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इमारत न बनने से खुले आसमान में पढ़ रहे छात्र
ब्यूरो अमर उजाला महोबा
Updated Tue, 02 Feb 2016 12:33 AM IST
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विकासखंड जैतपुर के ग्राम अजनर में विद्यालय के निर्माण की
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दूसरी किस्त न भेजे जाने से एक दशक से विद्यालय का निर्माण कार्य अधर में
लटका है। जिससे मजबूरन छात्रों को खुले आसमान में शिक्षा ग्रहण करनी पड़
रही है।
विकासखंड जैतपुर के ग्राम अजनर में विद्यालय के निर्माण की दूसरी किस्त न भेजे जाने से एक दशक से विद्यालय का निर्माण कार्य अधर में लटका है। जिससे मजबूरन छात्रों को खुले आसमान में शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है।
ग्राम अजनर में एक दशक पहले कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय के भवन निर्माण के लिए महकमे ने भवन निर्माण के लिए एक किश्त जारी कर दी थी। जिससे प्रधानाध्यापक ने विद्यालय के चारों ओर दीवारें खड़ी करा दी थी। लेकिन दूसरी किश्त विभाग द्वारा न भेजे जाने से 10 साल भी विद्यालय में स्लैब नहीं पड़ पाई है। दूसरी किश्त न मिलने से विद्यालय में प्लास्टर भी नहीं हो पाया है। जिससे मजबूरन छात्राएं पुरानी इमारत के बरामदे के पास खुले आसमान के नीचे सर्दी, गर्मी बारिश में पढ़ने को मजबूर है। गौरतलब है कि एक दशक पहले बेसिक शिक्षा विभाग ने कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय भवन अजनर के लिए धनराशि स्वीकृत की थी। विभाग ने एक किश्त निर्माण के लिए भेज दी थी। लेकिन दूसरी किश्त आज तक न भेजे जाने से विद्यालय की इमारत में स्लैब नही पड़ सकी है। जिससे छात्राओं को विद्यालय भवन का कोई लाभ नही मिल पाया है। जिससे विद्यालय की छात्राओं को खुले आसमान के नीचे शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है। इस संबंध में बीएसए रामेश्वर प्रसाद का कहना है कि विद्यालय की दूसरी किश्त जल्द ही भिजवाई जाएंगी जिससे स्कूल का अधूरा निर्माण कार्य पूरा कराया जा सके।
विकासखंड जैतपुर के ग्राम अजनर में विद्यालय के निर्माण की दूसरी किस्त न भेजे जाने से एक दशक से विद्यालय का निर्माण कार्य अधर में लटका है। जिससे मजबूरन छात्रों को खुले आसमान में शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है।
ग्राम अजनर में एक दशक पहले कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय के भवन निर्माण के लिए महकमे ने भवन निर्माण के लिए एक किश्त जारी कर दी थी। जिससे प्रधानाध्यापक ने विद्यालय के चारों ओर दीवारें खड़ी करा दी थी। लेकिन दूसरी किश्त विभाग द्वारा न भेजे जाने से 10 साल भी विद्यालय में स्लैब नहीं पड़ पाई है। दूसरी किश्त न मिलने से विद्यालय में प्लास्टर भी नहीं हो पाया है। जिससे मजबूरन छात्राएं पुरानी इमारत के बरामदे के पास खुले आसमान के नीचे सर्दी, गर्मी बारिश में पढ़ने को मजबूर है। गौरतलब है कि एक दशक पहले बेसिक शिक्षा विभाग ने कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय भवन अजनर के लिए धनराशि स्वीकृत की थी। विभाग ने एक किश्त निर्माण के लिए भेज दी थी। लेकिन दूसरी किश्त आज तक न भेजे जाने से विद्यालय की इमारत में स्लैब नही पड़ सकी है। जिससे छात्राओं को विद्यालय भवन का कोई लाभ नही मिल पाया है। जिससे विद्यालय की छात्राओं को खुले आसमान के नीचे शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है। इस संबंध में बीएसए रामेश्वर प्रसाद का कहना है कि विद्यालय की दूसरी किश्त जल्द ही भिजवाई जाएंगी जिससे स्कूल का अधूरा निर्माण कार्य पूरा कराया जा सके।
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