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Mahoba News: बारिश से चिंता में डूबे किसान, सड़ने लगी मूंगफली की फसल
Sun, 05 Oct 2025 12:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sun, 05 Oct 2025 12:34 AM IST
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फोटो 04 एमएएचपी 10 परिचय-अरघटमऊ गांव में किसान महेश चतुर्वेदी के खेत में भरे पानी से सड़ रही मू
महोबा। बारिश ने मूंगफली की पैदावार करने वाले किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में जलभराव होने से फसल सड़ने की कगार पर पहुंच गई है। कई खेतों में तैयार हो चुकी मूंगफली लगातार बारिश से अंकुरित होने लगी है। ऐसे में बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों को अब लागत निकलना भी मुश्किल नजर आ रहा है।
इस वर्ष की बारिश ने 30 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। खरीफ सीजन में अतिवृष्टि से 50 फीसदी खेतों में बोआई ही नहीं हुई। जिन किसानों ने उड़द-मूंग की फसल बोई, वह बारिश में बर्बाद हो गई। अब खेतों में तैयार हो रही एकमात्र बची मूंगफली की फसल जमीन के अंदर ही अंकुरित होने लगी है। ऐसे में यदि मौसम साफ नहीं हुआ तो मूंगफली की फसल खेत पर ही सड़ने का खतरा पैदा हो जाएगा।
अजनर संवाद के अनुसार ब्लाॅक जैतपुर में तीन दिन से हो रही बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में घुटनों तक पानी भरा हुआ है। गांव के किसान जगदीश की लगभग 10 बीघा, बैजनाथ की छह बीघा और सुखनंदी की पांच बीघा के खेत में पानी भर जाने से मूंगफली की फसल खराब हो गई। किसानों ने बताया कि मूंगफली की फसल इस समय पकने की स्थिति में थी लेकिन अचानक हुई भारी बारिश ने सब कुछ नष्ट कर दिया। खेतों में फसल सड़ने लगी है और अब दोबारा बीज बोना भी संभव नहीं रह गया है।
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किसानों ने बयां किया दर्द
20 बीघा मूंगफली में भरा पानी
उन्हाेंनें 25 बीघा खेत में मूंगफली बोई थी। जिसमें पांच बीघा की मूंगफली ही उखड़ी है जबकि शेष पानी में सड़ने लगी है। इससे बड़ा नुकसान हो रहा है।
गोविंददास लोधी, कुलपहाड़
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बारिश से लागत निकालना भी मुश्किल
खेत में मूंगफली बोई थी। लगातार बारिश होने से खेत में जलभराव हो गया। इससे उनकी मूंगफली की फसल डूबकर सड़ रही है। इससे लागत निकलना मुश्किल है।
ब्रजेश चौबे, कुलपहाड़
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मूंगफली की फसल को नुकसान
बारिश से मूंगफली की फसल को भारी नुकसान हुआ है। खेत में पानी भर गया। जिससे पांच बीघा में लगी मूंगफली की फसल खराब हो गई।
डाॅ. कमलेश सोनी, निवासी कुड़ई
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आधी से ज्यादा फसल हुई खराब
उन्होंने अपनी 12 बीघा कृषि भूमि पर मूंगफली की फसल बोई थी। खेत में पानी भरने से आधी से ज्यादा फसल खराब हो गई। यदि मौसम नहीं खुला तो पैदावार घर पहुंचना मुश्किल दिख रहा है।
महेश चतुर्वेदी, अरघटमऊ
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बारिश से पिछड़ी रबी फसल की बोआई
महोबा। बारिश होने से किसान रबी फसल की बोआई नहीं कर पा रहे हैं। रामदयाल, देवीदीन, प्रमोद आदि किसानों का कहना है कि देरी से बोआई का खामियाजा किसानों को उत्पादन में गिरावट के रूप में भुगतना पड़ेगा। फसल 10 से 15 फीसदी कम हो सकती है। पिछले तीन दिन से बारिश का दौर जारी है। मौसम साफ और धूप न होने से तमाम खेत बोआई के लिए तैयार नहीं हो पाए। अक्तूबर के प्रथम सप्ताह तक दलहन व तिलहन बोआई हो जाना चाहिए लेकिन बारिश देर तक होने से कई खेतों में पानी भरा है। ऐसे में खेतों की जोताई भी नहीं हो सकी है। इससे दलहन, तिलहन व गेहूं की बोआई पिछड़ गई है।
