{"_id":"5fbbf19e8ebc3e9bf13661a3","slug":"teaching-starts-in-mahoba-s-colleges-20-percent-students-on-first-day-mahoba-news-knp5958809109","type":"story","status":"publish","title_hn":"महोबा के कॉलेजों में शिक्षण काय शुरु, पहले दिन पहुंचे 20 फीसदी छात्र-छात्राएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महोबा के कॉलेजों में शिक्षण काय शुरु, पहले दिन पहुंचे 20 फीसदी छात्र-छात्राएं
विज्ञापन
टनल मशीन से गुजरतीं छात्राएं
- फोटो : MAHOBA
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। कोरोना संक्रमण के बीच शासन के निर्देश पर सोमवार से महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य शुरू हो गया। वीरभूमि राजकीय महाविद्यालय में पहले दिन कोरोना से बचाव को लेकर खासी चौकसी देखी गई। टनल मशीन से छात्र-छात्राओं को सैनिटाइज करने के बाद थर्मल स्क्रीनिंग की गई। पहले दिन 50 फीसदी छात्र-छात्राओं को बुलाया गया था लेकिन बीस फीसदी बच्चे ही कॉलेज शिक्षा ग्रहण करने पहुंचे।
प्रदेश सरकार ने कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार 23 नवंबर से कॉलेजों को खोले जाने के निर्देश दिए थे। जिसको लेकर कॉलेजों में पहले से ही सभी व्यवस्थाएं की गईं। छात्र संख्या के आधार पर कक्षाओं में 50 फीसदी बच्चों को बुलाया गया। शहर के वीरभूमि राजकीय महाविद्यालय में 2400 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। शासन के निर्दश पर 50 फीसदी बच्चों को पहले दिन जबकि शेष बच्चों को दूसरे दिन बुलाने की तैयारी की गई है। पहले दिन विभिन्न कक्षाओं में महज 400 बच्चे ही शिक्षा ग्रहण करने पहुंचे।
महाविद्यालयों के कक्षों में प्रवेश देने से पहले छात्र-छात्राओं को टनल मशीन से सैनिटाइज किया गया। इसके बाद स्थापित कोविड हेल्प डेस्क में सभी छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। बिना मास्क किसी भी बच्चे को कॉलेज में प्रवेश नहीं दिया गया। कक्षाओं में एक कुर्सी छोड़कर छात्र-छात्राओं के लिए बैठने की व्यवस्था की गई। प्राचार्य प्रो. सुशील बाबू ने बताया कि छात्र-छात्राओं को शिक्षा ग्रहण करने के लिए अभिभावकों की स्वीकृति लाना अनिवार्य किया गया है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए कक्षाओं का संचालन शुरु कराया गया है। इसी तरह राजकीय महाविद्यालय चरखारी, रामश्री महाविद्यालय, मां चंद्रिका महिला महाविद्यालय में भी कोरोना संक्रमण से बचाव के इंतजामों के बीच शिक्षण कार्य शुरु कराया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
महोबा। कोरोना संक्रमण के बीच शासन के निर्देश पर सोमवार से महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य शुरू हो गया। वीरभूमि राजकीय महाविद्यालय में पहले दिन कोरोना से बचाव को लेकर खासी चौकसी देखी गई। टनल मशीन से छात्र-छात्राओं को सैनिटाइज करने के बाद थर्मल स्क्रीनिंग की गई। पहले दिन 50 फीसदी छात्र-छात्राओं को बुलाया गया था लेकिन बीस फीसदी बच्चे ही कॉलेज शिक्षा ग्रहण करने पहुंचे।
प्रदेश सरकार ने कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार 23 नवंबर से कॉलेजों को खोले जाने के निर्देश दिए थे। जिसको लेकर कॉलेजों में पहले से ही सभी व्यवस्थाएं की गईं। छात्र संख्या के आधार पर कक्षाओं में 50 फीसदी बच्चों को बुलाया गया। शहर के वीरभूमि राजकीय महाविद्यालय में 2400 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। शासन के निर्दश पर 50 फीसदी बच्चों को पहले दिन जबकि शेष बच्चों को दूसरे दिन बुलाने की तैयारी की गई है। पहले दिन विभिन्न कक्षाओं में महज 400 बच्चे ही शिक्षा ग्रहण करने पहुंचे।
विज्ञापन
महाविद्यालयों के कक्षों में प्रवेश देने से पहले छात्र-छात्राओं को टनल मशीन से सैनिटाइज किया गया। इसके बाद स्थापित कोविड हेल्प डेस्क में सभी छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। बिना मास्क किसी भी बच्चे को कॉलेज में प्रवेश नहीं दिया गया। कक्षाओं में एक कुर्सी छोड़कर छात्र-छात्राओं के लिए बैठने की व्यवस्था की गई। प्राचार्य प्रो. सुशील बाबू ने बताया कि छात्र-छात्राओं को शिक्षा ग्रहण करने के लिए अभिभावकों की स्वीकृति लाना अनिवार्य किया गया है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए कक्षाओं का संचालन शुरु कराया गया है। इसी तरह राजकीय महाविद्यालय चरखारी, रामश्री महाविद्यालय, मां चंद्रिका महिला महाविद्यालय में भी कोरोना संक्रमण से बचाव के इंतजामों के बीच शिक्षण कार्य शुरु कराया गया।
विज्ञापन