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Mahoba News: आयोग ने बीमा कंपनी को पांच लाख रुपये ब्याज समेत देने का दिया आदेश
Sun, 10 May 2026 11:51 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sun, 10 May 2026 11:51 PM IST
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महोबा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है। सड़क हादसे में मृत महिला किसान के पति को बीमा कंपनी पांच लाख रुपये ब्याज समेत अदा करेगी। बीमा कंपनी ने पहले महिला के पति का आवेदन निरस्त कर दिया था।
कोतवाली कुलपहाड़ के सिरमौर गांव की मालती छह नवंबर 2018 को घायल हुई थी। 11 नवंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पति दिल्ली प्रसाद ने किसान बीमा योजना के तहत क्लेम किया था। बीमा कंपनी ओरियंटल इंश्योरेंस ने 25 जनवरी 2019 को दावा निरस्त कर दिया। कंपनी ने मालती को परिवार का मुखिया मानने से इन्कार किया था। इसके बाद दिल्ली प्रसाद ने 16 अप्रैल 2019 को उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल किया।
प्रधान न्यायाधीश राघवेंद्र और न्यायाधीश विनोद कुमार तिवारी ने दोनों पक्षों को सुना। आयोग ने माना कि मालती के नाम पर कृषि भूमि थी और वह योजना की पात्रताओं को भी पूरा कर रही थी। अतः उसे परिवार का मुखिया माना जाएगा।
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आयोग ने ओरियंटल बीमा कंपनी को दिल्ली प्रसाद को पांच लाख रुपये सात प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ देने का आदेश दिया। ब्याज की गणना परिवाद दाखिल होने की तारीख से होगी। मानसिक कष्ट के लिए 10 हजार रुपये और वाद व्यय के लिए पांच हजार रुपये भी देने होंगे।
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कोतवाली कुलपहाड़ के सिरमौर गांव की मालती छह नवंबर 2018 को घायल हुई थी। 11 नवंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पति दिल्ली प्रसाद ने किसान बीमा योजना के तहत क्लेम किया था। बीमा कंपनी ओरियंटल इंश्योरेंस ने 25 जनवरी 2019 को दावा निरस्त कर दिया। कंपनी ने मालती को परिवार का मुखिया मानने से इन्कार किया था। इसके बाद दिल्ली प्रसाद ने 16 अप्रैल 2019 को उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल किया।
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प्रधान न्यायाधीश राघवेंद्र और न्यायाधीश विनोद कुमार तिवारी ने दोनों पक्षों को सुना। आयोग ने माना कि मालती के नाम पर कृषि भूमि थी और वह योजना की पात्रताओं को भी पूरा कर रही थी। अतः उसे परिवार का मुखिया माना जाएगा।
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आयोग ने ओरियंटल बीमा कंपनी को दिल्ली प्रसाद को पांच लाख रुपये सात प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ देने का आदेश दिया। ब्याज की गणना परिवाद दाखिल होने की तारीख से होगी। मानसिक कष्ट के लिए 10 हजार रुपये और वाद व्यय के लिए पांच हजार रुपये भी देने होंगे।