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Mahoba News: पारिवारिक विवाद और तनाव से बढ़ रहा आत्महत्या का ग्राफ
Sun, 25 May 2025 12:30 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sun, 25 May 2025 12:30 AM IST
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महोबा। जिले में आत्महत्याओं का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। आए दिन किसी न किसी कारण के चलते लोग आत्महत्या कर रहे हैं। पिछले दो माह में दस लोगों ने मौत को गले लगा लिया। इनमें सबसे ज्यादा पारिवारिक विवाद और तनाव की वजह से मौत के मामले सामने आए हैं। आत्महत्या करने वालों में सर्वाधिक संख्या 15 से 25 आयुवर्ग की है।
आत्महत्या के मामलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पुलिस का भी सिरदर्द बढ़ा रही है। तमाम लोग पारिवारिक विवाद व अन्य कारणों से मानसिक तनाव में आकर अवसाद ग्रस्त हो जाते हैं। हर तरफ से नाकामी दिखने पर आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। उन्हें न तो अपने घर परिवार का ही ख्याल रहता है और न ही उनके पीछे परिवार के हालत की कोई चिंता रहती है। ऐसे में समाज से बेपरवाह लोग जहरीला पदार्थ खाकर या फंदा लगाकर आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। जिले में पिछले कुछ दिनों में आत्महत्या के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। 23 मई को ही पहरा और टुडर गांव में दो युवकों ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। इसके बाद प्रेमी-प्रेमिका की एक साथ आत्महत्या ने सभी को झकझोर दिया।
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मानसिक अवसाद के कारण होती हैं ऐसी घटनाएं
महोबा। जिला अस्पताल की नैदानिक मनोचिकित्सक डॉ. अंकिता गुप्ता का कहना है कि इस तरह के मामलों में आत्महत्या की वजह पारिवारिक व आर्थिक कारण भी आ रहे हैं। किसी बात को मन में छिपाए रहने और दूसरों से साझा न करने पर लोग इस तरह के कदम उठा लेते हैं। अस्पताल के मन कक्ष में भी इस तरह के मरीज आते हैं। जिनकी काउंसलिंग की जाती है। काउंसलिंग व इलाज के बाद उनकी सोच में बदलाव आता है कि जिस समस्या से वह परेशान थे वह इतनी बड़ी नहीं है। इसका समाधान हो सकता है। चरखारी में लिव इन रिलेशनशिप में रहे प्रेमी युगल की आत्महत्या के पीछे भी मानसिक अवसाद का कारण हो सकता है।
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टेलीमानस हेल्पलाइन 14416 पर 24 घंटे ले सकते हैं जानकारी
महोबा। सामाजिक परामर्शदाता प्रेमदास का कहना है कि लिव इन रिलेशनशिप को परिवार और समाज स्वीकार नहीं करता। इससे युवा वर्ग के लोग मानसिक तनाव में आ जाते हैं। इस उम्र में सोचने व समझने की क्षमता कम रहती है। ऐसे में परिवार व समाज को सपोर्ट करना चाहिए। आत्महत्या की सबसे ज्यादा घटनाएं 15 से 25 की उम्र में हो रही हैं। इसके पीछे रोजगार व भविष्य को लेकर परेशान रहने के मामले सामने आए हैं। सोशल मीडिया भी इसकी मुख्य वजह है। इससे दिनचर्या खराब होती है। साथ ही लोग मानसिक रूप से कमजोर हो जाते हैं और नशा और गलत रास्ते पर चले जाते हैं। इस प्रकार के लोगों के लिए टेलीमानस हेल्पलाइन नंबर 14416 चलाया जा रहा है। जिसमें 24 घंटे लोग जानकारी व सुझाव ले सकते हैं।
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आत्महत्या के मामलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पुलिस का भी सिरदर्द बढ़ा रही है। तमाम लोग पारिवारिक विवाद व अन्य कारणों से मानसिक तनाव में आकर अवसाद ग्रस्त हो जाते हैं। हर तरफ से नाकामी दिखने पर आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। उन्हें न तो अपने घर परिवार का ही ख्याल रहता है और न ही उनके पीछे परिवार के हालत की कोई चिंता रहती है। ऐसे में समाज से बेपरवाह लोग जहरीला पदार्थ खाकर या फंदा लगाकर आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। जिले में पिछले कुछ दिनों में आत्महत्या के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। 23 मई को ही पहरा और टुडर गांव में दो युवकों ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। इसके बाद प्रेमी-प्रेमिका की एक साथ आत्महत्या ने सभी को झकझोर दिया।
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मानसिक अवसाद के कारण होती हैं ऐसी घटनाएं
महोबा। जिला अस्पताल की नैदानिक मनोचिकित्सक डॉ. अंकिता गुप्ता का कहना है कि इस तरह के मामलों में आत्महत्या की वजह पारिवारिक व आर्थिक कारण भी आ रहे हैं। किसी बात को मन में छिपाए रहने और दूसरों से साझा न करने पर लोग इस तरह के कदम उठा लेते हैं। अस्पताल के मन कक्ष में भी इस तरह के मरीज आते हैं। जिनकी काउंसलिंग की जाती है। काउंसलिंग व इलाज के बाद उनकी सोच में बदलाव आता है कि जिस समस्या से वह परेशान थे वह इतनी बड़ी नहीं है। इसका समाधान हो सकता है। चरखारी में लिव इन रिलेशनशिप में रहे प्रेमी युगल की आत्महत्या के पीछे भी मानसिक अवसाद का कारण हो सकता है।
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टेलीमानस हेल्पलाइन 14416 पर 24 घंटे ले सकते हैं जानकारी
महोबा। सामाजिक परामर्शदाता प्रेमदास का कहना है कि लिव इन रिलेशनशिप को परिवार और समाज स्वीकार नहीं करता। इससे युवा वर्ग के लोग मानसिक तनाव में आ जाते हैं। इस उम्र में सोचने व समझने की क्षमता कम रहती है। ऐसे में परिवार व समाज को सपोर्ट करना चाहिए। आत्महत्या की सबसे ज्यादा घटनाएं 15 से 25 की उम्र में हो रही हैं। इसके पीछे रोजगार व भविष्य को लेकर परेशान रहने के मामले सामने आए हैं। सोशल मीडिया भी इसकी मुख्य वजह है। इससे दिनचर्या खराब होती है। साथ ही लोग मानसिक रूप से कमजोर हो जाते हैं और नशा और गलत रास्ते पर चले जाते हैं। इस प्रकार के लोगों के लिए टेलीमानस हेल्पलाइन नंबर 14416 चलाया जा रहा है। जिसमें 24 घंटे लोग जानकारी व सुझाव ले सकते हैं।