रात में जब पत्नी खेत से घर लौटी तो दरवाजा अंदर से मिला। कुंडी बजाने के बाद भी कोई आहट न मिलने पर पड़ोसी एकत्र हो गए। तब दरवाजा तोड़ा गया। अंदर अनिल का फंदे पर लटकता मिला।
घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने घटनास्थल पहुंच जांच की। मृतक के भाई कमलेश प्रजापति ने बताया कि अनिल ने करीब दो लाख रुपये साहूकारों से कर्ज लिया था। बलकट पर भूमि लेकर तिल की फसल बोई थी। अतिवृष्टि में फसल खराब होने व साहूकारों के कर्ज की अदायगी को लेकर भाई परेशान रहता था। इसी के चलते उसने यह कदम उठाया। उधर, थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्ट रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एसडीएम शिवध्यान पांडेय का कहना है कि जांच में प्रथम दृष्टया घरेलू विवाद व नशे का लती होने का तथ्य सामने आया है। बारिश में बर्बाद फसलों का सर्वे चल रहा है। किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा।
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युवक समेत दो ने फंदा लगाकर की आत्महत्या
महोबा/खरेला। अलग-अलग स्थानों पर युवक समेत दो लोगों ने शनिवार की रात फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। थाना खरेला के पाठा गांव निवासी अशोक (21) दिल्ली में रहकर मेहनत-मजदूरी करता था। तीन दिन पहले वह दिल्ली से घर आया था। रात के समय उसने कमरे में रस्सी का फंदा लगा लिया। इससे उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता रमेश ने बताया कि घर पर किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं हुआ। बेटे ने यह कदम क्यों उठाया, यह स्पष्ट नहीं है। एक अन्य घटना में कोतवाली क्षेत्र के रतौली गांव निवासी दिलीप अहिरवार (24) ने घर पर फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।
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खरका निवासी किसान अनिल प्रजापति (35) मेहनत-मजदूरी के साथ कास्तकारों की करीब 30 बीघा भूमि बलकट पर लिए था। इस बार खरीफ सीजन में उसने तिल की फसल बोई थी। एक सप्ताह पहले तक हुई भारी बारिश से तिल की फसल बर्बाद हो गई थी। शनिवार की शाम पत्नी सुखदेवी, सात वर्षीय बेटे मातादीन, रोहित और बेटी शिवानी को दादा के घर छोड़कर खेत गई थी। तभी अनिल ने कच्चे मकान के बरामदे में लट्ठे से रस्सी का फंदा लगा लिया। रात में जब पत्नी खेत से घर लौटी तो दरवाजा अंदर से मिला। कुंडी बजाने के बाद भी कोई आहट न मिलने पर पड़ोसी एकत्र हो गए। तब दरवाजा तोड़ा गया। अंदर अनिल का फंदे पर लटकता मिला।
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घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने घटनास्थल पहुंच जांच की। मृतक के भाई कमलेश प्रजापति ने बताया कि अनिल ने करीब दो लाख रुपये साहूकारों से कर्ज लिया था। बलकट पर भूमि लेकर तिल की फसल बोई थी। अतिवृष्टि में फसल खराब होने व साहूकारों के कर्ज की अदायगी को लेकर भाई परेशान रहता था। इसी के चलते उसने यह कदम उठाया। उधर, थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्ट रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एसडीएम शिवध्यान पांडेय का कहना है कि जांच में प्रथम दृष्टया घरेलू विवाद व नशे का लती होने का तथ्य सामने आया है। बारिश में बर्बाद फसलों का सर्वे चल रहा है। किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा।
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युवक समेत दो ने फंदा लगाकर की आत्महत्या
महोबा/खरेला। अलग-अलग स्थानों पर युवक समेत दो लोगों ने शनिवार की रात फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। थाना खरेला के पाठा गांव निवासी अशोक (21) दिल्ली में रहकर मेहनत-मजदूरी करता था। तीन दिन पहले वह दिल्ली से घर आया था। रात के समय उसने कमरे में रस्सी का फंदा लगा लिया। इससे उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता रमेश ने बताया कि घर पर किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं हुआ। बेटे ने यह कदम क्यों उठाया, यह स्पष्ट नहीं है। एक अन्य घटना में कोतवाली क्षेत्र के रतौली गांव निवासी दिलीप अहिरवार (24) ने घर पर फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।