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Mahoba News: कृषि विभाग का दावा, नैनो खाद के प्रयोग से फसल की बढ़वार और उपज बढ़ेगी
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महोबा। समितियों पर डीएपी व यूरिया लेने के लिए किसानों की लंबी कतार लगने लगी है। समितियों पर जहां नैना यूरिया और डीएपी की भरमार है। वहीं किसान दानेदार खाद की मांग कर रहे हैं। हालांकि कृषि विभाग किसानों को नैनो यूरिया व डीएपी के इस्तेमाल के लिए प्रेरित कर रहा है।
सोमवार को जैतपुर स्थित पीसीएफ और सहकारी संघ की समितियों पर डीएपी लेने के लिए किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। खाद न मिलने पर किसानों ने हंगामा कर कुलपहाड़-बेलाताल मार्ग पर जाम लगा दिया था। किसानों का आरोप था कि दो बोरी दानेदार खाद के साथ एक शीशी नैनो डीएपी दी जा रही है। ऐसे में नैनो खाद को लेकर किसान असमंजस में दिखाई दिए थे।
कृषि विभाग के मुताबिक कई किसानों में नैनो यूरिया व डीएपी को लेकर भ्रांतियां हैं। किसान इसके सही प्रयोग की विधि से भी पूरी तरह परिचित नहीं हैं। यही वजह है कि समितियों पर दानेदार खाद की मांग अधिक बनी हुई है।
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उप कृषि निदेशक रामसजीवन ने बताया कि जिले की सभी समितियों में नैनो डीएपी व यूरिया उपलब्ध है। पिछले वर्ष कई किसानों के खेतों में प्रयोग कराया गया था जिसके परिणाम बेहतर मिले। उन्होंने कहा कि किसान नैनो यूरिया और डीएपी का कृषि विशेषज्ञों की सलाह व निर्धारित विधि के अनुसार प्रयोग करें। इससे खाद को खेत तक ले जाने का बोझ कम होगा और अच्छी पैदारवार मिलेगी।
इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक अभिषेक कुमार ने बताया कि जिले में नैना यूरिया और डीएपी सभी समितियों में भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। वर्तमान में 9,900 बोतल नैना यूरिया व 9,200 बोतल नैनो डीएपी की उपलब्धता है। नैनो डीएपी 600 रुपये और नैनो यूरिया 225 रुपये प्रति बोतल किसानों को उपलब्ध कराई जा रही है।
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सोमवार को जैतपुर स्थित पीसीएफ और सहकारी संघ की समितियों पर डीएपी लेने के लिए किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। खाद न मिलने पर किसानों ने हंगामा कर कुलपहाड़-बेलाताल मार्ग पर जाम लगा दिया था। किसानों का आरोप था कि दो बोरी दानेदार खाद के साथ एक शीशी नैनो डीएपी दी जा रही है। ऐसे में नैनो खाद को लेकर किसान असमंजस में दिखाई दिए थे।
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कृषि विभाग के मुताबिक कई किसानों में नैनो यूरिया व डीएपी को लेकर भ्रांतियां हैं। किसान इसके सही प्रयोग की विधि से भी पूरी तरह परिचित नहीं हैं। यही वजह है कि समितियों पर दानेदार खाद की मांग अधिक बनी हुई है।
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उप कृषि निदेशक रामसजीवन ने बताया कि जिले की सभी समितियों में नैनो डीएपी व यूरिया उपलब्ध है। पिछले वर्ष कई किसानों के खेतों में प्रयोग कराया गया था जिसके परिणाम बेहतर मिले। उन्होंने कहा कि किसान नैनो यूरिया और डीएपी का कृषि विशेषज्ञों की सलाह व निर्धारित विधि के अनुसार प्रयोग करें। इससे खाद को खेत तक ले जाने का बोझ कम होगा और अच्छी पैदारवार मिलेगी।
इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक अभिषेक कुमार ने बताया कि जिले में नैना यूरिया और डीएपी सभी समितियों में भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। वर्तमान में 9,900 बोतल नैना यूरिया व 9,200 बोतल नैनो डीएपी की उपलब्धता है। नैनो डीएपी 600 रुपये और नैनो यूरिया 225 रुपये प्रति बोतल किसानों को उपलब्ध कराई जा रही है।