सात मेधावियों को दिए लैपटॉप, चलाना भी पूछा
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बुंदेलखंड में बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से किसान और ग्रामीण दशकों से जूझ रहे थे। लगातार सूखा पड़ने से तालाब और बांध भी सूखे पड़े थे। वर्ष 2012 में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सबसे पहले शहर के पालीटेक्निक ग्राउंड में मेधावी छात्र छात्राओं को लैपटॉप वितरित करने आए। इसके बाद ग्राम करहराकलां में स्थापित कराए गए 10 मेगावाट सोलर प्लांट का सीएम ने लोकार्पण किया था। साथ ही अन्य सोलर प्लांट स्थापित कराए जाने की आधारशिला रखी थी।
वर्ष 2015 में भीषण सूखा पड़ा तो मुख्यमंत्री ने गरीबों को राहत पहुंचाने के लिए महोबा आकर समाजवादी राहत पैकेट वितरण योजना की शुरुआत की। इतना ही नहीं जिले के ऐतिहासिक और प्राचीन तालाबों की खुदाई के लिए करोड़ों का बजट जारी किया। जिले के एक सैकड़ा तालाबों का खुदाई कार्य होने के बाद चार जून 2016 को मुख्यमंत्री ने चरखारी आकर तालाबों का निरीक्षण किया था। तालाब खुदने के बाद इस दफा झमाझम बारिश हुई जिससे तालाब अपनी पूरी भंडारण क्षमता से भर सके। माना जा रहा है कि ऐतिहासिक तालाबों के भरने से अब जिलेवासियों को एक दशक तक पानी की समस्या नहीं होगी। बुधवार को मुख्यमंत्री ने कनकुआ गांव में आधा दर्जन सौर ऊर्जा प्लांटों का लोकार्पण किया।