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Mahoba News: 15 छात्राओं की हालत बिगड़ने के बाद विद्यालय में पसरा रहा सन्नाटा
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पनवाड़ी (महोबा)। ब्लॉक पनवाड़ी के कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय महुआ में मिड-डे-मील भोजन के दौरान 15 छात्राओं की हालत बिगड़ने की घटना से छात्र-छात्राओं में दहशत है। मंगलवार को विद्यालय में आधा दर्जन बच्चे ही पहुंचे। जिससे सन्नाटा पसरा रहा।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय महुआ में 300 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। सोमवार की दोपहर मध्याहन भोजन के दौरान एक के बाद एक 15 छात्राओं की हालत बिगड़ गई थी। कुछ छात्राओं ने भोजन किया था और जिन छात्राओं ने भोजन नहीं किया। उन्हें भी घबराहट व चक्कर आने की शिकायत हुई थी। सभी छात्राओं को सीएचसी पनवाड़ी में भर्ती कराया गया। देर शाम हालत में सुधार होने पर सभी की छुट्टी कर दी गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने एमडीएम भोजन में बनी सब्जी व रोटी का नमूना जांच के लिए लखनऊ भेजा था।
प्रधानाध्यापक गोविंद रिछारिया का कहना है कि कुछ बच्चे विद्यालय आए थे। शेष बच्चों को विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अंध विश्वास में फंसे अभिभावक
छात्राओं की हालत बिगड़ने की घटना के बाद छात्राओं के अभिभावक अंधविश्वास में उलझ गए हैं। कुछ छात्राओं ने अचानक कुछ दिखने और हालत बिगड़ने की बात बताई थी। जिसके बाद मंगलवार को अभिभावकों ने अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेजा। जिन छात्राओं की हालत बिगड़ी, उनके परिजन गांव व दूसरे स्थानों पर तांत्रिकों से झाड़-फूंक करा रहे हैं। अभिभावक शिवचरन, श्रीपत, वीरेंद्र, आनंद आदि का कहना है कि छात्राओं के रोने और तेज आवाज से चीखने से वह वह परेशान हैं।
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय महुआ में 300 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। सोमवार की दोपहर मध्याहन भोजन के दौरान एक के बाद एक 15 छात्राओं की हालत बिगड़ गई थी। कुछ छात्राओं ने भोजन किया था और जिन छात्राओं ने भोजन नहीं किया। उन्हें भी घबराहट व चक्कर आने की शिकायत हुई थी। सभी छात्राओं को सीएचसी पनवाड़ी में भर्ती कराया गया। देर शाम हालत में सुधार होने पर सभी की छुट्टी कर दी गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने एमडीएम भोजन में बनी सब्जी व रोटी का नमूना जांच के लिए लखनऊ भेजा था।
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प्रधानाध्यापक गोविंद रिछारिया का कहना है कि कुछ बच्चे विद्यालय आए थे। शेष बच्चों को विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अंध विश्वास में फंसे अभिभावक
छात्राओं की हालत बिगड़ने की घटना के बाद छात्राओं के अभिभावक अंधविश्वास में उलझ गए हैं। कुछ छात्राओं ने अचानक कुछ दिखने और हालत बिगड़ने की बात बताई थी। जिसके बाद मंगलवार को अभिभावकों ने अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेजा। जिन छात्राओं की हालत बिगड़ी, उनके परिजन गांव व दूसरे स्थानों पर तांत्रिकों से झाड़-फूंक करा रहे हैं। अभिभावक शिवचरन, श्रीपत, वीरेंद्र, आनंद आदि का कहना है कि छात्राओं के रोने और तेज आवाज से चीखने से वह वह परेशान हैं।
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