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बारिश से मूंगफली को ज्यादा नुकसान नहीं है। फिर भी खेत में नमी ज्यादा रहने से फसल के सड़ने की संभावना है और दाने में फफूंद लग सकती है। यह समय तौरिया, चना व मटर की बोआई का है लेकिन रबी सीजन की बोआई बारिश के चलते 15 दिन पिछड़ गई है। -रामसजीवन, उप निदेशक कृषि महोबा।
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इस वर्ष की बारिश ने 30 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। खरीफ सीजन में अतिवृष्टि से 50 फीसदी खेतों में बोआई ही नहीं हुई। जिन किसानों ने उड़द-मूंग की फसल बोई, वह बारिश में बर्बाद हो गई। अब खेतों में तैयार हो रही एकमात्र बची मूंगफली की फसल जमीन के अंदर ही अंकुरित होने लगी है। ऐसे में यदि मौसम साफ नहीं हुआ तो मूंगफली की फसल खेत पर ही सड़ने का खतरा पैदा हो जाएगा।
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अजनर संवाद के अनुसार ब्लाॅक जैतपुर में तीन दिन से हो रही बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में घुटनों तक पानी भरा हुआ है। गांव के किसान जगदीश की लगभग 10 बीघा, बैजनाथ की छह बीघा और सुखनंदी की पांच बीघा के खेत में पानी भर जाने से मूंगफली की फसल खराब हो गई। किसानों ने बताया कि मूंगफली की फसल इस समय पकने की स्थिति में थी लेकिन अचानक हुई भारी बारिश ने सब कुछ नष्ट कर दिया। खेतों में फसल सड़ने लगी है और अब दोबारा बीज बोना भी संभव नहीं रह गया है।
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किसानों ने बयां किया दर्द
20 बीघा मूंगफली में भरा पानी
उन्हाेंनें 25 बीघा खेत में मूंगफली बोई थी। जिसमें पांच बीघा की मूंगफली ही उखड़ी है जबकि शेष पानी में सड़ने लगी है। इससे बड़ा नुकसान हो रहा है।
गोविंददास लोधी, कुलपहाड़
बारिश से लागत निकालना भी मुश्किल
खेत में मूंगफली बोई थी। लगातार बारिश होने से खेत में जलभराव हो गया। इससे उनकी मूंगफली की फसल डूबकर सड़ रही है। इससे लागत निकलना मुश्किल है।
ब्रजेश चौबे, कुलपहाड़
मूंगफली की फसल को नुकसान
बारिश से मूंगफली की फसल को भारी नुकसान हुआ है। खेत में पानी भर गया। जिससे पांच बीघा में लगी मूंगफली की फसल खराब हो गई।
डाॅ. कमलेश सोनी, निवासी कुड़ई
आधी से ज्यादा फसल हुई खराब
उन्होंने अपनी 12 बीघा कृषि भूमि पर मूंगफली की फसल बोई थी। खेत में पानी भरने से आधी से ज्यादा फसल खराब हो गई। यदि मौसम नहीं खुला तो पैदावार घर पहुंचना मुश्किल दिख रहा है।
महेश चतुर्वेदी, अरघटमऊ
बारिश से पिछड़ी रबी फसल की बोआई
महोबा। बारिश होने से किसान रबी फसल की बोआई नहीं कर पा रहे हैं। रामदयाल, देवीदीन, प्रमोद आदि किसानों का कहना है कि देरी से बोआई का खामियाजा किसानों को उत्पादन में गिरावट के रूप में भुगतना पड़ेगा। फसल 10 से 15 फीसदी कम हो सकती है। पिछले तीन दिन से बारिश का दौर जारी है। मौसम साफ और धूप न होने से तमाम खेत बोआई के लिए तैयार नहीं हो पाए। अक्तूबर के प्रथम सप्ताह तक दलहन व तिलहन बोआई हो जाना चाहिए लेकिन बारिश देर तक होने से कई खेतों में पानी भरा है। ऐसे में खेतों की जोताई भी नहीं हो सकी है। इससे दलहन, तिलहन व गेहूं की बोआई पिछड़ गई है।
बारिश से मूंगफली को ज्यादा नुकसान नहीं है। फिर भी खेत में नमी ज्यादा रहने से फसल के सड़ने की संभावना है और दाने में फफूंद लग सकती है। यह समय तौरिया, चना व मटर की बोआई का है लेकिन रबी सीजन की बोआई बारिश के चलते 15 दिन पिछड़ गई है। -रामसजीवन, उप निदेशक कृषि महोबा।

फोटो 04 एमएएचपी 10 परिचय-अरघटमऊ गांव में किसान महेश चतुर्वेदी के खेत में भरे पानी से सड़ रही मू