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जेल पहुंच कर कलाई पर बांधी राखी, भाई- बहनों की आंखों से छलक पड़े खुशी के आंसू
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उप कारागार में भाई को राखी बांधती बहन (स्रोत- जेल प्रशासन)
- फोटो : MAHOBA
महोबा। जेल में बंद भाइयों की कलाई पर बहनों ने रक्षासूत्र बांधा। जेल के अंदर मिठाई रोली और राखी ले जाने की अनुमति दी गई। इस दौरान कोविड नियमों का पालन भी कराया गया।
रक्षा बंधन के त्योहार पर बहनों को सामने देख उपकारागार में दोनों के आंसू छलक पड़े। फिर रक्षा सूत्र बांधकर मिठाई खिलाई और सबका हालचाल लिया। जेल प्रशासन ने बहनों को मिलवाने के लिए तैयारियां कर रखी थी। कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें मिलने का मौका दिया गया। जिला जेलर बीएन मिश्रा ने बताया कि रविवार को 249 और सोमवार को 80 बहनों ने अपने भाइयों को राखी बांधी हैं। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया गया। वहीं जेल में कुल 495 बंदी निरुद्ध हैं।
भाइयों ने दोबारा जेल न आने का दिया वचन
भाई बहन के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन पर्व पर जेल में निरुद्ध भाइयों के लिए बहने राखी, मिठाई लेकर पहुंची। अपने-अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। बहनों ने जेल में बंद भाइयों से इस बात का वचन लिया कि वह कभी कोई ऐसा काम नहीं करेंगे जिससे जेल आना पड़े। जिस पर भाइयों ने भी बहनों को दोबारा कभी जेल न आने का वचन दिया।
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रक्षा बंधन के त्योहार पर बहनों को सामने देख उपकारागार में दोनों के आंसू छलक पड़े। फिर रक्षा सूत्र बांधकर मिठाई खिलाई और सबका हालचाल लिया। जेल प्रशासन ने बहनों को मिलवाने के लिए तैयारियां कर रखी थी। कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें मिलने का मौका दिया गया। जिला जेलर बीएन मिश्रा ने बताया कि रविवार को 249 और सोमवार को 80 बहनों ने अपने भाइयों को राखी बांधी हैं। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया गया। वहीं जेल में कुल 495 बंदी निरुद्ध हैं।
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भाइयों ने दोबारा जेल न आने का दिया वचन
भाई बहन के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन पर्व पर जेल में निरुद्ध भाइयों के लिए बहने राखी, मिठाई लेकर पहुंची। अपने-अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। बहनों ने जेल में बंद भाइयों से इस बात का वचन लिया कि वह कभी कोई ऐसा काम नहीं करेंगे जिससे जेल आना पड़े। जिस पर भाइयों ने भी बहनों को दोबारा कभी जेल न आने का वचन दिया।
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