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एमपी की घाटियों में हुई बारिश से उर्मिल बांध में एक मीटर पानी बढ़ा
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उर्मिल बांध में बढ़ा पानी
- फोटो : MAHOBA
श्रीनगर (महोबा)। मंगलवार की रात को पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश की घाटियों में हुई जबर्दस्त बारिश के चलते उर्मिल बांध में एक मीटर जलस्तर बढ़ गया। अब 229.50 मीटर पानी बांध में आ गया है। एमपी की बारिश से जलस्तर बढ़ने से यूपी और एमपी के बाशिंदों को रबी की फसल के लिए पलेवा और सिंचाई करने को पानी मिलने की उम्मीद जाग गई है। छह माह बाद बांध के फाटक में पानी हिलोरे मार रहा है।
वर्ष 1978 में यूपी-एमपी की सरहद पर उर्मिल बांध का निर्माण कराया गया था। दोनों प्रांतों के बीच हुए समझौते के तहत मध्यप्रदेश के जनपद छतरपुर को 60 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश के जनपद महोबा को 40 प्रतिशत पानी देने का करार हुुआ था। मंगलवार की रात को मध्यप्रदेश की घाटियों में हुई जबर्दस्त बारिश के चलते उर्मिल बांध में एक मीटर पानी आ गया। बांध में पानी आने से यूपी-एमपी के दोनों जनपद के लोग खासे गदगद हैं। खासकर किसान खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं।
गौरतलब है कि महोबा जनपद में एक माह में सिर्फ एक दिन बारिश हुई। जिससे यहां पर सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। तालाब और मझगवां, कबरई बांध सूखे पड़े हैं। जिससे कबरई, खन्ना में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है लेकिन मंगलवार की रात को मध्यप्रदेश के जनपद छतरपुर में हुई झमाझम बारिश से उर्मिल बांध पानी से लहलहाने लगा है जबकि महोबा जनपद के तालाब बारिश न होने से खुद प्यासे हैं।
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उर्मिल बांध से होती महोबा जनपद में सिंचाई
उर्मिल बांध से दो जिलों के गांव में नहरों के जरिए खेतों में सिंचाई की जाती है और महोबा जिला मुख्यालय, श्रीनगर, सिजहरी गांव में पानी की आपूर्ति की जाती है। इस साल गर्मी के मौसम में उर्मिल बांध का पानी तलहटी में पहुंच गया था। जिससे नाला बनाकर इंटेकवेल तक पानी लाया गया था। अब बांध में जलस्तर बढ़ जाने से जिले में पानी की समस्या से भी लोगों को निजात मिलेगी।
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वर्ष 1978 में यूपी-एमपी की सरहद पर उर्मिल बांध का निर्माण कराया गया था। दोनों प्रांतों के बीच हुए समझौते के तहत मध्यप्रदेश के जनपद छतरपुर को 60 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश के जनपद महोबा को 40 प्रतिशत पानी देने का करार हुुआ था। मंगलवार की रात को मध्यप्रदेश की घाटियों में हुई जबर्दस्त बारिश के चलते उर्मिल बांध में एक मीटर पानी आ गया। बांध में पानी आने से यूपी-एमपी के दोनों जनपद के लोग खासे गदगद हैं। खासकर किसान खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं।
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गौरतलब है कि महोबा जनपद में एक माह में सिर्फ एक दिन बारिश हुई। जिससे यहां पर सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। तालाब और मझगवां, कबरई बांध सूखे पड़े हैं। जिससे कबरई, खन्ना में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है लेकिन मंगलवार की रात को मध्यप्रदेश के जनपद छतरपुर में हुई झमाझम बारिश से उर्मिल बांध पानी से लहलहाने लगा है जबकि महोबा जनपद के तालाब बारिश न होने से खुद प्यासे हैं।
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उर्मिल बांध से होती महोबा जनपद में सिंचाई
उर्मिल बांध से दो जिलों के गांव में नहरों के जरिए खेतों में सिंचाई की जाती है और महोबा जिला मुख्यालय, श्रीनगर, सिजहरी गांव में पानी की आपूर्ति की जाती है। इस साल गर्मी के मौसम में उर्मिल बांध का पानी तलहटी में पहुंच गया था। जिससे नाला बनाकर इंटेकवेल तक पानी लाया गया था। अब बांध में जलस्तर बढ़ जाने से जिले में पानी की समस्या से भी लोगों को निजात मिलेगी।