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खराब फसल के साथ किसानों का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Tue, 03 Jan 2017 11:09 PM IST
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खराब फसल के साथ प्रदर्शन करते किसान।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सूखा, अतिवर्षा और ओलावृष्टि जैसी दैवीय आपदाओं के बाद अब किसानों की फसल विभिन्न रोगों का शिकार हो रही है। खेतों में चना, मटर व मसूर की फसल में इल्ली तथा माहू का प्रकोप बढ़ जाने से फसल बर्बाद हो रही है।
मंगलवार को किसानों ने खेतों में खराब हुई फसल के साथ प्रदर्शन किया। तहसीलदार के सामने खराब फसल रखकर मुआवजा दिलाने की मांग की।
गौरतलब है कि तीन वर्ष के भीषण सूखे ने बुंदेलखंड के किसानों की कमर तोड़कर दी थी।
इस दफा बेहतर बारिश हुई तो किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई और उन्होंने खेतों में चना, मटर, सरसाें, गेहूं व मसूर आदि की फसल बोई। खेतों में खड़ी फसल को जहां अन्ना जानवर चट कर रहे है। किसान रात भर जागकर किसी तरह फसलों की रखवाली कर रहे है।
इस समय फसल में सूड़ी, इल्ली और मांहू का प्रकोप बढ़ गया है। इससे खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो रही है।मंगलवार को ग्राम कनेरा, इमलिया डांग, गुढ़ा, चरखारी आदि गांवों के दर्जनों किसानों ने खराब फसल लेकर तहसील में प्रदर्शन किया।
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बाद में किसानों ने तहसीलदार सौरभ पांडेय के सामने खराब फसल दिखाई। किसान हरीशंकर, दलपत, भूपसिंह, दिलीप, सूरजभान, रामबाबू, मदनपाल, उमाशंकर, मदनसिंह आदि ने बताया कि इस वर्ष उन्हें फसल में बेहतर उत्पादन की थी।
बैंक कर्ज अदा करने के साथ पुत्रियों के हाथ पीले करने की उम्मीदों पर अब पानी फिर रहा है। उन्होंने कीटों के प्रकोप से बर्बाद हुई फसल का सर्वें कराकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
मंगलवार को किसानों ने खेतों में खराब हुई फसल के साथ प्रदर्शन किया। तहसीलदार के सामने खराब फसल रखकर मुआवजा दिलाने की मांग की।
गौरतलब है कि तीन वर्ष के भीषण सूखे ने बुंदेलखंड के किसानों की कमर तोड़कर दी थी।
इस दफा बेहतर बारिश हुई तो किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई और उन्होंने खेतों में चना, मटर, सरसाें, गेहूं व मसूर आदि की फसल बोई। खेतों में खड़ी फसल को जहां अन्ना जानवर चट कर रहे है। किसान रात भर जागकर किसी तरह फसलों की रखवाली कर रहे है।
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इस समय फसल में सूड़ी, इल्ली और मांहू का प्रकोप बढ़ गया है। इससे खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो रही है।मंगलवार को ग्राम कनेरा, इमलिया डांग, गुढ़ा, चरखारी आदि गांवों के दर्जनों किसानों ने खराब फसल लेकर तहसील में प्रदर्शन किया।
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बाद में किसानों ने तहसीलदार सौरभ पांडेय के सामने खराब फसल दिखाई। किसान हरीशंकर, दलपत, भूपसिंह, दिलीप, सूरजभान, रामबाबू, मदनपाल, उमाशंकर, मदनसिंह आदि ने बताया कि इस वर्ष उन्हें फसल में बेहतर उत्पादन की थी।
बैंक कर्ज अदा करने के साथ पुत्रियों के हाथ पीले करने की उम्मीदों पर अब पानी फिर रहा है। उन्होंने कीटों के प्रकोप से बर्बाद हुई फसल का सर्वें कराकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।